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Lakhimpur Kheri News: गन्ना सीजन करीब, सड़कों की मरम्मत के दावे दूर
Thu, 29 Oct 2026 10:51 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 29 Oct 2026 10:51 PM IST
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मझगई से चौखड़ा फार्म जाने वाला जर्जर डामर मार्ग
लखीमपुर खीरी। गन्ना सीजन करीब है, लेकिन सड़कों की बदहाली दूर करने की तैयारियां जमीन पर नजर नहीं आ रहीं। चीनी मिलों तक पहुंचने वाले रास्तों पर कहीं गड्ढों का जाल है तो कहीं बाढ़ का पानी राह रोके है।
23 किलोमीटर में 80 से अधिक गड्ढे और तीन साल से अधूरा बरवर-अजबापुर मार्ग व्यवस्था के दावों की हकीकत बयां कर रहे हैं। ऐसे में गन्ना ढुलाई शुरू होने से पहले सड़कें दुरुस्त होंगी या किसानों को बदहाल रास्तों पर जूझना पड़ेगा? जर्जर मार्गों पर गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों की आवाजाही मुश्किल होगी। हादसों का खतरा भी बना रहेगा।
मनिकापुर तिराहा-मोहम्मदी मार्ग पर गड्ढों की भरमार है। भदूरा से सिंकदराबाद होते हुए कुंभी चीनी मिल तक जाने वाले 23 किलोमीटर लंबे रास्ते पर 80 से अधिक गड्ढे हैं। इस मार्ग पर आए दिन वाहन पलटते हैं। अक्तूबर में 10 दिन के भीतर तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, लखीमपुर से मोहम्मदी मार्ग का 89 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कराया जा रहा है। बारिश के कारण काम बंद हो गया था, जो अब फिर शुरू हो गया है।
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अमीरनगर क्षेत्र में राजगढ़-परसपुर मार्ग जर्जर है। इस क्षेत्र का गन्ना कुंभी चीनी मिल जाता है। पलिया-निघासन हाईवे की हालत भी खराब है। मझगईं-चौखड़ा फार्म मार्ग के साथ चौरी, बनघुसरी, कोठिया, नौगवां और खालेपुरवा के रास्तों पर सैकड़ों गड्ढे हैं।
संसारपुर क्षेत्र का भीखमपुर-मोठीखेड़ा मार्ग करीब 25 वर्ष पहले जिला पंचायत ने बनवाया था। अब यह पूरी तरह टूट चुका है। गन्ना सीजन में इस रास्ते से डनलप और ट्रॉलियां ले जाने में परेशानी होती है। बेहजम क्षेत्र का गन्ना हरगांव चीनी मिल जाता है। बरसात से अल्लीपुर-मूड़ाधामू का 12 किलोमीटर लंबा मार्ग भी काफी जर्जर हो गया है। इस मार्ग पर मूड़ाधामू, पिपरा उद्यान और रुकनापुर समेत एक दर्जन से अधिक गांव पड़ते हैं।
गोविंद शुगर मिल ऐरा जाने वाले दोनों मार्ग जर्जर हैं। मिल के पास से बेहटा और फूलपुर गुनिया जाने वाले रास्तों की मरम्मत नहीं होने से गन्ना ढुलाई में परेशानी होगी। मिल प्रबंधन ने पीडब्ल्यूडी को स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
बरवर-अजबापुर चीनी मिल मार्ग 11 किलोमीटर लंबा है और काफी जर्जर है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तीन साल पहले इसका निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। निर्माण लागत बढ़ने से काम अटकने की बात सामने आई। पहले इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट था, जो अब बढ़कर 19 करोड़ रुपये हो गया है। इस मार्ग पर भौंनापुर, गलरई, सेमराजनीपुर, ककराही, रसूलपुर और भानपुर समेत कई गांव हैं।
निघासन, बिजुआ और पलिया क्षेत्र की सड़कें भी काफी जर्जर हैं। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग खंड-3 के अधिशासी अभियंता अनिल यादव से बात की गई तो उन्होंने इस बारे में कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया।
जलभराव के कारण 30 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा
बिजुआ क्षेत्र का इमलिया फार्म-जगदेवपुर मार्ग बाढ़ के पानी में डूबा है। इस छह किलोमीटर लंबे मार्ग से मटैहिया, मझौरा, कचनारा, दौलतापुर, इमलिया फार्म और जंगल नंबर-5 समेत कई गांवों के किसान गुलरिया चीनी मिल तक गन्ना ले जाते हैं। जलभराव के कारण रास्ता बंद होने से किसानों को 30 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
