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Lakhimpur Kheri News: पालिकाध्यक्ष बोलीं- मुकदमा कराइए, ईओ चिट्ठी भेज रहे
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लखीमपुर खीरी। नगर पालिका में आउटसोर्सिंग से रखे गए करीब 500 कर्मचारियों का ईपीएफ डकारने के मामले में नगर पालिका अध्यक्ष और ईओ आमने-सामने आ गए हैं। एक तरफ पालिकाध्यक्ष डॉ. इरा फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कह रही हैं, वहीं अधिशाषी अधिकारी इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने ईपीएफ कमिश्नर को पत्र लिखा है।
बीते कई सालों से कार्यरत नगर पालिका कर्मचारी अपना ईपीएफ दिलाने को लेकर डीएम और ईओ से मिन्नतें कर चुके हैं लेकिन अभी तक कहीं से कोई उम्मीद की किरण नहीं दिखाई दे रही है। करीब छह सौ से ज्यादा कर्मचारियों को अब भी बकाया ईपीएफ की आस है।
नगर की सरकार बनने के बाद कर्मचारियों को उम्मीद थी कि शायद अब फंसा हुआ पैसा वापस होगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। चेयरमैन डा. इरा श्रीवास्तव भले ही फर्मों पर एफआईआर दर्ज करवाने के पक्ष में दिखाई दे रही हो लेकिन ईओ इससे कन्नी काटते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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जिस फर्म को जिम्मेदारी मिली, उसी ने ठगा
नगर पालिका में साल 2018 से लेकर 2020 तक साधना सिक्योरिटी नाम की फर्म ने कर्मचारियों का लगभग 45 लाख रुपये का चूना लगाया। वहीं 2020 से लेकर 2022 तक आर्यन ग्रुप ने नगर पालिका के अधिकारियों के मिलकर करीब 65 लाख रुपये का घपला किया। कई सालों तक ईपीएफ की रकम न मिलने की जानकारी भी कर्मचारियों को नहीं दी गई। मामला डीएम महेन्द्र बहादुर सिंह ने संज्ञान में भी डाला गया वहां से भी कर्मचारियों को किसी प्रकार की कोई राहत नहीं मिली। बताया जाता है कि आगामी बोर्ड बैठक में ईपीएफ मामले को लेकर प्रस्ताव पास होगा और तभी संबंधित फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर उनसे वसूली कराई जाएगी।
ईपीएफ घोटाले को लेकर ईओ को दोषी फर्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा जा चुका है। मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराया जा रहा, इसके बारे में वही जानकारी दे सकते हैं।
-डॉ. इरा श्रीवास्तव, अध्यक्ष नगर पालिका
ईपीएफ प्रकरण में अभी मुकदमा दर्ज नहीं कराया है। इस मामले में ईपीएफ कमिश्नर को फिर से पत्र लिखा है। इस प्रकरण को लेकर पालिका अध्यक्ष से भी विचार विमर्श हुआ है, अपने स्तर से देखता हूं।
- ईओ, संजय कुमार
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बीते कई सालों से कार्यरत नगर पालिका कर्मचारी अपना ईपीएफ दिलाने को लेकर डीएम और ईओ से मिन्नतें कर चुके हैं लेकिन अभी तक कहीं से कोई उम्मीद की किरण नहीं दिखाई दे रही है। करीब छह सौ से ज्यादा कर्मचारियों को अब भी बकाया ईपीएफ की आस है।
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नगर की सरकार बनने के बाद कर्मचारियों को उम्मीद थी कि शायद अब फंसा हुआ पैसा वापस होगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। चेयरमैन डा. इरा श्रीवास्तव भले ही फर्मों पर एफआईआर दर्ज करवाने के पक्ष में दिखाई दे रही हो लेकिन ईओ इससे कन्नी काटते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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जिस फर्म को जिम्मेदारी मिली, उसी ने ठगा
नगर पालिका में साल 2018 से लेकर 2020 तक साधना सिक्योरिटी नाम की फर्म ने कर्मचारियों का लगभग 45 लाख रुपये का चूना लगाया। वहीं 2020 से लेकर 2022 तक आर्यन ग्रुप ने नगर पालिका के अधिकारियों के मिलकर करीब 65 लाख रुपये का घपला किया। कई सालों तक ईपीएफ की रकम न मिलने की जानकारी भी कर्मचारियों को नहीं दी गई। मामला डीएम महेन्द्र बहादुर सिंह ने संज्ञान में भी डाला गया वहां से भी कर्मचारियों को किसी प्रकार की कोई राहत नहीं मिली। बताया जाता है कि आगामी बोर्ड बैठक में ईपीएफ मामले को लेकर प्रस्ताव पास होगा और तभी संबंधित फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर उनसे वसूली कराई जाएगी।
ईपीएफ घोटाले को लेकर ईओ को दोषी फर्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कहा जा चुका है। मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कराया जा रहा, इसके बारे में वही जानकारी दे सकते हैं।
-डॉ. इरा श्रीवास्तव, अध्यक्ष नगर पालिका
ईपीएफ प्रकरण में अभी मुकदमा दर्ज नहीं कराया है। इस मामले में ईपीएफ कमिश्नर को फिर से पत्र लिखा है। इस प्रकरण को लेकर पालिका अध्यक्ष से भी विचार विमर्श हुआ है, अपने स्तर से देखता हूं।
- ईओ, संजय कुमार