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Lakhimpur Kheri News: हथिनियों की गश्त से खिसके चारों बाघ, खैरीगढ़ के पास मिली लोकेशन
Wed, 28 Oct 2026 11:35 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:35 PM IST
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क्षेत्र में हाथिनी पर गश्त करती वन विभाग की टीम। स्रोत : वन विभाग
मझगईं। दुधवा नेशनल पार्क से मंगाई गईं डायना और पाखरी नाम की हथिनियों की गश्त के बाद इलाके में दहशत फैलाने वाले चारों बाघ वहां नजर नहीं आए हैं।
वन विभाग के अनुसार, बाघों की ताजा लोकेशन खैरीगढ़ के जंगलों के पास मिली है। एहतियात के तौर पर वनकर्मी गांव-गांव पर्चे बांटकर और पोस्टर लगाकर लोगों को सतर्क कर रहे हैं।
पिछले एक माह से मझगई रेंज के कोलवा फार्म, गुनाखर टांडा और किशुनू टांडा समेत आसपास के गांवों में चार बाघों का झुंड देखा जा रहा था। इस दौरान बाघों ने करीब आधा दर्जन मवेशियों को शिकार बनाया था। ग्रामीणों में इस कदर खौफ था कि लोगों ने घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया था। इलाके में आक्रोश भी लगातार बढ़ रहा था।
बढ़ते तनाव को देखते हुए वन विभाग ने इलाके में 16 ट्रैप कैमरे और दो हाई-मास्ट लाइटें लगाईं। इसके साथ ही दुधवा पार्क से पाखरी और डायना हथिनियों को बुलाकर सोमवार से गांवों और जंगलों के किनारों पर कॉम्बिंग शुरू कराई गई। नियमित गश्त का असर यह रहा कि पिछले तीन दिनों से इलाके में बाघ नजर नहीं आए।
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बुधवार को बाघों की लोकेशन खैरीगढ़ के पास मिलने से ग्रामीणों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है। हालांकि, वन विभाग निगरानी में कोई ढिलाई नहीं बरत रहा है। हाथियों से लगातार गश्त कराई जा रही है और ग्रामीणों को अकेले खेतों की तरफ न जाने की सख्त हिदायत दी जा रही है।
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लगाए गए कैमरों की जांच और हथिनियों से गश्त के दौरान इलाके में बाघों की मौजूदगी नहीं पाई गई है। बाघों का मूवमेंट खैरीगढ़ की तरफ हुआ है, जहां निगरानी के लिए वनकर्मियों की टीम भेज दी गई है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पोस्टर चस्पा करने के साथ घर-घर पर्चे बांटकर जागरूक किया जा रहा है।
-अंकित सिंह, वन क्षेत्रीय अधिकारी
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वन विभाग के अनुसार, बाघों की ताजा लोकेशन खैरीगढ़ के जंगलों के पास मिली है। एहतियात के तौर पर वनकर्मी गांव-गांव पर्चे बांटकर और पोस्टर लगाकर लोगों को सतर्क कर रहे हैं।
पिछले एक माह से मझगई रेंज के कोलवा फार्म, गुनाखर टांडा और किशुनू टांडा समेत आसपास के गांवों में चार बाघों का झुंड देखा जा रहा था। इस दौरान बाघों ने करीब आधा दर्जन मवेशियों को शिकार बनाया था। ग्रामीणों में इस कदर खौफ था कि लोगों ने घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया था। इलाके में आक्रोश भी लगातार बढ़ रहा था।
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बढ़ते तनाव को देखते हुए वन विभाग ने इलाके में 16 ट्रैप कैमरे और दो हाई-मास्ट लाइटें लगाईं। इसके साथ ही दुधवा पार्क से पाखरी और डायना हथिनियों को बुलाकर सोमवार से गांवों और जंगलों के किनारों पर कॉम्बिंग शुरू कराई गई। नियमित गश्त का असर यह रहा कि पिछले तीन दिनों से इलाके में बाघ नजर नहीं आए।
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बुधवार को बाघों की लोकेशन खैरीगढ़ के पास मिलने से ग्रामीणों ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है। हालांकि, वन विभाग निगरानी में कोई ढिलाई नहीं बरत रहा है। हाथियों से लगातार गश्त कराई जा रही है और ग्रामीणों को अकेले खेतों की तरफ न जाने की सख्त हिदायत दी जा रही है।
लगाए गए कैमरों की जांच और हथिनियों से गश्त के दौरान इलाके में बाघों की मौजूदगी नहीं पाई गई है। बाघों का मूवमेंट खैरीगढ़ की तरफ हुआ है, जहां निगरानी के लिए वनकर्मियों की टीम भेज दी गई है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पोस्टर चस्पा करने के साथ घर-घर पर्चे बांटकर जागरूक किया जा रहा है।
-अंकित सिंह, वन क्षेत्रीय अधिकारी