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Lakhimpur Kheri News: बरेली से अयोध्या तक पशुपालकों की किस्मत बदलेगा खीरी
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अतिहिमीकृत वीर्य उत्पादन केंद्र का उद्घाटन करते पशुपालन मत्री धर्मपाल सिंह
लखीमपुर खीरी। बरेली से अयोध्या तक के पशुपालक अपनी भैंसों के नस्ली सुधार के साथ दुग्ध उत्पादन भी बढ़ा सकेंगे। इसके लिए बुधवार को मंझरा फार्म में प्रदेश के तीसरी उच्चीकृत सीमेन प्रोसेसिंग लैबोरेटरी का शुभारंभ पशुपालन और दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने किया। प्रदेश में इसके अलावा लखनऊ और हापुड़ में अतिहिमीकृत सीमेन उत्पादन केंद्र हैं।
राजकीय कृषि प्रक्षेत्र मंझरा फार्म में पहले से ही अति हिमीकृत सीमेन उत्पादन केंद्र संचालित था, लेकिन आधुनिक तकनीक के साथ अब इसका उच्चीकरण किया गया है। पशुधन मंत्री ने लैबोरेटरी का निरीक्षण करने के बाद किसानों से कहा कि सरकार ने सीमेन की कीमत को कम करते हुए 100 रुपया प्रति यूनिट कर दिया है। पशुपालक सरकारी योजनाओं से जुड़कर विभिन्न स्तर पर आय दोगुनी कर सकते हैं। कहा कि सरकार किसान, पशुपालकों को मुर्रा भैंसे का सीमेन मुफ्त दे रही है।
कार्यक्रम का संचालन डिप्टी सीईओ डॉ. हनी सक्सेना ने किया। एसीएस डॉ. रजनीश दुबे, डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, विशेष सचिव देवेंद्र पांडेय, शिवसहाय अवस्थी, निदेशक पशुपालन डॉ. इंद्रमणि भी मौजूद रहे।
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नस्ल सुधार की दिशा में मील का पत्थर होगा मंझरा फार्म
अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने कहा कि आज का दिन मंझरा और लखीमपुर के लिए ऐतिहासिक है, जो मील का पत्थर साबित होगा। इस केंद्र में मुर्रा प्रजाति के भैंसों के सीमेन का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा। बरेली से अयोध्या तक नस्ल सुधार के लिए खीरी का यह केंद्र हब बनकर उभरेगा। उन्होंने नंदिनी कृषक समृद्धि योजना सहित पशुपालन विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। कार्यक्रम में यूपीएलडीबी के सीईओ डॉ. नीरज गुप्ता ने कहा कि दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रजनन बढ़ाना होगा। किसानों को कृत्रिम गर्भाधान एवं वर्गीकृत सीमेन का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए पांच कार्यकर्ता सम्मानित
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने अपर मुख्य सचिव (पशुपालन) डॉ. रजनीश दुबे के साथ जिले के प्रगतिशील पशुपालन परमजीत सिंह एवं सीमा देवी को अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए प्रशस्तिपत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कबीना मंत्री ने कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता मैत्री पद पर कार्यरत जदुनाथ, श्रवण कुमार, विवेक सिंह व पशुधन प्रसार अधिकारी राधेश्याम वर्मा व रामगोपाल को उत्कृष्ट कृत्रिम गर्भाधान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं टैबलेट देकर सम्मानित किया। इस मौके पर सीडीओ अनिल कुमार सिंह, जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोमदेव सिंह, डीएफएस मंझरा जगदीश प्रसाद मौजूद रहे।
अति हिमीकृत सीमेन से यह होंगे फायदे
1- दुधारू पशुओं की नस्ल में सुधार होगा
2- दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और पशुपालकों की आय बढ़ेगी
3- पशुओं को बीमारी से बचाया जा सकेगा
4- नर पशुओं में कमी कर मादा पशुओं की संख्या बढ़ाई जा सकेगी
ऐसे होता है उत्पादन और संग्रहण
विशेषज्ञ बताते हैं कि भैंसे का सीमेन लेने के लिए गर्भाधान का कृत्रिम माहौल तैयार किया जाता है। इसके बाद सीमेन संग्रहीत कर -160 डिग्री सेल्सियस तापमान में स्टोर करने के लिए तरल नाइट्रोजन में रखा जाता है। एक बार लिए गए सीमेन से 50 से 200 यूनिट तैयार होती हैं। यह सीमेन प्रदेश पशुधन विकास परिषद को भेजा जाता है। जहां से इसे मांग के अनुसार विभिन्न जिलों को भेजा जाता है। प्रदेश में मंझरा फार्म के अलावा लखनऊ और हापुड़ में भी अतिहिमीकृत सीमेन उत्पादन केंद्र है।
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राजकीय कृषि प्रक्षेत्र मंझरा फार्म में पहले से ही अति हिमीकृत सीमेन उत्पादन केंद्र संचालित था, लेकिन आधुनिक तकनीक के साथ अब इसका उच्चीकरण किया गया है। पशुधन मंत्री ने लैबोरेटरी का निरीक्षण करने के बाद किसानों से कहा कि सरकार ने सीमेन की कीमत को कम करते हुए 100 रुपया प्रति यूनिट कर दिया है। पशुपालक सरकारी योजनाओं से जुड़कर विभिन्न स्तर पर आय दोगुनी कर सकते हैं। कहा कि सरकार किसान, पशुपालकों को मुर्रा भैंसे का सीमेन मुफ्त दे रही है।
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कार्यक्रम का संचालन डिप्टी सीईओ डॉ. हनी सक्सेना ने किया। एसीएस डॉ. रजनीश दुबे, डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, विशेष सचिव देवेंद्र पांडेय, शिवसहाय अवस्थी, निदेशक पशुपालन डॉ. इंद्रमणि भी मौजूद रहे।
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नस्ल सुधार की दिशा में मील का पत्थर होगा मंझरा फार्म
अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने कहा कि आज का दिन मंझरा और लखीमपुर के लिए ऐतिहासिक है, जो मील का पत्थर साबित होगा। इस केंद्र में मुर्रा प्रजाति के भैंसों के सीमेन का संरक्षण और संवर्धन किया जाएगा। बरेली से अयोध्या तक नस्ल सुधार के लिए खीरी का यह केंद्र हब बनकर उभरेगा। उन्होंने नंदिनी कृषक समृद्धि योजना सहित पशुपालन विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया। कार्यक्रम में यूपीएलडीबी के सीईओ डॉ. नीरज गुप्ता ने कहा कि दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रजनन बढ़ाना होगा। किसानों को कृत्रिम गर्भाधान एवं वर्गीकृत सीमेन का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए पांच कार्यकर्ता सम्मानित
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने अपर मुख्य सचिव (पशुपालन) डॉ. रजनीश दुबे के साथ जिले के प्रगतिशील पशुपालन परमजीत सिंह एवं सीमा देवी को अधिक दुग्ध उत्पादन के लिए प्रशस्तिपत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कबीना मंत्री ने कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता मैत्री पद पर कार्यरत जदुनाथ, श्रवण कुमार, विवेक सिंह व पशुधन प्रसार अधिकारी राधेश्याम वर्मा व रामगोपाल को उत्कृष्ट कृत्रिम गर्भाधान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं टैबलेट देकर सम्मानित किया। इस मौके पर सीडीओ अनिल कुमार सिंह, जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोमदेव सिंह, डीएफएस मंझरा जगदीश प्रसाद मौजूद रहे।
अति हिमीकृत सीमेन से यह होंगे फायदे
1- दुधारू पशुओं की नस्ल में सुधार होगा
2- दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और पशुपालकों की आय बढ़ेगी
3- पशुओं को बीमारी से बचाया जा सकेगा
4- नर पशुओं में कमी कर मादा पशुओं की संख्या बढ़ाई जा सकेगी
ऐसे होता है उत्पादन और संग्रहण
विशेषज्ञ बताते हैं कि भैंसे का सीमेन लेने के लिए गर्भाधान का कृत्रिम माहौल तैयार किया जाता है। इसके बाद सीमेन संग्रहीत कर -160 डिग्री सेल्सियस तापमान में स्टोर करने के लिए तरल नाइट्रोजन में रखा जाता है। एक बार लिए गए सीमेन से 50 से 200 यूनिट तैयार होती हैं। यह सीमेन प्रदेश पशुधन विकास परिषद को भेजा जाता है। जहां से इसे मांग के अनुसार विभिन्न जिलों को भेजा जाता है। प्रदेश में मंझरा फार्म के अलावा लखनऊ और हापुड़ में भी अतिहिमीकृत सीमेन उत्पादन केंद्र है।

अतिहिमीकृत वीर्य उत्पादन केंद्र का उद्घाटन करते पशुपालन मत्री धर्मपाल सिंह