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Lakhimpur Kheri News: लेनदेन के विवाद में हुई थी व्यापारी की हत्या
Mon, 08 Jul 2024 05:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 08 Jul 2024 05:16 AM IST
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व्यापारी हत्याकांड में पकड़े गए सात आरोपियों के साथ बरामद कार-स्रोत पुलिस
लखीमपुर खीरी। संपूर्णानगर के भानपुर खजुरिया में हार्डवेयर व्यापारी कृष्ण कुमार उर्फ बबलू सेठी की हत्या लेनदेन के विवाद में हुई थी। हत्या के बाद बदमाशों ने घर में लूटपाट भी की। शनिवार को पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए सात अभियुक्तों को जेल भेज दिया। इनमें एक नेपाल का रहने वाला है। अभियुक्तों से दो लाख भारतीय रुपये और 48 हजार की नेपाली मुद्रा के साथ कार और अन्य सामान बरामद किया गया है।
कृष्ण कुमार की 29-30 जून की रात में हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने बनियान, तौलिया व चादर से उनके मुंह, हाथ और पैर बांध दिए थे। घर का सामान भी बिखरा हुआ मिला था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर घर में काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की। छानबीन के बाद रविवार को खीरी पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया।
एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि पीलीभीत के बाजारघाट के रहने वाले बलजिंदर सिंह का व्यापारी से लेनदेन था। वह उनके घर भी आता था। रुपये मांगे जाने और बदनामी के डर से बलजिंदर सिंह ने मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के गांव राधना निवासी शहजाद अली उर्फ बबलू के साथ मिलकर व्यापारी की हत्या करने की योजना बनाई। बलजिंदर ने इसके बदले हत्या करने वाले सभी लोगों को रुपये देने का शहजाद को लालच दिया। इसके बाद शहजाद ने बलजिंदर को बचाते घटना को अंजाम देने का ताना-बाना बुना। उसने गैंग में पीलीभीत के हजारा निवासी जसविंदर सिंह व राज सिंह उर्फ राजू, मेरठ के ग्राम टाटरगंज सिंघाडा निवासी लखविंदर सिंह, गाजियाबाद के विजयनगर निवासी करनवीर सिंह व नेपाल के महेंद्रनगर निवासी राम सिंह को शामिल कर लिया। सभी ने व्यापारी की गला दबाकर हत्या कर दी और जेवर व नकदी लूटकर भाग गए।
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ऐसे हुआ खुलासा
घटना के बाद आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में पुलिस के हाथ पीले रंग की नंबर प्लेट की एक टैक्सी गाड़ी गुजरने का सुराग लगा। पुलिस इस गाड़ी की तलाश में जुट गई थी। उधर, सर्विलांस टीम भी व्यापारी से बातचीत का डाटा खंगाल रही थी। तार जुड़ते गए और पुलिस ने गाड़ी को बरामद कर घटना का खुलासा कर दिया। पकड़े गए आरोपियों पर पहले से ही कई जिलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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सामने नहीं आना चाहता था बलजिंदर
व्यापारी की हत्या को लूट दिखाने की योजना भले बलजिंदर ने बनाई, लेकिन वह सामने नहीं आना चाहता था। यही वजह है कि बलजिंदर ने मिलने वाली रकम, आभूषण शहजाद को अपने साथियों संग आपस में बांट लेने को कह दिया था। घर में नकदी, जेवरात कहां रखे हैं, इस बात की जानकारी बलजिंदर को पहले से थी। मगर उसने व्यापारी की जान निकल जाने के बाद ही शहजाद को बताया।
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26 जून को भी हत्या का किया था असफल प्रयास
व्यापारी कृष्ण कुमार की हत्या की वारदात को अंजाम देने को सातों आरोपियों ने 26 जून की रात भी कोशिश की थी। तब वे असफल रहे थे। शहजाद नेपाल के रामसिंह को व्यापारी के घर में लाखों की नेपाली मुद्रा होने का लालच देकर लाया था।
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कृष्ण कुमार की 29-30 जून की रात में हत्या कर दी गई थी। हत्यारों ने बनियान, तौलिया व चादर से उनके मुंह, हाथ और पैर बांध दिए थे। घर का सामान भी बिखरा हुआ मिला था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर घर में काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ की। छानबीन के बाद रविवार को खीरी पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया।
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एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि पीलीभीत के बाजारघाट के रहने वाले बलजिंदर सिंह का व्यापारी से लेनदेन था। वह उनके घर भी आता था। रुपये मांगे जाने और बदनामी के डर से बलजिंदर सिंह ने मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के गांव राधना निवासी शहजाद अली उर्फ बबलू के साथ मिलकर व्यापारी की हत्या करने की योजना बनाई। बलजिंदर ने इसके बदले हत्या करने वाले सभी लोगों को रुपये देने का शहजाद को लालच दिया। इसके बाद शहजाद ने बलजिंदर को बचाते घटना को अंजाम देने का ताना-बाना बुना। उसने गैंग में पीलीभीत के हजारा निवासी जसविंदर सिंह व राज सिंह उर्फ राजू, मेरठ के ग्राम टाटरगंज सिंघाडा निवासी लखविंदर सिंह, गाजियाबाद के विजयनगर निवासी करनवीर सिंह व नेपाल के महेंद्रनगर निवासी राम सिंह को शामिल कर लिया। सभी ने व्यापारी की गला दबाकर हत्या कर दी और जेवर व नकदी लूटकर भाग गए।
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ऐसे हुआ खुलासा
घटना के बाद आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में पुलिस के हाथ पीले रंग की नंबर प्लेट की एक टैक्सी गाड़ी गुजरने का सुराग लगा। पुलिस इस गाड़ी की तलाश में जुट गई थी। उधर, सर्विलांस टीम भी व्यापारी से बातचीत का डाटा खंगाल रही थी। तार जुड़ते गए और पुलिस ने गाड़ी को बरामद कर घटना का खुलासा कर दिया। पकड़े गए आरोपियों पर पहले से ही कई जिलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
सामने नहीं आना चाहता था बलजिंदर
व्यापारी की हत्या को लूट दिखाने की योजना भले बलजिंदर ने बनाई, लेकिन वह सामने नहीं आना चाहता था। यही वजह है कि बलजिंदर ने मिलने वाली रकम, आभूषण शहजाद को अपने साथियों संग आपस में बांट लेने को कह दिया था। घर में नकदी, जेवरात कहां रखे हैं, इस बात की जानकारी बलजिंदर को पहले से थी। मगर उसने व्यापारी की जान निकल जाने के बाद ही शहजाद को बताया।
26 जून को भी हत्या का किया था असफल प्रयास
व्यापारी कृष्ण कुमार की हत्या की वारदात को अंजाम देने को सातों आरोपियों ने 26 जून की रात भी कोशिश की थी। तब वे असफल रहे थे। शहजाद नेपाल के रामसिंह को व्यापारी के घर में लाखों की नेपाली मुद्रा होने का लालच देकर लाया था।