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बाघा का पशुओं पर हमला
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ममरी। देवीपुर जंगल बीट के गांव रायपुर में बाघ झाले में घुस गया। उसने पशुओं पर हमला करने की कोशिश की। लोगों ने देखकर शोर मचाया तो बाघ जंगल की ओर चला गया। इससे ग्रामीणों में दहशत है। सूचना पर पहुंचे वन विभाग के कर्मियों ने खेतों में बाघ के पगचिह्न मिलने की पुष्टि की है।
सरदार सुबेक सिंह के अनुसार देवीपुर बीट जंगल से आधा किलोमीटर दूर गांव रायपुर के समीप उनका कृषि फार्म है। वह फार्म पर ही सपरिवार रहते हैं। गुरुवार की रात बाघ जंगल से निकलकर उनके झाले में घुस आया। अंदर बंधे पशुओं पर हमला करने की कोशिश की। बाघ को देखकर भैंसें रंभाने लगीं। कुत्ते भी भौंकने लगे। शोर सुनकर परिवार वाले जाग गए। टॉर्च जलाने पर बाघ उनके गेट के अंदर दरवाजे पर खड़ा दिखा। बाघ को देखकर उनके होश उड़ गए। सब एक साथ शोर मचाने लगे। फिर घर के अंदर आग जलाई। उसके बाद बाघ झाले से निकला। बाघ खेतों से होकर जंगल की ओर चला गया। अगले दिन सुबह गांव वाले भी झाले पर पहुंच गए। सबने बाघ के पैरों के निशान देखे। जिसने भी बाघ के पैरों के निशान देखे, उसके होश उड़ गए। बाघ के जाने के बाद गांव वालों में दहशत का माहौल है। वन विभाग को सूचना मिलने के बाद फॉरेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक राजेश कुमार, बेचेलाल ने मौके पर जाकर देेेखा। उन्होंने झाले में पग चिह्न मिलने की पुष्टि की और बताया कि मामले की सूचना रेंजर को दे दी गई है। झालावासियों और ग्रामीणों को रात में बाघ से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग की ओर से बाघ की निगरानी कराई जा रही है।
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सरदार सुबेक सिंह के अनुसार देवीपुर बीट जंगल से आधा किलोमीटर दूर गांव रायपुर के समीप उनका कृषि फार्म है। वह फार्म पर ही सपरिवार रहते हैं। गुरुवार की रात बाघ जंगल से निकलकर उनके झाले में घुस आया। अंदर बंधे पशुओं पर हमला करने की कोशिश की। बाघ को देखकर भैंसें रंभाने लगीं। कुत्ते भी भौंकने लगे। शोर सुनकर परिवार वाले जाग गए। टॉर्च जलाने पर बाघ उनके गेट के अंदर दरवाजे पर खड़ा दिखा। बाघ को देखकर उनके होश उड़ गए। सब एक साथ शोर मचाने लगे। फिर घर के अंदर आग जलाई। उसके बाद बाघ झाले से निकला। बाघ खेतों से होकर जंगल की ओर चला गया। अगले दिन सुबह गांव वाले भी झाले पर पहुंच गए। सबने बाघ के पैरों के निशान देखे। जिसने भी बाघ के पैरों के निशान देखे, उसके होश उड़ गए। बाघ के जाने के बाद गांव वालों में दहशत का माहौल है। वन विभाग को सूचना मिलने के बाद फॉरेस्टर रामप्रसाद, वनरक्षक राजेश कुमार, बेचेलाल ने मौके पर जाकर देेेखा। उन्होंने झाले में पग चिह्न मिलने की पुष्टि की और बताया कि मामले की सूचना रेंजर को दे दी गई है। झालावासियों और ग्रामीणों को रात में बाघ से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग की ओर से बाघ की निगरानी कराई जा रही है।
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