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पार्क कर्मियों के सामने आया बाघ, फायर किया तो भागा
अमर उजाला ब्यूरो मझगई।
Updated Wed, 24 Aug 2016 10:03 PM IST
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बाघ्ा
- फोटो : अमर उजाला
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इलाके में फैली बाघ की दहशत, एक तेंदुआ भी फैला रहा दहशत
भगवंतनगर गुलरा में बाघ और तेंदुए का खौफ बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार की शाम गांव में घुसे तेंदुए को भगाकर वापस चौकी जा रहे पार्क कर्मियों के सामने बाघ के आ जाने से उनकी हालत खराब हो गई। हिम्मत कर जब उन्होंने फायर किया तब बाघ गन्ने के खेतों में चला गया। पार्क कर्मियों ने गांव वालों को चेतावनी दी है कि वे अकेले न जाएं।
गौरतलब है कि क्षेत्र के गांव मटेहिया, गुलरा टांडा, भगवंतनगर के ग्रामीणों को एक सप्ताह से रोजाना कहीं न कहीं बाघ के दीदार हो रहे हैं और दूसरी तरफ एक तेंदुआ भी आतंक का पर्याय बना हुआ है। तेंदुआ अभी तक बंदर, चीतल और बालगोविंद की बकरी को अपना निवाला बना चुका है। इसके साथ कई घरों में घुस चुका है। मंगलवार शाम करीब पांच बजे गांव निवासी लालता के घर के पास तेंदुआ आ जाने से हड़कंप मच गया। सूचना पाकर बाइक से पहुंचे पार्क के दरोगा बीरबहादुर सिंह और उमाशंकर पाल ने लोगों के सहयोग से तेंदुए को गांव से जंगल की ओर खदेड़ा। तेंदुए को भगाकर पार्क कर्मी वापस चौकी जा रहे थे तभी रास्ते पर बाघ पर नजर पड़ते ही दोनों पार्क कर्मी हक्के-बक्के रह गए। हवाई फायर कर बाघ को रास्ते से हटाया गया और हाथियों से कांबिंग की। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि गांव के आसपास एक बाघिन और तेंदुआ दिखाई पड़ रहा है। गांव वालों को चेतावनी दी गई है कि खेतों तरफ अकेले न जाएं।
भगवंतनगर गुलरा में बाघ और तेंदुए का खौफ बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार की शाम गांव में घुसे तेंदुए को भगाकर वापस चौकी जा रहे पार्क कर्मियों के सामने बाघ के आ जाने से उनकी हालत खराब हो गई। हिम्मत कर जब उन्होंने फायर किया तब बाघ गन्ने के खेतों में चला गया। पार्क कर्मियों ने गांव वालों को चेतावनी दी है कि वे अकेले न जाएं।
गौरतलब है कि क्षेत्र के गांव मटेहिया, गुलरा टांडा, भगवंतनगर के ग्रामीणों को एक सप्ताह से रोजाना कहीं न कहीं बाघ के दीदार हो रहे हैं और दूसरी तरफ एक तेंदुआ भी आतंक का पर्याय बना हुआ है। तेंदुआ अभी तक बंदर, चीतल और बालगोविंद की बकरी को अपना निवाला बना चुका है। इसके साथ कई घरों में घुस चुका है। मंगलवार शाम करीब पांच बजे गांव निवासी लालता के घर के पास तेंदुआ आ जाने से हड़कंप मच गया। सूचना पाकर बाइक से पहुंचे पार्क के दरोगा बीरबहादुर सिंह और उमाशंकर पाल ने लोगों के सहयोग से तेंदुए को गांव से जंगल की ओर खदेड़ा। तेंदुए को भगाकर पार्क कर्मी वापस चौकी जा रहे थे तभी रास्ते पर बाघ पर नजर पड़ते ही दोनों पार्क कर्मी हक्के-बक्के रह गए। हवाई फायर कर बाघ को रास्ते से हटाया गया और हाथियों से कांबिंग की। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक परियोजना अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि गांव के आसपास एक बाघिन और तेंदुआ दिखाई पड़ रहा है। गांव वालों को चेतावनी दी गई है कि खेतों तरफ अकेले न जाएं।
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