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दर्द की बारिश के बीच उठती रहीं आक्रोश की लपटें
सार
दोनों के शव जब उनके घर पहुंचे तो आंसुओं का सैलाब आ गया। साइड स्टोरी आश्वासन : पीड़ित मां को मिलेगी 16 लाख की मदद, पीएम आवास और नौकरी भी -अभियुक्तों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए फास्टट्रैक कोर्ट में होगी पैरवीसंवाद न्यूज एजेंसीनिघासन। बिंदु संख्या चार में नौकरी और अनुमन्य अन्य आर्थिक सहायता दिलाने के लिए आवेदन प्राप्त कर उचित माध्यम से प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया गया है।
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गांव में पसरा मातम।
विस्तार
दोनों बहनों के घर से अपने मन से जाने की पुलिस की दलील से परिजन नाराज
पंचनामा के दौरान अपनी मर्जी चलाने का भी पुलिस पर लगाया आरोप
निघासन। निघासन में बृहस्पतिवार को सुबह से बारिश हो रही थी। लेकिन कुछ गांवों के लिए यह दर्द बारिश थी। दो बेटियों की मौत पर हर आंखें नम थी। दोनों के शव जब उनके घर पहुंचे तो आंसुओं का सैलाब आ गया। इसके साथ ही अपराधियों और पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा भी सामने आ रहा था।
गांव में रातभर लोग जागते रहे। सुबह घरों में चूल्हे नहीं जले। जिला मुख्यालय से दोपहर करीब एक बजे पुलिस सुरक्षा के बीच दो शव जब एंबुलेंस से नीचे उतरे तो पुलिस को घर के अंदर तक ले जाने में मुश्किल हो गई। मृतका के भाई और पिता फूट-फूटकर रोने लगे। दोनों शव जब घर के बरामदे में रखे जाने लगे तो वहां मौजूद मृतका की मां और अन्य रिश्तेदारों में चीख पुकार मच गई। मृतका की मां रोते-रोते बार बार बेहोश हो जा रही थी, जिन्हें वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मी संभालती दिखीं।
पुलिस की दलील कि दोनों बहनों को आरोपी बहला फुसलाकर ले गए। परिजन इस बात से काफी गुस्से में थे क्योंकि बुधवार को रात मां चीख-चीखकर कह रही थी कि उसकी बेटियों को उसके सामने से दरिंदे खींचकर ले गए। उनका यह भी आरोप था कि बिना पंचनामा के ही मृतका के शव को ले गए। हालांकि पुलिस का कहना है कि परिवार के लोगों के दस्तखत के बाद ही शव को निघासन से ले जाया गया था।
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इस दौरान तेज बारिश के बीच भी ग्रामीणों और राजनीतिक लोगों का आना-जाना लगा रहा। अपने लोगों के बीच में फैसला कर मृतका के पिता और चचेरे भाई ने एक करोड़ का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग की। मुश्किल तब हो गई जब परिजनों ने कहा कि अंतिम संस्कार अगले दिन होगा। बाद में किसी तरह पुलिस ने मनाया।
आश्वासन : पीड़ित मां को मिलेगी 16 लाख की मदद, पीएम आवास और नौकरी भी
अभियुक्तों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए फास्टट्रैक कोर्ट में होगी पैरवी
निघासन। मामले में तहसील प्रशासन ने पीड़ित परिजन को हर संभव मदद दिलाने का लिखित आश्वासन दिया है। निघासन के एसडीएम राजेश कुमार ने पांच बिंदुओं का पत्र जारी किया है।
बिंदु संख्या एक के मुताबिक एससी/एसटी एक्ट के तहत मां को को 16 लाख रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे, जिसकी प्रथम किस्त शुक्रवार को बैंक खाते में भेजी जाएगी। बिंदु संख्या दो के अनुसार रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत अनुमन्य धनराशि मुकदमें की विवेचना की समाप्ति पर तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। बिंदु संख्या तीन में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की कार्रवाई ब्लॉक के माध्यम से की जाएगी। बिंदु संख्या चार में नौकरी और अनुमन्य अन्य आर्थिक सहायता दिलाने के लिए आवेदन प्राप्त कर उचित माध्यम से प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया गया है। बिंदु संख्या पांच में कहा गया है कि घटना में शामिल अभियुक्तों को शीघ्र कठोरतम सजा दिलाने के लिए फास्टट्रैक कोर्ट में पैरवी की जाएगी।