पलियाकलां का देवीपुर-पट्टीहन मार्ग भी बाढ़ के पानी से बदहाल हो गया है। निघासन क्षेत्र में रकेहटी से बजरंगगढ़, हरीपुरवा, कोलापुरवा, झोलहूपुरवा, रंगईपुरवा, चिड़ीमारनपुरवा, हथियाबोझ, राजपुर, बाबागंज और डंडूरी समेत कई गांवों के मुख्य मार्ग पर जलभराव से सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। कुछ हिस्सों में अब भी पानी भरा है।
मिलों के संचालन की संभावित तारीखें घोषित
जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि चीनी मिलों के संचालन की संभावित तारीखें घोषित हो चुकी हैं। ऐरा चीनी मिल 31 अक्तूबर, अजबापुर तीन नवंबर, गुलरिया पांच नवंबर, गोला और खंभारखेड़ा 10 नवंबर, पलिया और बेलराया 15 नवंबर तथा संपूर्णानगर चीनी मिल 16 नवंबर को शुरू होने की संभावित तिथि है।
पिछले सीजन में हादसों में गईं जानें
पिछले गन्ना पेराई सत्र में धौरहरा क्षेत्र के देवीपुरवा गन्ना केंद्र से गन्ना लेकर ट्रक गोविंद मिल ऐरा जा रहा था। टेगनहा गांव में ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था। उसके नीचे दबने से तीन बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि एक घायल हुआ था।
मोहम्मदी क्षेत्र में बोलेरो पर ट्रक पलटने से एक युवक की मौत हुई थी। वहीं, मोहम्मदी क्षेत्र के गुलरिया परवसत नगर गन्ना क्रय केंद्र से कुंभी चीनी मिल जा रहा ट्रक सुआताली मोड़ पर स्कूल वाहन पर पलट गया था। इस हादसे में 19 वर्षीय छात्र की मौत हुई थी।
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निर्माण लागत बढ़ने से काम समय पर पूरा नहीं हो पाया। भारत सरकार से नया बजट मिलने के बाद निर्माण दोबारा शुरू करा दिया गया है। फिलहाल काम चल रहा है। सड़क को 31 मार्च, 2027 तक पूरा कराने का लक्ष्य है और इसे समय से पूरा करा लिया जाएगा।
- प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
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सड़कों की मरम्मत के लिए संबंधित अधिकारियों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद चीनी मिलों तक जाने वाले मार्ग बदहाल हैं तो संबंधित विभागों से जवाब तलब किया जाएगा।
-बृजेश कुमार त्रिपाठी, एडीएम
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23 किलोमीटर में 80 से अधिक गड्ढे और तीन साल से अधूरा बरवर-अजबापुर मार्ग व्यवस्था के दावों की हकीकत बयां कर रहे हैं। ऐसे में गन्ना ढुलाई शुरू होने से पहले सड़कें दुरुस्त होंगी या किसानों को बदहाल रास्तों पर जूझना पड़ेगा? जर्जर मार्गों पर गन्ने से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों की आवाजाही मुश्किल होगी। हादसों का खतरा भी बना रहेगा।
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मनिकापुर तिराहा-मोहम्मदी मार्ग पर गड्ढों की भरमार है। भदूरा से सिंकदराबाद होते हुए कुंभी चीनी मिल तक जाने वाले 23 किलोमीटर लंबे रास्ते पर 80 से अधिक गड्ढे हैं। इस मार्ग पर आए दिन वाहन पलटते हैं। अक्तूबर में 10 दिन के भीतर तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, लखीमपुर से मोहम्मदी मार्ग का 89 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कराया जा रहा है। बारिश के कारण काम बंद हो गया था, जो अब फिर शुरू हो गया है।
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अमीरनगर क्षेत्र में राजगढ़-परसपुर मार्ग जर्जर है। इस क्षेत्र का गन्ना कुंभी चीनी मिल जाता है। पलिया-निघासन हाईवे की हालत भी खराब है। मझगईं-चौखड़ा फार्म मार्ग के साथ चौरी, बनघुसरी, कोठिया, नौगवां और खालेपुरवा के रास्तों पर सैकड़ों गड्ढे हैं।
संसारपुर क्षेत्र का भीखमपुर-मोठीखेड़ा मार्ग करीब 25 वर्ष पहले जिला पंचायत ने बनवाया था। अब यह पूरी तरह टूट चुका है। गन्ना सीजन में इस रास्ते से डनलप और ट्रॉलियां ले जाने में परेशानी होती है। बेहजम क्षेत्र का गन्ना हरगांव चीनी मिल जाता है। बरसात से अल्लीपुर-मूड़ाधामू का 12 किलोमीटर लंबा मार्ग भी काफी जर्जर हो गया है। इस मार्ग पर मूड़ाधामू, पिपरा उद्यान और रुकनापुर समेत एक दर्जन से अधिक गांव पड़ते हैं।
