{"_id":"62080a228df79303003491b2","slug":"poster-banner-missing-election-noise-also-stunned-lakhimpur-news-bly4753050173","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोस्टर-बैनर नदारद, लाउड स्पीकर वाला चुनावी शोर भी गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोस्टर-बैनर नदारद, लाउड स्पीकर वाला चुनावी शोर भी गायब
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। पिछले चुनावों के मुकाबले इस बार का विधानसभा चुनाव शांत नजर आ रहा है। कोरोना महामारी के चलते चुनाव प्रचार पर 11 फरवरी तक बंदिशें लगाई गई हैं। तो थोड़ा असर कड़ाके की ठंड, बैमौसम बारिश व आचार संहिता का भी है। चुनाव का सारा दारोमदार अभी सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर शिफ्ट है, जिससे मैदान में सन्नाटा पसरा है।
जनपद में कुल आठ विधानसभा सीटों के लिए 23 फरवरी, 2022 को मतदान होना है, जिसमें अब 11 दिन का समय शेष है। इसके बावजूद चुनावी मैदान पर सन्नाटा है। अभी तक किसी भी दल का कोई बड़ा नेता या स्टार प्रचारक कैंपेनिंग करने नहीं आया है, जिससे माहौल अभी ठंडा बना हुआ है। प्रत्याशी व उनके समर्थक डोर टू डोर जनसंपर्क कर रहे हैं, जिसमें अधिकतम 20 लोग ही शामिल हो सकते हैं। सदर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एक सप्ताह पहले डोर टू डोर चुनाव प्रचार करने के लिए आना था, लेकिन खराब मौसम के चलते उनका हेलीकॉप्टर उतर नहीं सका था। लिहाजा यह कार्यक्रम रद्द हो गया था।
अन्य दलों की ओर से भी अभी तक कोई स्टार प्रचारक नहीं आया है। ऐसे में सिर्फ डोर टू डोर तक चुनाव प्रचार सीमित है। प्रमुख दलों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अभी किसी स्टार प्रचारक का कोई कार्यक्रम जिले में नहीं लग पाया है, जिससे चुनाव प्रचार गति नहीं पकड़ पा रहा। इसका असर चुनाव प्रचार सामग्री की बिक्री पर भी पड़ा है, जिससे चुनाव के दौरान सृजित होने वाले रोजगार के अवसर भी कम रह गए। वाहनों में लाउड स्पीकर लगाकर चुनाव प्रचार करने के तौर-तरीकों में कमी देखी जा रही है। आचार संहिता के चलते प्रत्याशी भी खुलकर खर्च नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद में कुल आठ विधानसभा सीटों के लिए 23 फरवरी, 2022 को मतदान होना है, जिसमें अब 11 दिन का समय शेष है। इसके बावजूद चुनावी मैदान पर सन्नाटा है। अभी तक किसी भी दल का कोई बड़ा नेता या स्टार प्रचारक कैंपेनिंग करने नहीं आया है, जिससे माहौल अभी ठंडा बना हुआ है। प्रत्याशी व उनके समर्थक डोर टू डोर जनसंपर्क कर रहे हैं, जिसमें अधिकतम 20 लोग ही शामिल हो सकते हैं। सदर विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एक सप्ताह पहले डोर टू डोर चुनाव प्रचार करने के लिए आना था, लेकिन खराब मौसम के चलते उनका हेलीकॉप्टर उतर नहीं सका था। लिहाजा यह कार्यक्रम रद्द हो गया था।
विज्ञापन
अन्य दलों की ओर से भी अभी तक कोई स्टार प्रचारक नहीं आया है। ऐसे में सिर्फ डोर टू डोर तक चुनाव प्रचार सीमित है। प्रमुख दलों से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अभी किसी स्टार प्रचारक का कोई कार्यक्रम जिले में नहीं लग पाया है, जिससे चुनाव प्रचार गति नहीं पकड़ पा रहा। इसका असर चुनाव प्रचार सामग्री की बिक्री पर भी पड़ा है, जिससे चुनाव के दौरान सृजित होने वाले रोजगार के अवसर भी कम रह गए। वाहनों में लाउड स्पीकर लगाकर चुनाव प्रचार करने के तौर-तरीकों में कमी देखी जा रही है। आचार संहिता के चलते प्रत्याशी भी खुलकर खर्च नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन