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Lakhimpur Kheri News: नए साल में दो महीने का ज्येष्ठ माह, मकर संक्रांति में नहीं कोई बदलाव
Sun, 04 Jan 2026 12:25 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 04 Jan 2026 12:25 AM IST
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बांकेगंज। नववर्ष 2026 अधिकमास वाला साल होगा। इसमें आठ साल बाद दो ज्येष्ठ माह होंगे। पिछली बार अधिमास में दो सावन पड़े थे। इस तरह यह साल 13 महीने का होगा।
छोटी काशी गोला के ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया अधिकमास को पुरूषोत्तम माह भी कहते हैं। इस साल शुरूआत के छह महीने में त्योहार पिछले साल से 10 दिन पहले पडेंगे। इसलिए इस साल होली 10 दिन पहले चार मार्च को पड़ेगी और दिवाली पिछले साल की अपेक्षा 17 दिन देरी से आठ नवंबर को मनाई जाएगी। अधिकमास (ज्येष्ठ माह) 17 मई से 15 जून तक रहेगा। पूरे साल में होली,दिवाली,नवरात्र आदि त्योहारों की तिथियां घटने के साथ बढेंगी इस साल मांगलिक कार्य 4 फरवरी से शुरू हाेंगे। विवाह के मुहूर्त भी इसी दिन से शुरू होंगे।
अधिकमास का प्रभाव 19 मार्च से शुरू होगा। मकर संक्रांति 14 जनवरी को है। तीन जनवरी को माघी पूर्णिमा, छह को गणेश चतुर्थी, 18 को मौनी अमावस्या और 23 को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। नए साल के राजा बृहस्पति (गुरु) और मंत्री मंगल होंगे। यह साल रौद्र नामक वर्ष के रूप में होगा। लेकिन राजा के गुरु बृहस्पति होने से उथल-पुथल के बीच समन्वय बना रहेगा।
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छोटी काशी गोला के ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया अधिकमास को पुरूषोत्तम माह भी कहते हैं। इस साल शुरूआत के छह महीने में त्योहार पिछले साल से 10 दिन पहले पडेंगे। इसलिए इस साल होली 10 दिन पहले चार मार्च को पड़ेगी और दिवाली पिछले साल की अपेक्षा 17 दिन देरी से आठ नवंबर को मनाई जाएगी। अधिकमास (ज्येष्ठ माह) 17 मई से 15 जून तक रहेगा। पूरे साल में होली,दिवाली,नवरात्र आदि त्योहारों की तिथियां घटने के साथ बढेंगी इस साल मांगलिक कार्य 4 फरवरी से शुरू हाेंगे। विवाह के मुहूर्त भी इसी दिन से शुरू होंगे।
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अधिकमास का प्रभाव 19 मार्च से शुरू होगा। मकर संक्रांति 14 जनवरी को है। तीन जनवरी को माघी पूर्णिमा, छह को गणेश चतुर्थी, 18 को मौनी अमावस्या और 23 को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। नए साल के राजा बृहस्पति (गुरु) और मंत्री मंगल होंगे। यह साल रौद्र नामक वर्ष के रूप में होगा। लेकिन राजा के गुरु बृहस्पति होने से उथल-पुथल के बीच समन्वय बना रहेगा।
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