गोविंद शुगर मिल ऐरा जाने वाले दोनों मार्ग जर्जर हैं। मिल के पास से बेहटा और फूलपुर गुनिया जाने वाले रास्तों की मरम्मत नहीं होने से गन्ना ढुलाई में परेशानी होगी। मिल प्रबंधन ने पीडब्ल्यूडी को स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
बरवर-अजबापुर चीनी मिल मार्ग 11 किलोमीटर लंबा है और काफी जर्जर है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तीन साल पहले इसका निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। निर्माण लागत बढ़ने से काम अटकने की बात सामने आई। पहले इसके लिए 10 करोड़ रुपये का बजट था, जो अब बढ़कर 19 करोड़ रुपये हो गया है। इस मार्ग पर भौंनापुर, गलरई, सेमराजनीपुर, ककराही, रसूलपुर और भानपुर समेत कई गांव हैं।
निघासन, बिजुआ और पलिया क्षेत्र की सड़कें भी काफी जर्जर हैं। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग खंड-3 के अधिशासी अभियंता अनिल यादव से बात की गई तो उन्होंने इस बारे में कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया।
जलभराव के कारण 30 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा
बिजुआ क्षेत्र का इमलिया फार्म-जगदेवपुर मार्ग बाढ़ के पानी में डूबा है। इस छह किलोमीटर लंबे मार्ग से मटैहिया, मझौरा, कचनारा, दौलतापुर, इमलिया फार्म और जंगल नंबर-5 समेत कई गांवों के किसान गुलरिया चीनी मिल तक गन्ना ले जाते हैं। जलभराव के कारण रास्ता बंद होने से किसानों को 30 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
पलियाकलां का देवीपुर-पट्टीहन मार्ग भी बाढ़ के पानी से बदहाल हो गया है। निघासन क्षेत्र में रकेहटी से बजरंगगढ़, हरीपुरवा, कोलापुरवा, झोलहूपुरवा, रंगईपुरवा, चिड़ीमारनपुरवा, हथियाबोझ, राजपुर, बाबागंज और डंडूरी समेत कई गांवों के मुख्य मार्ग पर जलभराव से सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है। कुछ हिस्सों में अब भी पानी भरा है।
मिलों के संचालन की संभावित तारीखें घोषित
जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि चीनी मिलों के संचालन की संभावित तारीखें घोषित हो चुकी हैं। ऐरा चीनी मिल 31 अक्तूबर, अजबापुर तीन नवंबर, गुलरिया पांच नवंबर, गोला और खंभारखेड़ा 10 नवंबर, पलिया और बेलराया 15 नवंबर तथा संपूर्णानगर चीनी मिल 16 नवंबर को शुरू होने की संभावित तिथि है।
पिछले सीजन में हादसों में गईं जानें
पिछले गन्ना पेराई सत्र में धौरहरा क्षेत्र के देवीपुरवा गन्ना केंद्र से गन्ना लेकर ट्रक गोविंद मिल ऐरा जा रहा था। टेगनहा गांव में ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था। उसके नीचे दबने से तीन बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि एक घायल हुआ था।
मोहम्मदी क्षेत्र में बोलेरो पर ट्रक पलटने से एक युवक की मौत हुई थी। वहीं, मोहम्मदी क्षेत्र के गुलरिया परवसत नगर गन्ना क्रय केंद्र से कुंभी चीनी मिल जा रहा ट्रक सुआताली मोड़ पर स्कूल वाहन पर पलट गया था। इस हादसे में 19 वर्षीय छात्र की मौत हुई थी।
निर्माण लागत बढ़ने से काम समय पर पूरा नहीं हो पाया। भारत सरकार से नया बजट मिलने के बाद निर्माण दोबारा शुरू करा दिया गया है। फिलहाल काम चल रहा है। सड़क को 31 मार्च, 2027 तक पूरा कराने का लक्ष्य है और इसे समय से पूरा करा लिया जाएगा।
- प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
सड़कों की मरम्मत के लिए संबंधित अधिकारियों को पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद चीनी मिलों तक जाने वाले मार्ग बदहाल हैं तो संबंधित विभागों से जवाब तलब किया जाएगा।
-बृजेश कुमार त्रिपाठी, एडीएम

मझगई से चौखड़ा फार्म जाने वाला जर्जर डामर मार्ग

मझगई से चौखड़ा फार्म जाने वाला जर्जर डामर मार्ग