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Lakhimpur Kheri News: तलाक की दहलीज से वापस लौटे कई दंपती
Sun, 15 Feb 2026 11:02 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 15 Feb 2026 11:02 PM IST
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महिला थाने में पारिवारिक सुलह समझौते कराती महिला पुलिस। संवाद
लखीमपुर खीरी। कभी छोटी-सी तकरार, तो कभी अहंकार की दीवार... पति-पत्नी के बीच पनपी दूरियां कई बार रिश्तों को तलाक की दहलीज तक ले आती हैं, लेकिन ऐसे नाजुक पलों में महिला थाना और विभिन्न थानों की महिला हेल्प डेस्क कई परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरी हैं।
यहां आने वाले दंपतियों को सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि धैर्य और संवेदनशीलता मिलती है। दोनों पक्षों की बात शांतिपूर्वक सुनी जाती है। आंसुओं, नाराजगी और शिकायतों के बीच संवाद की एक नई शुरुआत कराई जाती है। कई बार पहली बैठक में बात नहीं बनती, तो फिर दूसरी और तीसरी मुलाकात में रिश्तों की गांठें खुलती हैं। हर रविवार को विशेष रूप से वैवाहिक विवादों की सुनवाई की जाती है।
महिला थाना प्रभारी शिल्पी शुक्ला के नेतृत्व में महिला आरक्षी सारिका सिंह चौहान, बबली पवार, सुमन लता और काउंसलर नीति गुप्ता, कुसुम गुप्ता, क्षमा टंडन व कय्यूम जरवानी की टीम संवेदनशीलता से प्रयास कर रही है। हाल ही में आठ पारिवारिक विवादों की सुनवाई में पांच दंपती फिर साथ रहने को राजी हुए।
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चार बच्चों की मां, जो दो वर्षों से मायके में थी, अब अपने घर लौट चुकी है। सात माह से अलग रह रहे दंपती फिर साथ हैं। अंतरजातीय विवाह में आई दरार भी भर गई।इन कोशिशों ने साबित किया है कि जब संवाद जीवित रहता है, तो रिश्ते टूटते नहीं बल्कि संवर जाते हैं। संवाद
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केस 1
चार बच्चों की मां को मिला फिर से घर
खंजनपुर निवासी एक विवाहिता पिछले दो वर्षों से फूलबेहड़ क्षेत्र में स्थित मायके में रह रही थीं। चार बच्चों के पालन-पोषण के लिए उन्हें दूसरों के घरों में काम करना पड़ रहा था। मामला महिला थाने पहुंचा, जहां दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई गई। कई दौर की बातचीत और समझाइश के बाद मतभेद दूर हुए और अब वे अपने परिवार के साथ पुनः रह रही हैं।
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केस 2
सात माह की दूरी हुई समाप्त
दंपती के बीच विवाद के बाद पत्नी हिदायत नगर स्थित मायके में रह रही थीं। महिला थाने में प्रार्थनापत्र दिए जाने पर दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलिंग की गई। कई पेशियों के बाद विवाद सुलझा और अब दोनों पलिया स्थित अपने घर में साथ रह रहे हैं।
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केस 3
अंतरजातीय विवाह में आई दरार भरी
अंतरजातीय विवाह के कुछ समय बाद दंपती में मतभेद बढ़ गए और दोनों अलग रहने लगे। फरधान क्षेत्र के मायके में रह रही विवाहिता की काउंसलिंग कराई गई। समझाइश के बाद अब वह नीमगांव क्षेत्र में स्थित ससुराल में पति के साथ रह रही है।
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केस 4
प्रेम विवाह को मिला नया सहारा
प्रेम विवाह के बाद दंपती में विवाद शुरू हो गया। इस पर महिला अपने पति का घर छोड़कर मैलानी के सुबहानपुर स्थित मायके चली गई। बाद में वह लखनऊ में रहकर नौकरी करने लगीं। उनके दो बच्चों का भविष्य अधर में था। छह माह की दूरी के बाद काउंसलिंग से सुलह हुई और परिवार पुनः एक हो गया।
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पांच दंपतियों के बीच कराई गई सुलह
