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दो हजार से अधिक डिफाल्टर खातेदार पकड़े गए
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 07 Sep 2015 06:42 PM IST
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उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंकों में बड़े पैमाने पर किसानों के ऋण खातों में हेरफेर कर करोड़ों की धनराशि के गबन का मामला आखिरकार बेपर्दा हो गया हैै। बैंक की मितौली शाखा में बड़े पैमाने पर हुए गबन का मामला सामने आने पर तत्कालीन डीएम गौरव दयाल ने पांच बैैंकों में जांच बैठाई थी, जो अब पूरी हो गई है। करीब दो हजार बैंक खाते डिफाल्टर पाए गए हैं, जिसमें 1900 खातेदार मितौली बैंक शाखा में डिफाल्टर पाए गए हैं। इससे बैंकों के अधिकारियों/कर्मचारियों में खलबली है, क्योंकि एडीएम जल्द ही इस मामले में शासन को रिपोर्ट भेजने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद ही पांच बैंक शाखाओं के पात्र हजारों किसानों की कर्ज माफी का रास्ता साफ हो पाएगा।
सपा सरकार ने किसानों के 50 हजार तक के कर्ज को माफ करने का ऐलान किया था, जिसमें केवल उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के किसानों का कर्जा माफ किया जाना था। जिले में नौ बैंक शाखाएं संचालित हैं, जिसमें चार बैंक शाखा लखीमपुर, बेहजम, शारदानगर और निघासन के समस्त पात्र 18211 किसानों का कर्जा माफ हो चुका है, जबकि मोहम्मदी बैंक शाखा के आंशिक यानी 201 किसानों का कर्जा माफ किया जा चुका है। अब तक कुल 18412 किसानों को 39,31,89,322 रुपये कर्जा माफ हुआ है। जबकि मितौली, गोला, पलिया और धौरहरा के एक भी किसान को कर्जा माफी का लाभ नहीं मिल सका है। इससे 27,580 किसानों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि जांच में फंसे किसानों को अदेय प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पा रहे हैं। इससे दूसरी बैंकों से लोन नहीं मिल पा रहा है।
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ऐसे किया गया घोटाला
कर्जा माफी के लिए बैंकों द्वारा प्रस्तुत की गई सूचियों की जांच सहायक निबंधक सहकारिता द्वारा की गई, जिसमें मितौली बैंक शाखा में बड़े पैमाने पर घोटाला पकड़ में आया था। मसलन एक किसान के नाम पर कई बार लोनिंग कर सब्सिडी का अनुचित लाभ लिया गया है, जो सीधे बैंक अधिकारियों और दलालों की जेब में गया। किसानों को इसकी भनक तक नहीं लगी, जिसमें समाज कल्याण विभाग के ब्लाक स्तरीय अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। तत्कालीन एआर कोआपरेटिव की रिपोर्ट पर डीएम ने एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी।
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शाखा पात्र किसान ऋणमाफी धनराशि
लखीमपुर 5308 10,89,97,140
बेहजम 2968 5,15,78,711
गोला 4102 8,48,16,187
मोहम्मदी 4947 11,39,41,490
निघासन 6211 16,21,63,727
धौरहरा 7441 16,03,40,996
पलिया 3905 9,42,89,360
शारदानगर 3724 6,54,95,205
मितौली 7386 13,88,53,651
कोट...
जांच में काफी खाते गड़बड़ मिले हैं, जिन्हें अलग कर पात्र लाभार्थियों की सूची बनाने के निर्देश एआर कोआपरेटिव को दिए गए हैैं। गड़बड़ पाए गए खातेदार किसानों को कर्जा माफी का लाभ नहीं दिया जाएगा, बल्कि उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। सूची फाइनल होने के बाद कर्जा माफी की प्रक्रिया पूर्ण कराई जाएगी।
-एसपी सिंह, एडीएम
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सपा सरकार ने किसानों के 50 हजार तक के कर्ज को माफ करने का ऐलान किया था, जिसमें केवल उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के किसानों का कर्जा माफ किया जाना था। जिले में नौ बैंक शाखाएं संचालित हैं, जिसमें चार बैंक शाखा लखीमपुर, बेहजम, शारदानगर और निघासन के समस्त पात्र 18211 किसानों का कर्जा माफ हो चुका है, जबकि मोहम्मदी बैंक शाखा के आंशिक यानी 201 किसानों का कर्जा माफ किया जा चुका है। अब तक कुल 18412 किसानों को 39,31,89,322 रुपये कर्जा माफ हुआ है। जबकि मितौली, गोला, पलिया और धौरहरा के एक भी किसान को कर्जा माफी का लाभ नहीं मिल सका है। इससे 27,580 किसानों को तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि जांच में फंसे किसानों को अदेय प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पा रहे हैं। इससे दूसरी बैंकों से लोन नहीं मिल पा रहा है।
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ऐसे किया गया घोटाला
कर्जा माफी के लिए बैंकों द्वारा प्रस्तुत की गई सूचियों की जांच सहायक निबंधक सहकारिता द्वारा की गई, जिसमें मितौली बैंक शाखा में बड़े पैमाने पर घोटाला पकड़ में आया था। मसलन एक किसान के नाम पर कई बार लोनिंग कर सब्सिडी का अनुचित लाभ लिया गया है, जो सीधे बैंक अधिकारियों और दलालों की जेब में गया। किसानों को इसकी भनक तक नहीं लगी, जिसमें समाज कल्याण विभाग के ब्लाक स्तरीय अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। तत्कालीन एआर कोआपरेटिव की रिपोर्ट पर डीएम ने एडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी।
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शाखा पात्र किसान ऋणमाफी धनराशि
लखीमपुर 5308 10,89,97,140
बेहजम 2968 5,15,78,711
गोला 4102 8,48,16,187
मोहम्मदी 4947 11,39,41,490
निघासन 6211 16,21,63,727
धौरहरा 7441 16,03,40,996
पलिया 3905 9,42,89,360
शारदानगर 3724 6,54,95,205
मितौली 7386 13,88,53,651
कोट...
जांच में काफी खाते गड़बड़ मिले हैं, जिन्हें अलग कर पात्र लाभार्थियों की सूची बनाने के निर्देश एआर कोआपरेटिव को दिए गए हैैं। गड़बड़ पाए गए खातेदार किसानों को कर्जा माफी का लाभ नहीं दिया जाएगा, बल्कि उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। सूची फाइनल होने के बाद कर्जा माफी की प्रक्रिया पूर्ण कराई जाएगी।
-एसपी सिंह, एडीएम