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चार सगे भाइयों समेत पांच को उम्रकैद, जुर्माना भी
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लखीमपुर खीरी। फुटपाथ पटरी पर चाय और पान की दुकान लगाने वाली महिला की निर्मम हत्या करने के मामले में एडीजे अनिल कुमार ने चार सगे भाइयों सहित पांच हत्याभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, साथ ही सभी पर 27 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी सुनील सिंह तोमर ने बताया लखीमपुर जिला चिकित्सालय गेट पर चाय की गुमटी लगाकर मोहल्ला बहादुरनगर निवासी जगजीत कौर अपने बच्चों के साथ गुजर बसर करती थी। पड़ोस में दुकान लगाने वाले मुकेश दीक्षित और उसके भाइयों को जगजीत कौर का चाय की दुकान लगाना अच्छा नहीं लगता था, इसी रंजिश के चलते मुकेश दीक्षित ने अपने भाइयों के साथ मिलकर साजिश रची। इसमें जगजीत कौर के सौतेले बेटे परमजीत सिंह उर्फ राजू को भी मर्डर प्लान में शामिल कर लिया।
दो जुलाई 2017 को जब जगजीत कौर चाय की दुकान बंद करके महाराज नगर होकर अपने घर बहादुरनगर जा रही थी तभी रेलवे पटरी के किनारे मुकेश दीक्षित, प्रदीप दीक्षित, आदेश, निर्मल दीक्षित और परमजीत सिंह उर्फ राजू निवासी मिर्जापुर थाना फूलबेहड़ ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर जगजीत कौर को मौत के घाट उतार दिया था।
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इस मामले में पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो हत्या में प्रयुक्त तमंचा परमजीत सिंह उर्फ राजू के कब्जे से बरामद हुआ था। अभियोजन की ओर से जगजीत कौर के बेटे रंजीत सिंह, बेटी पुनीत कौर, दीपक शुक्ला, श्री चंद्र द्विवेदी सचिन सिंह, सुनील कुमार सिंह, डॉ वीके वर्मा, नागेश कुमार, विजय कुमार शर्मा की गवाही दर्ज कराई, न्यायाधीश अनिल कुमार सेकंड ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद चारों सगे भाइयों सहित पांच हत्याभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर 27-27 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
महिला के पति जेल में बंद
महिला जगजीत कौर के पति परविंदर सिंह का कत्ल हो गया था, जिस में परमिंदर सिंह के रिश्तेदार चरण सिंह का नाम सामने आया था, बाद में जगजीत कौर ने चरण सिंह से शादी कर ली और चरण सिंह से पैदा हुए बेटे रंजीत और पुत्री पुनीत कौर के साथ रहने लगी थी, इस मुकदमे में चरण सिंह आजीवन कारावास काट रहे हैं। पहले पति से पैदा परमजीत सिंह उर्फ राजू इसी बात से जगजीत कौर से रंजिश रखता था तो वही पड़ोसी दुकानदार मुकेश दीक्षित, प्रदीप दीक्षित, आदेश, निर्मल दीक्षित से जगजीत कौर की मारपीट हो चुकी थी इसी रंजिश में दोनों दुश्मन एक साथ मिलकर जगजीत कौर को मौत के घाट उतार दिया था।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी सुनील सिंह तोमर ने बताया लखीमपुर जिला चिकित्सालय गेट पर चाय की गुमटी लगाकर मोहल्ला बहादुरनगर निवासी जगजीत कौर अपने बच्चों के साथ गुजर बसर करती थी। पड़ोस में दुकान लगाने वाले मुकेश दीक्षित और उसके भाइयों को जगजीत कौर का चाय की दुकान लगाना अच्छा नहीं लगता था, इसी रंजिश के चलते मुकेश दीक्षित ने अपने भाइयों के साथ मिलकर साजिश रची। इसमें जगजीत कौर के सौतेले बेटे परमजीत सिंह उर्फ राजू को भी मर्डर प्लान में शामिल कर लिया।
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दो जुलाई 2017 को जब जगजीत कौर चाय की दुकान बंद करके महाराज नगर होकर अपने घर बहादुरनगर जा रही थी तभी रेलवे पटरी के किनारे मुकेश दीक्षित, प्रदीप दीक्षित, आदेश, निर्मल दीक्षित और परमजीत सिंह उर्फ राजू निवासी मिर्जापुर थाना फूलबेहड़ ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर जगजीत कौर को मौत के घाट उतार दिया था।
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इस मामले में पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो हत्या में प्रयुक्त तमंचा परमजीत सिंह उर्फ राजू के कब्जे से बरामद हुआ था। अभियोजन की ओर से जगजीत कौर के बेटे रंजीत सिंह, बेटी पुनीत कौर, दीपक शुक्ला, श्री चंद्र द्विवेदी सचिन सिंह, सुनील कुमार सिंह, डॉ वीके वर्मा, नागेश कुमार, विजय कुमार शर्मा की गवाही दर्ज कराई, न्यायाधीश अनिल कुमार सेकंड ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद चारों सगे भाइयों सहित पांच हत्याभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर 27-27 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
महिला के पति जेल में बंद
महिला जगजीत कौर के पति परविंदर सिंह का कत्ल हो गया था, जिस में परमिंदर सिंह के रिश्तेदार चरण सिंह का नाम सामने आया था, बाद में जगजीत कौर ने चरण सिंह से शादी कर ली और चरण सिंह से पैदा हुए बेटे रंजीत और पुत्री पुनीत कौर के साथ रहने लगी थी, इस मुकदमे में चरण सिंह आजीवन कारावास काट रहे हैं। पहले पति से पैदा परमजीत सिंह उर्फ राजू इसी बात से जगजीत कौर से रंजिश रखता था तो वही पड़ोसी दुकानदार मुकेश दीक्षित, प्रदीप दीक्षित, आदेश, निर्मल दीक्षित से जगजीत कौर की मारपीट हो चुकी थी इसी रंजिश में दोनों दुश्मन एक साथ मिलकर जगजीत कौर को मौत के घाट उतार दिया था।