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ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच एक ही बिस्तर का मुसाफिर कर रहे उपयोग
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रैन बसेरे में रात गुजारते राहगीर।
नगर पालिका के दोनों रैन बसेरों पर सैनिटाइजेशन की कोई व्यवस्था नहीं
लखीमपुर खीरी। ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच रैन बसेरों में मुसाफिर एक ही बिस्तर का उपयोग कर रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन ने इन बिस्तरों को न तो सैनिटाइज करने की व्यवस्था की हुई है और न ही आने वाले लोगों का तापमान ही जांचा जा रहा है। ऐसे में यदि संक्रमण फैलता तो मरीज को ट्रेस करने में काफी मुश्किल होगी।
शासन के निर्देश पर नगर पालिका ने रोडवेज बस स्टेशन और हीरालाल धर्मशाला के निकट ओवरब्रिज के नीचे रैन बसेरा बनवाया है। रोडवेज पर जहां पर 10 से 12 लोगों के रुकने की व्यवस्था है तो वहीं ओवरब्रिज वाले रैन बसेरे में 25 से 30 मुसाफिर रुक सकते हैं। दोनों जगहों पर चारपाई के साथ रजाई और गद्दे की व्यवस्था है। ऐसे में लोग सर्दी से तो अपना बचाव कर सकेंगे, लेकिन कोरोना से बच पाना नामुमकिन होगा, क्योंकि रैन बसेरे में न तो बिस्तर बदलते हैं और न ही उनका सैनिटाइजेशन होता है।
रैन बसेरे में रात गुजराने वालों को वहीं बिस्तर मिलता है जो एक दिन पहले उपयोग हो चुका होता है। ऐसे में संक्रमित के रुकने के बाद उसका बिस्तर उपयोग करने वाले का संक्रमण से बच पाना मुश्किल है। हालांकि ओवरब्रिज वाले रैन बसेरे में तापमान चेक करने का इंतजाम है, लेकिन रोडवेज बस अड्डे पर वह भी नहीं।
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पिछले पांच दिन में रात गुजारने वालों की संख्या
तारीख ओवर ब्रिज रोडवेज बस अड्डा
22 दिसंबर 32 आठ
21 दिसंबर 17 छह
20 दिसंबर 25 12
19 दिसंबर 18 आठ
18 दिसंबर 29 10
कोरोना संक्रमण को लेकर रैन बसेरे में जिन लोगों की ड्यूटी लगाई गई है उन्हें बेहद अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। तापमान चेक करने के लिए थर्मल स्कैनर और सैनिटाइजर भी दिया गया है। वहां पर एक आगंतुक रजिस्टर रखा है, जिसमें रात गुजारने वालों का नाम, आधार नंबर और मोबाइल नंबर भी लिखा जाता है, जिससे विषम परिस्थितियों में कौन रुक कर गया इस पता लगाया जा सके।
- आरआर अंबेष, अधिशासी अधिकारी
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लखीमपुर खीरी। ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे के बीच रैन बसेरों में मुसाफिर एक ही बिस्तर का उपयोग कर रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन ने इन बिस्तरों को न तो सैनिटाइज करने की व्यवस्था की हुई है और न ही आने वाले लोगों का तापमान ही जांचा जा रहा है। ऐसे में यदि संक्रमण फैलता तो मरीज को ट्रेस करने में काफी मुश्किल होगी।
शासन के निर्देश पर नगर पालिका ने रोडवेज बस स्टेशन और हीरालाल धर्मशाला के निकट ओवरब्रिज के नीचे रैन बसेरा बनवाया है। रोडवेज पर जहां पर 10 से 12 लोगों के रुकने की व्यवस्था है तो वहीं ओवरब्रिज वाले रैन बसेरे में 25 से 30 मुसाफिर रुक सकते हैं। दोनों जगहों पर चारपाई के साथ रजाई और गद्दे की व्यवस्था है। ऐसे में लोग सर्दी से तो अपना बचाव कर सकेंगे, लेकिन कोरोना से बच पाना नामुमकिन होगा, क्योंकि रैन बसेरे में न तो बिस्तर बदलते हैं और न ही उनका सैनिटाइजेशन होता है।
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रैन बसेरे में रात गुजराने वालों को वहीं बिस्तर मिलता है जो एक दिन पहले उपयोग हो चुका होता है। ऐसे में संक्रमित के रुकने के बाद उसका बिस्तर उपयोग करने वाले का संक्रमण से बच पाना मुश्किल है। हालांकि ओवरब्रिज वाले रैन बसेरे में तापमान चेक करने का इंतजाम है, लेकिन रोडवेज बस अड्डे पर वह भी नहीं।
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पिछले पांच दिन में रात गुजारने वालों की संख्या
तारीख ओवर ब्रिज रोडवेज बस अड्डा
22 दिसंबर 32 आठ
21 दिसंबर 17 छह
20 दिसंबर 25 12
19 दिसंबर 18 आठ
18 दिसंबर 29 10
कोरोना संक्रमण को लेकर रैन बसेरे में जिन लोगों की ड्यूटी लगाई गई है उन्हें बेहद अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। तापमान चेक करने के लिए थर्मल स्कैनर और सैनिटाइजर भी दिया गया है। वहां पर एक आगंतुक रजिस्टर रखा है, जिसमें रात गुजारने वालों का नाम, आधार नंबर और मोबाइल नंबर भी लिखा जाता है, जिससे विषम परिस्थितियों में कौन रुक कर गया इस पता लगाया जा सके।
- आरआर अंबेष, अधिशासी अधिकारी