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करवाचौथ पर बन रहे सात महायोग, चंद्रोदय शाम 7:57 बजे
Wed, 28 Oct 2026 11:36 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:36 PM IST
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पं. रामदेव मिश्र शास्त्री।
बांकेगंज। करवाचौथ पर सुहागिनें बृहस्पतिवार को निर्जला व्रत रखकर पति की दीर्घायु, आरोग्य और सौभाग्य की कामना करेंगी। शाम 7:57 बजे चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजन करेंगी और व्रत का पारण करेंगी। इसके साथ कार्तिक मास के व्रत-त्योहारों का शुभारंभ होगा।
छोटी काशी गोला के ज्योतिषाचार्य पं. रामेदव मिश्र शास्त्री ने बताया कि करवाचौथ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाएगा। इस बार वरीयान, परिघ, पंच महापुरुष, बुधादित्य, पाराशरी राजयोग, मालव्य पंच, सरस्वती योग बनने की बात कही गई है।
उन्होंने बताया कि 28 अक्तूबर की शाम 5:31 बजे भद्रा लग गई और बृहस्पतिवार सुबह 4:27 बजे समाप्त हो गई। उनके मुताबिक, भद्रा का व्रत और पूजन पर असर नहीं पड़ेगा। शुक्र के पूर्व दिशा में होने से व्रत फलदायी होगा।
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महिलाएं सोलह शृंगार कर भगवान गणेश, शिव-पार्वती, कार्तिकेय और चंद्रदेव का पूजन करेंगी। चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रत खोलेंगी।
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छोटी काशी गोला के ज्योतिषाचार्य पं. रामेदव मिश्र शास्त्री ने बताया कि करवाचौथ कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चंद्रोदय व्यापिनी चतुर्थी को रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाएगा। इस बार वरीयान, परिघ, पंच महापुरुष, बुधादित्य, पाराशरी राजयोग, मालव्य पंच, सरस्वती योग बनने की बात कही गई है।
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उन्होंने बताया कि 28 अक्तूबर की शाम 5:31 बजे भद्रा लग गई और बृहस्पतिवार सुबह 4:27 बजे समाप्त हो गई। उनके मुताबिक, भद्रा का व्रत और पूजन पर असर नहीं पड़ेगा। शुक्र के पूर्व दिशा में होने से व्रत फलदायी होगा।
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महिलाएं सोलह शृंगार कर भगवान गणेश, शिव-पार्वती, कार्तिकेय और चंद्रदेव का पूजन करेंगी। चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करने के बाद व्रत खोलेंगी।