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अखबार बांटकर गरीब का बेटा कर रहा पढ़ाई
गोला गोकर्णनाथ
Updated Fri, 09 Oct 2015 06:41 PM IST
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गरीबी में पले बढ़े मुकेश की ख्वाहिश पढ़ लिखकर आफिसर बनने की है। इसलिए वह रोज अखबार बांटकर अपने कमाए पैसों से लालटेन की रोशनी में पढ़ाई कर रहा है। मुकेश की मेहनत पर उसके माता पिता और भाई भी गौरवान्वित हैं।
नगर के रेलवे स्टेशन के सामने भवानीगंज गांव निवासी मुकेश के पिता रामनिवास चीनी मिल में ठेके पर मजदूरी करते हैं। बड़ा भाई शंकरलाल जब 10 और मुकेश पांच वर्ष के थे तो उनकी मां रूपा देवी का स्वर्गवास हो गया। कच्ची गृहस्थी देखकर रामनिवास ने इंदु देवी से विवाह कर लिया। इंदु देवी से रामनिवास के दो बच्चों का जन्म हुआ। इनमें शंकरलाल कृषि उत्पादन मंडी समिति में मजदूरी करता है जबकि उमेश निकटवर्ती गांव हफीजपुर में जूनियर बेसिक विद्यालय में कक्षा पांच और दिनेश कक्षा दो के छात्र हैं।
मुकेश बताता है कि उसका मन शुरू से ही आफिसर बनने का था। गांव में पढ़ाई पूरी कर उसने नगर के कृषक समाज इंटर कॉलेज में कक्षा छह में प्रवेश ले लिया। पहले तो फीस कम होने के कारण पढ़ाई में व्यवधान नहीं हुआ किंतु हाईस्कूल में किताबों और फीस में धन की कमी के कारण वह अखबार बांटने लगा। अखबार बांटने के लिए वह रोज सुबह पांच बजे उठता है। अखबार बेचकर उसे 600 रुपया प्रति माह मिल जाते हैं जिससे वह कॉलेज में फीस जमा करता है और कोचिंग भी जाता है।
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मुकेश ने हाईस्कूल में 82 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। इंटर में उसका लक्ष्य इससे अधिक अंक प्राप्त करने का है।
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नगर के रेलवे स्टेशन के सामने भवानीगंज गांव निवासी मुकेश के पिता रामनिवास चीनी मिल में ठेके पर मजदूरी करते हैं। बड़ा भाई शंकरलाल जब 10 और मुकेश पांच वर्ष के थे तो उनकी मां रूपा देवी का स्वर्गवास हो गया। कच्ची गृहस्थी देखकर रामनिवास ने इंदु देवी से विवाह कर लिया। इंदु देवी से रामनिवास के दो बच्चों का जन्म हुआ। इनमें शंकरलाल कृषि उत्पादन मंडी समिति में मजदूरी करता है जबकि उमेश निकटवर्ती गांव हफीजपुर में जूनियर बेसिक विद्यालय में कक्षा पांच और दिनेश कक्षा दो के छात्र हैं।
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मुकेश बताता है कि उसका मन शुरू से ही आफिसर बनने का था। गांव में पढ़ाई पूरी कर उसने नगर के कृषक समाज इंटर कॉलेज में कक्षा छह में प्रवेश ले लिया। पहले तो फीस कम होने के कारण पढ़ाई में व्यवधान नहीं हुआ किंतु हाईस्कूल में किताबों और फीस में धन की कमी के कारण वह अखबार बांटने लगा। अखबार बांटने के लिए वह रोज सुबह पांच बजे उठता है। अखबार बेचकर उसे 600 रुपया प्रति माह मिल जाते हैं जिससे वह कॉलेज में फीस जमा करता है और कोचिंग भी जाता है।
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मुकेश ने हाईस्कूल में 82 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। इंटर में उसका लक्ष्य इससे अधिक अंक प्राप्त करने का है।