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शीत लहर से कांपी तराई, तेज हवा के साथ 10.4 मिलीमीटर हुई बारिश
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गर्म कपड़ों में लिपटकर ठंड से बचाव की कोशिश।
लगातार सर्द हवाएं चलने से तापमान में गिरावट जारी
लखीमपुर खीरी। वर्ष 2021 के अंतिम दिनों में मौसम अपने तीखे तेवर दिखा रहा है। मंगलवार की रात तेज हवा के साथ कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश होने के साथ ही बुधवार को भी दिन भर बूंदाबांदी होती रही। बादल छाए रहने से बुधवार को भी सूरज के दर्शन नहीं हुए है। वहीं सर्द हवाओं का दौर जारी है, जिससे गलन और बढ़ गई है। यह शीतलहर बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों पर भारी पड़ रही है। मौसम खराब होने से बुधवार को आम जनजीवन अस्तव्यस्त रहा।
बर्फीली हवाएं चलने से ठंड इस कदर बढ़ गई है कि लोग दिन में भी अलाव तापते नजर आए। बीमार और बुजुर्ग दिन भर रजाइयों में दुबके रहे। आम तौर से सामान्य लोग भी जरूरी काम से ही बाहर निकले। अधिकांश लोग घरों पर ही रहे। बुधवार सुबह आठ बजे जिले में कुल वर्षा 10.4 मिमी रिकार्ड की गई है जो औसत वर्षा से करीब चार गुना ज्यादा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 05 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
पलियाकलां। बीती देर रात से शुरू हुई बारिश सुबह तक होती रही। सुबह मौसम खुलने के आसार नजर आए लेकिन उसके बाद फिर काले बादल छा गए और दिनभर बूंदाबांदी होने से ठंड बढ़ गई है। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा वहीं दुकानदार भी दुकानों के बाहर अलाव तापते नजर आए। साप्ताहिक बाजार होने के कारण सब्जी मंडी में कुछ ही दुकानें लगीं। जिनपर भी एकआध ही ग्राहक नजर आए।
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शीतलहर बढ़ने की चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि अगले दो तीन दिन में सर्द हवाओं का दौर जारी रहेगा। जिले में घना कोहरा पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता के अनुसार, बृहस्पतिवार को भी बादल छाए रहेंगे। जिले के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। तापमान में अभी और गिरावट होने की संभावना है। शीतलहर की से अभी आने वाले चार पांच दिनों तक निजात मिलने की संभावना नहीं है।
लखीमपुर में पिछले पांच दिनों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
24 दिसंबर 23 डिग्री 19 डिग्री
25 दिसंबर 19 डिग्री 08 डिग्री
26 दिसंबर 24 डिग्री 10 डिग्री
27 दिसंबर 23 डिग्री 12 डिग्री
28 दिसंबर 19 डिग्री 06 डिग्री
फसलों के लिए अमृत साबित होगी शीतकालीन बरसात
सर्दी के इस मौसम में हो रही बरसात गेहूं, सरसों, मटर, मसूर, गन्ना समेत सभी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। निघासन के किसान राम कुमार मौर्य, बांकेगंज के किसान सुनील भार्गव, विपिन शर्मा बिजुआ के किसान अचल मिश्र, कुलवंत सिंह, पलिया के राधाकृष्ण और मितौली के किसान रामनरेश का कहना है कि यह बरसात सभी फसलों के लिए फायदेमंद है बशर्ते ओले न गिरें और तेज हवाएं न चलें। जिन लोगों ने एक दो दिन पहले गेहूं बोया है उनको आर्थिक क्षति हो सकती है।
ओले और तेज हवा पहुंचा सकती है
लाही, सरसों और गन्ने को नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र जमुनाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहेल का कहना है कि इस मौसम में होने वाली बारिश से रबी फसल जैसे गेहूं, चना, मटर, मसूर को बेहद फायदा होगा। इस मौसम की बारिश में ओले गिरने की भी आशंका रहती है। यदि ओले गिरे और तेज हवाएं चलीं तो फसलों खासकर लाही, सरसों और गन्ने को नुकसान हो सकता है। बारिश के बाद किसान अपनी फसलों में एक लीटर पानी में दो ग्राम सल्फर घोलकर छिड़काव कर सकते हैं।
