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जच्चा बच्चा की सुरक्षा को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 10 Aug 2016 11:09 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
सूबे की 25 जिलों की महिला डाक्टरों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
डॉक्टरों को लखनऊ में दिया जा रहा प्रशिक्षण
गर्भावस्था और प्रसव के दौरान होनी वाली दिक्कतें कम करके जच्चा बच्चा मृत्यु दर में कमी लाने के लिए लखनऊ में दो दिवसीय कार्यशला शुरू हुई। इसमें डॉक्टरों को प्रसव के दौरान उच्च गुणवत्ता वाली सेवा दिए जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जिले की तीन महिला डॉक्टरों को कार्यशाला में शामिल होने के लिए लखनऊ भेजा गया है।
सीएमओ डॉ. जावेद अहमद ने बताया कि उच्च रक्तचाप और अधिक रक्तस्राव के कारण अधिकतर जच्चा- बच्चा की मौतें हो जाती है, इसलिए जच्चा- बच्चा की मृत्युदर में कमी लाने के लिए लखनऊ में बुधवार से दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई है। जिसमे डॉक्टरों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवा दिए जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही डॉक्टरों को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं, हाई ब्लड प्रेशर और खून की कमी के दौरान सुरक्षित प्रसव कैसे कराया जाए, इसके बारे में भी बताया जाएगा। जिससे इनकी मृत्यु दर में कमी लाए जा सके।
सीएमओ ने बताया कि लखनऊ में शुरू हुई इस कार्यशाला में सूबे के 25 जिलों की महिला डॉक्टरों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, इसके लिए फरधान सीएचसी की डॉ. दलजीत कौर, खमरिया सीएचसी की डॉ. हसमत आरा और फूलबेहड़ सीएचसी की डॉ. प्रकाशिनी को भेजा गया है।
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डॉक्टरों को लखनऊ में दिया जा रहा प्रशिक्षण
गर्भावस्था और प्रसव के दौरान होनी वाली दिक्कतें कम करके जच्चा बच्चा मृत्यु दर में कमी लाने के लिए लखनऊ में दो दिवसीय कार्यशला शुरू हुई। इसमें डॉक्टरों को प्रसव के दौरान उच्च गुणवत्ता वाली सेवा दिए जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जिले की तीन महिला डॉक्टरों को कार्यशाला में शामिल होने के लिए लखनऊ भेजा गया है।
सीएमओ डॉ. जावेद अहमद ने बताया कि उच्च रक्तचाप और अधिक रक्तस्राव के कारण अधिकतर जच्चा- बच्चा की मौतें हो जाती है, इसलिए जच्चा- बच्चा की मृत्युदर में कमी लाने के लिए लखनऊ में बुधवार से दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई है। जिसमे डॉक्टरों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवा दिए जाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही डॉक्टरों को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं, हाई ब्लड प्रेशर और खून की कमी के दौरान सुरक्षित प्रसव कैसे कराया जाए, इसके बारे में भी बताया जाएगा। जिससे इनकी मृत्यु दर में कमी लाए जा सके।
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सीएमओ ने बताया कि लखनऊ में शुरू हुई इस कार्यशाला में सूबे के 25 जिलों की महिला डॉक्टरों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, इसके लिए फरधान सीएचसी की डॉ. दलजीत कौर, खमरिया सीएचसी की डॉ. हसमत आरा और फूलबेहड़ सीएचसी की डॉ. प्रकाशिनी को भेजा गया है।
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