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Lakhimpur Kheri News: स्क्रब टाइफस के मरीज शून्य, खतरा बरकरार
Sat, 22 Aug 2026 12:47 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 22 Aug 2026 12:47 AM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले में 2026 में अब तक स्क्रब टाइफस का एक भी मरीज सामने नहीं आया है, लेकिन बारिश और लगातार बनी नमी के बीच बीमारी का खतरा बरकरार है। स्वास्थ्य विभाग ने खेतों, झाड़ियों और घास वाले क्षेत्रों में जाने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर ने बताया कि स्क्रब टाइफस संक्रमित माइट्स के काटने से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। इसके शुरुआती लक्षण तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान और शरीर पर लाल चकत्ते हैं। कई बार इसके लक्षण डेंगू और वायरल फीवर जैसे होने से पहचान में देरी हो जाती है। समय पर उपचार न मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
उन्होंने बताया कि खेतों या झाड़ियों में काम करने वाले लोग पूरी बांह के कपड़े पहनें और शरीर को अधिक से अधिक ढककर रखें। बुखार के साथ शरीर पर चकत्ते या अन्य लक्षण दिखें तो लापरवाही न बरतें और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। समय पर जांच और उचित दवा मिलने से स्क्रब टाइफस का इलाज संभव है। स्वास्थ्य विभाग बारिश और नमी के मौसम में सतर्कता पर जोर दे रहा है।
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बीते वर्षों में स्क्रब टाइफस के मरीज
वर्ष
मरीज
2021
7
2022
12
2023
22
2024
13
2025
14
2026 में अब तक
0
नोट : ये आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिए गए हैं।
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जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर ने बताया कि स्क्रब टाइफस संक्रमित माइट्स के काटने से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। इसके शुरुआती लक्षण तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान और शरीर पर लाल चकत्ते हैं। कई बार इसके लक्षण डेंगू और वायरल फीवर जैसे होने से पहचान में देरी हो जाती है। समय पर उपचार न मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।
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उन्होंने बताया कि खेतों या झाड़ियों में काम करने वाले लोग पूरी बांह के कपड़े पहनें और शरीर को अधिक से अधिक ढककर रखें। बुखार के साथ शरीर पर चकत्ते या अन्य लक्षण दिखें तो लापरवाही न बरतें और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। समय पर जांच और उचित दवा मिलने से स्क्रब टाइफस का इलाज संभव है। स्वास्थ्य विभाग बारिश और नमी के मौसम में सतर्कता पर जोर दे रहा है।
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बीते वर्षों में स्क्रब टाइफस के मरीज
वर्ष
मरीज
2021
7
2022
12
2023
22
2024
13
2025
14
2026 में अब तक
0
नोट : ये आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिए गए हैं।