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लखीमपुर खीरी। वर्ष 2021 के अंतिम दिनों में मौसम अपने तीखे तेवर दिखा रहा है। मंगलवार की रात तेज हवा के साथ कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश होने के साथ ही बुधवार को भी दिन भर बूंदाबांदी होती रही। बादल छाए रहने से बुधवार को भी सूरज के दर्शन नहीं हुए है। वहीं सर्द हवाओं का दौर जारी है, जिससे गलन और बढ़ गई है। यह शीतलहर बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों पर भारी पड़ रही है। मौसम खराब होने से बुधवार को आम जनजीवन अस्तव्यस्त रहा।
बर्फीली हवाएं चलने से ठंड इस कदर बढ़ गई है कि लोग दिन में भी अलाव तापते नजर आए। बीमार और बुजुर्ग दिन भर रजाइयों में दुबके रहे। आम तौर से सामान्य लोग भी जरूरी काम से ही बाहर निकले। अधिकांश लोग घरों पर ही रहे। बुधवार सुबह आठ बजे जिले में कुल वर्षा 10.4 मिमी रिकार्ड की गई है जो औसत वर्षा से करीब चार गुना ज्यादा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 05 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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पलियाकलां। बीती देर रात से शुरू हुई बारिश सुबह तक होती रही। सुबह मौसम खुलने के आसार नजर आए लेकिन उसके बाद फिर काले बादल छा गए और दिनभर बूंदाबांदी होने से ठंड बढ़ गई है। बाजार में सन्नाटा पसरा रहा वहीं दुकानदार भी दुकानों के बाहर अलाव तापते नजर आए। साप्ताहिक बाजार होने के कारण सब्जी मंडी में कुछ ही दुकानें लगीं। जिनपर भी एकआध ही ग्राहक नजर आए।
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शीतलहर बढ़ने की चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि अगले दो तीन दिन में सर्द हवाओं का दौर जारी रहेगा। जिले में घना कोहरा पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता के अनुसार, बृहस्पतिवार को भी बादल छाए रहेंगे। जिले के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। तापमान में अभी और गिरावट होने की संभावना है। शीतलहर की से अभी आने वाले चार पांच दिनों तक निजात मिलने की संभावना नहीं है।
लखीमपुर में पिछले पांच दिनों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
दिनांक अधिकतम न्यूनतम
24 दिसंबर 23 डिग्री 19 डिग्री
25 दिसंबर 19 डिग्री 08 डिग्री
26 दिसंबर 24 डिग्री 10 डिग्री
27 दिसंबर 23 डिग्री 12 डिग्री
28 दिसंबर 19 डिग्री 06 डिग्री
फसलों के लिए अमृत साबित होगी शीतकालीन बरसात
सर्दी के इस मौसम में हो रही बरसात गेहूं, सरसों, मटर, मसूर, गन्ना समेत सभी फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। निघासन के किसान राम कुमार मौर्य, बांकेगंज के किसान सुनील भार्गव, विपिन शर्मा बिजुआ के किसान अचल मिश्र, कुलवंत सिंह, पलिया के राधाकृष्ण और मितौली के किसान रामनरेश का कहना है कि यह बरसात सभी फसलों के लिए फायदेमंद है बशर्ते ओले न गिरें और तेज हवाएं न चलें। जिन लोगों ने एक दो दिन पहले गेहूं बोया है उनको आर्थिक क्षति हो सकती है।
ओले और तेज हवा पहुंचा सकती है
लाही, सरसों और गन्ने को नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र जमुनाबाद के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहेल का कहना है कि इस मौसम में होने वाली बारिश से रबी फसल जैसे गेहूं, चना, मटर, मसूर को बेहद फायदा होगा। इस मौसम की बारिश में ओले गिरने की भी आशंका रहती है। यदि ओले गिरे और तेज हवाएं चलीं तो फसलों खासकर लाही, सरसों और गन्ने को नुकसान हो सकता है। बारिश के बाद किसान अपनी फसलों में एक लीटर पानी में दो ग्राम सल्फर घोलकर छिड़काव कर सकते हैं।