{"_id":"68c5ad0e293386abb40753f9","slug":"the-issue-of-investigating-and-taking-action-against-the-culprits-and-protecting-the-property-was-raised-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1001-155709-2025-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: जांच कर दोषियों पर कार्रवाई व संपत्ति की रक्षा का उठाया मुद्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: जांच कर दोषियों पर कार्रवाई व संपत्ति की रक्षा का उठाया मुद्दा
Sat, 13 Sep 2025 11:12 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 13 Sep 2025 11:12 PM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। सहकारी गन्ना विकास समिति अरनीखाना के मामले में राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्रीकृष्ण वर्मा ने गन्ना एवं चीनी विकास की प्रमुख सचिव बीना कुमारी मीणा को पंजीकृत पोस्ट से ज्ञापन भेजा है। इसमें जांच, दोषियों पर कार्रवाई करने, मुकदमे की पैरवी व संपत्ति की रक्षा आदि की मांग की गई।
कहा कि शहर के बीचो-बीच महाराज नगर स्थित अरबों की कीमती अरनीखाना समिति का जिला गन्ना अधिकारी की निष्क्रियता के चलते विक्रय कर दिया गया। समिति से संबंधित न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन लखीमपुर में वाद संख्या 1550/2023 चला, जिसमें डीसीओ और सचिव अच्छे लाल भारती ने ठोस सबूत नहीं दिए।
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के संज्ञान में आने पर उनके निर्देश पर समिति के सचिव ने जनपद न्यायाधीश की अदालत में बिना किसी ठोस सबूत के अपील की गई है, जिसमें पराजय का सामना ही करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
कहा कि समिति पर लगा पत्थर छह सितंबर, 1961 में खरीदने की गवाही दे रहा है, जिस पर तत्कालीन डीएम मोहिउद्दीन अहमद, जिला गन्ना अधिकारी पदेन कन्हैया सिंह आदि के नाम हैं। डीसीओ अन्य जिम्मेदारों ने पत्थर पर लिखी तिथि को पट्टा बता रहे हैं। दावा किया कि अरनीखाना गाटा संख्या 647, 648 नॉन जेड ए तहसील अभिलेखों में मुकदमे की वादी चंदेल परिवार के नाम दर्ज न होकर आबादी के रूप में दर्ज है। यदि यह संपत्ति उनकी होती तो उनके नाम ही दर्ज होती।
इस भूमि पर बना सहकारी गन्ना विकास समिति अरनीखाना का भवन नगर पालिका में बतौर मालिक अरनीखाना के नाम दर्ज है, जिसका गृह व जलकर भी समिति जमा करता आ रहा। मामले की उचित जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
कहा कि शहर के बीचो-बीच महाराज नगर स्थित अरबों की कीमती अरनीखाना समिति का जिला गन्ना अधिकारी की निष्क्रियता के चलते विक्रय कर दिया गया। समिति से संबंधित न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन लखीमपुर में वाद संख्या 1550/2023 चला, जिसमें डीसीओ और सचिव अच्छे लाल भारती ने ठोस सबूत नहीं दिए।
विज्ञापन
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के संज्ञान में आने पर उनके निर्देश पर समिति के सचिव ने जनपद न्यायाधीश की अदालत में बिना किसी ठोस सबूत के अपील की गई है, जिसमें पराजय का सामना ही करना पड़ सकता है।
विज्ञापन
कहा कि समिति पर लगा पत्थर छह सितंबर, 1961 में खरीदने की गवाही दे रहा है, जिस पर तत्कालीन डीएम मोहिउद्दीन अहमद, जिला गन्ना अधिकारी पदेन कन्हैया सिंह आदि के नाम हैं। डीसीओ अन्य जिम्मेदारों ने पत्थर पर लिखी तिथि को पट्टा बता रहे हैं। दावा किया कि अरनीखाना गाटा संख्या 647, 648 नॉन जेड ए तहसील अभिलेखों में मुकदमे की वादी चंदेल परिवार के नाम दर्ज न होकर आबादी के रूप में दर्ज है। यदि यह संपत्ति उनकी होती तो उनके नाम ही दर्ज होती।
इस भूमि पर बना सहकारी गन्ना विकास समिति अरनीखाना का भवन नगर पालिका में बतौर मालिक अरनीखाना के नाम दर्ज है, जिसका गृह व जलकर भी समिति जमा करता आ रहा। मामले की उचित जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।