लखीमपुर खीरी। महिला थाने में रविवार को काउंसलिंग के माध्यम से पांच विवाहित जोड़ों के बीच सुलह कराकर उन्हें साथ विदा किया गया। यह प्रक्रिया प्रभारी निरीक्षक शिल्पी शुक्ला तथा काउंसलर नीति गुप्ता और कय्यूम जरवानी के सहयोग से संपन्न हुई। आठ पारिवारिक विवादों-दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और गृहस्थी से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई की गई। समझाइश और संवाद के बाद पांच दंपतियों ने साथ रहने की सहमति दी, जबकि अन्य मामलों में दोनों पक्षों को विचार के लिए समय दिया गया। संवाद
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यहां आने वाले दंपतियों को सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि धैर्य और संवेदनशीलता मिलती है। दोनों पक्षों की बात शांतिपूर्वक सुनी जाती है। आंसुओं, नाराजगी और शिकायतों के बीच संवाद की एक नई शुरुआत कराई जाती है। कई बार पहली बैठक में बात नहीं बनती, तो फिर दूसरी और तीसरी मुलाकात में रिश्तों की गांठें खुलती हैं। हर रविवार को विशेष रूप से वैवाहिक विवादों की सुनवाई की जाती है।
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महिला थाना प्रभारी शिल्पी शुक्ला के नेतृत्व में महिला आरक्षी सारिका सिंह चौहान, बबली पवार, सुमन लता और काउंसलर नीति गुप्ता, कुसुम गुप्ता, क्षमा टंडन व कय्यूम जरवानी की टीम संवेदनशीलता से प्रयास कर रही है। हाल ही में आठ पारिवारिक विवादों की सुनवाई में पांच दंपती फिर साथ रहने को राजी हुए।
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चार बच्चों की मां, जो दो वर्षों से मायके में थी, अब अपने घर लौट चुकी है। सात माह से अलग रह रहे दंपती फिर साथ हैं। अंतरजातीय विवाह में आई दरार भी भर गई।इन कोशिशों ने साबित किया है कि जब संवाद जीवित रहता है, तो रिश्ते टूटते नहीं बल्कि संवर जाते हैं। संवाद
केस 1
चार बच्चों की मां को मिला फिर से घर
खंजनपुर निवासी एक विवाहिता पिछले दो वर्षों से फूलबेहड़ क्षेत्र में स्थित मायके में रह रही थीं। चार बच्चों के पालन-पोषण के लिए उन्हें दूसरों के घरों में काम करना पड़ रहा था। मामला महिला थाने पहुंचा, जहां दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई गई। कई दौर की बातचीत और समझाइश के बाद मतभेद दूर हुए और अब वे अपने परिवार के साथ पुनः रह रही हैं।
केस 2
सात माह की दूरी हुई समाप्त
दंपती के बीच विवाद के बाद पत्नी हिदायत नगर स्थित मायके में रह रही थीं। महिला थाने में प्रार्थनापत्र दिए जाने पर दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलिंग की गई। कई पेशियों के बाद विवाद सुलझा और अब दोनों पलिया स्थित अपने घर में साथ रह रहे हैं।
केस 3
अंतरजातीय विवाह में आई दरार भरी
अंतरजातीय विवाह के कुछ समय बाद दंपती में मतभेद बढ़ गए और दोनों अलग रहने लगे। फरधान क्षेत्र के मायके में रह रही विवाहिता की काउंसलिंग कराई गई। समझाइश के बाद अब वह नीमगांव क्षेत्र में स्थित ससुराल में पति के साथ रह रही है।
केस 4
प्रेम विवाह को मिला नया सहारा
प्रेम विवाह के बाद दंपती में विवाद शुरू हो गया। इस पर महिला अपने पति का घर छोड़कर मैलानी के सुबहानपुर स्थित मायके चली गई। बाद में वह लखनऊ में रहकर नौकरी करने लगीं। उनके दो बच्चों का भविष्य अधर में था। छह माह की दूरी के बाद काउंसलिंग से सुलह हुई और परिवार पुनः एक हो गया।
पांच दंपतियों के बीच कराई गई सुलह
लखीमपुर खीरी। महिला थाने में रविवार को काउंसलिंग के माध्यम से पांच विवाहित जोड़ों के बीच सुलह कराकर उन्हें साथ विदा किया गया। यह प्रक्रिया प्रभारी निरीक्षक शिल्पी शुक्ला तथा काउंसलर नीति गुप्ता और कय्यूम जरवानी के सहयोग से संपन्न हुई। आठ पारिवारिक विवादों-दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और गृहस्थी से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई की गई। समझाइश और संवाद के बाद पांच दंपतियों ने साथ रहने की सहमति दी, जबकि अन्य मामलों में दोनों पक्षों को विचार के लिए समय दिया गया। संवाद