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पंचनामा के दौरान अपनी मर्जी चलाने का भी पुलिस पर लगाया आरोप
निघासन। निघासन में बृहस्पतिवार को सुबह से बारिश हो रही थी। लेकिन कुछ गांवों के लिए यह दर्द बारिश थी। दो बेटियों की मौत पर हर आंखें नम थी। दोनों के शव जब उनके घर पहुंचे तो आंसुओं का सैलाब आ गया। इसके साथ ही अपराधियों और पुलिस के खिलाफ लोगों का गुस्सा भी सामने आ रहा था।
गांव में रातभर लोग जागते रहे। सुबह घरों में चूल्हे नहीं जले। जिला मुख्यालय से दोपहर करीब एक बजे पुलिस सुरक्षा के बीच दो शव जब एंबुलेंस से नीचे उतरे तो पुलिस को घर के अंदर तक ले जाने में मुश्किल हो गई। मृतका के भाई और पिता फूट-फूटकर रोने लगे। दोनों शव जब घर के बरामदे में रखे जाने लगे तो वहां मौजूद मृतका की मां और अन्य रिश्तेदारों में चीख पुकार मच गई। मृतका की मां रोते-रोते बार बार बेहोश हो जा रही थी, जिन्हें वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मी संभालती दिखीं।
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पुलिस की दलील कि दोनों बहनों को आरोपी बहला फुसलाकर ले गए। परिजन इस बात से काफी गुस्से में थे क्योंकि बुधवार को रात मां चीख-चीखकर कह रही थी कि उसकी बेटियों को उसके सामने से दरिंदे खींचकर ले गए। उनका यह भी आरोप था कि बिना पंचनामा के ही मृतका के शव को ले गए। हालांकि पुलिस का कहना है कि परिवार के लोगों के दस्तखत के बाद ही शव को निघासन से ले जाया गया था।
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इस दौरान तेज बारिश के बीच भी ग्रामीणों और राजनीतिक लोगों का आना-जाना लगा रहा। अपने लोगों के बीच में फैसला कर मृतका के पिता और चचेरे भाई ने एक करोड़ का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग की। मुश्किल तब हो गई जब परिजनों ने कहा कि अंतिम संस्कार अगले दिन होगा। बाद में किसी तरह पुलिस ने मनाया।
आश्वासन : पीड़ित मां को मिलेगी 16 लाख की मदद, पीएम आवास और नौकरी भी
अभियुक्तों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए फास्टट्रैक कोर्ट में होगी पैरवी
निघासन। मामले में तहसील प्रशासन ने पीड़ित परिजन को हर संभव मदद दिलाने का लिखित आश्वासन दिया है। निघासन के एसडीएम राजेश कुमार ने पांच बिंदुओं का पत्र जारी किया है।
बिंदु संख्या एक के मुताबिक एससी/एसटी एक्ट के तहत मां को को 16 लाख रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे, जिसकी प्रथम किस्त शुक्रवार को बैंक खाते में भेजी जाएगी। बिंदु संख्या दो के अनुसार रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत अनुमन्य धनराशि मुकदमें की विवेचना की समाप्ति पर तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। बिंदु संख्या तीन में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाने की कार्रवाई ब्लॉक के माध्यम से की जाएगी। बिंदु संख्या चार में नौकरी और अनुमन्य अन्य आर्थिक सहायता दिलाने के लिए आवेदन प्राप्त कर उचित माध्यम से प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया गया है। बिंदु संख्या पांच में कहा गया है कि घटना में शामिल अभियुक्तों को शीघ्र कठोरतम सजा दिलाने के लिए फास्टट्रैक कोर्ट में पैरवी की जाएगी।