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ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टा कारोबार का विरोध
लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 27 Feb 2016 07:42 PM IST
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अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (बंसल गुट) ने प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में महंगाई का मूल कारण सट्टा व्यापार (वायदा), ऑन लाइन ट्रेडिंग, तिहरी जीएसटी, दो लाख की खरीद-बिक्री पर पेनकार्ड की अनिवार्यता, खुदरा में एकल ब्रांड तथा विदेशी निवेश की अनुमति को बताया।
प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मचंद्र जैन ने कहा कि जिस व्यापारी से वसूली की जानी है, उसे जीएसटी की पूरी जानकारी नहीं दी गई है और न ही उनकी राय ली गई है। जीएसटी की जटिल प्रक्रिया में व्यापारी उलझ कर रह जाएगा। छूट वाली वस्तुएं कौन सी होगी, इससे व्यापारियों का उत्पीड़न रुकेगा या नहीं। जरूरी है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग को पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाए। ऑनलाइन कंपनियां व्यापारियों की रोजी-रोटी पर लात मार रही हैं। इससे उद्यमियों और व्यापारियों का व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाएगा। सट्टा (वायदा) कारोबार महंगाई का मूल कारण है। वायदा कारोबार के कारण लाखों व्यापारी, उद्यमी और जन साधारण लोग अपनी सारी पूंजी गंवाकर बर्बाद हो चुके हैं। कइयों ने तो आत्महत्या तक कर ली। जिलाध्यक्ष नरपत जैन ने कहा कि खुदरा, थोक और छोटे उद्योग समाप्त हो रहे हैं। देश में पांच करोड़ खुदरा व्यापारी, 20 करोड़ परिवार सहित करोड़ों लोगों को रोजगार देने का काम करते हैं, उन्हें बचाने के लिए उपरोक्त मांगों पर ध्यान देना होगा।
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प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मचंद्र जैन ने कहा कि जिस व्यापारी से वसूली की जानी है, उसे जीएसटी की पूरी जानकारी नहीं दी गई है और न ही उनकी राय ली गई है। जीएसटी की जटिल प्रक्रिया में व्यापारी उलझ कर रह जाएगा। छूट वाली वस्तुएं कौन सी होगी, इससे व्यापारियों का उत्पीड़न रुकेगा या नहीं। जरूरी है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग को पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाए। ऑनलाइन कंपनियां व्यापारियों की रोजी-रोटी पर लात मार रही हैं। इससे उद्यमियों और व्यापारियों का व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाएगा। सट्टा (वायदा) कारोबार महंगाई का मूल कारण है। वायदा कारोबार के कारण लाखों व्यापारी, उद्यमी और जन साधारण लोग अपनी सारी पूंजी गंवाकर बर्बाद हो चुके हैं। कइयों ने तो आत्महत्या तक कर ली। जिलाध्यक्ष नरपत जैन ने कहा कि खुदरा, थोक और छोटे उद्योग समाप्त हो रहे हैं। देश में पांच करोड़ खुदरा व्यापारी, 20 करोड़ परिवार सहित करोड़ों लोगों को रोजगार देने का काम करते हैं, उन्हें बचाने के लिए उपरोक्त मांगों पर ध्यान देना होगा।
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