{"_id":"57e6bede4f1c1b416da83161","slug":"jaco-coe-not-to-kill-the-thread-saiyan","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाको राखे साइयां मार सके न कोए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाको राखे साइयां मार सके न कोए
महबूब आलम/पलियाकलां।
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:44 PM IST
विज्ञापन
fire
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यासीन के दो बेटों और बेटी संयोग से बचे
कहा जाता है कि रब न चाहे तो किसी का बाल भी बांका नहीं हो सकता है यह बात कस्बा मझगईं में साबित भी होती है। यासीन के अन्य बच्चों की गैरमौजूदगी उनकी जिंदगानी को महफूज कर गई। वही बचा जो बाहर था और अंदर रहे बेटा और एक नौकर जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं तो वहीं यासीन उसकी पत्नी और एक नौकर दुनिया से रुखसत हो गए।
यासीन के घर में दिन की शुरुआत रोजना की ही तरह हुुई। आठ साल की बेटी सानिया शनिवार को स्कूल चली गई तो वहीं सात वर्षीय बेटा छोटू और बड़ा बेटा नफीस घर पर ही थे। उससे छोटा नाजिम बस में कंडेक्टर है तो अपने काम पर रोजाना की ही तरह निकल गया। बताते हैं कि हादसे से कुछ पहले ही छोटू बाहर बच्चों को खेलता देख निकल आया और नफीस भी चारा लेने खेतों की ओर निकल गया। घर पर यासीन, उसकी पत्नी आशिमा, पुत्र दिलशाद और नौकर अजय व विजय ही रह गए। हादसा हुआ और ये सब उसका शिकार हुए। तीन को जिंदगी गंवानी पड़ी और दो जिंदगी की जंग लड़ने लगे। लेकिन वे सब महफूज रहे जो बाहर चले गए थे। इसमें स्कूल जाने वाली बच्ची और कंडेक्टर पुत्र का बाहर जाना दिनचर्या में आता और छोटू और नफीस का हादसे के कुछ पूर्व ही बाहर आ जाने को यही माना जा रहा है कि रब उनकी जिंदगानी महफूज रखना चाहता था और इसी वजह से वह अलग अलग कारणों से बाहर निकल आए।
आबादी से बाहर से हों लाइसेंसधारक, नहीं तो लाइसेंस रदद
एसएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने मौका मुआयना किया और पलिया पुलिस को निर्देश दिए कि छानबीन कर जितने भी पटाखा बनाने वाले लाइसेंसधारक हों उनको आबादी से बाहर कर दिया जाए। ऐसा नहीं किया जाए तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं।
विज्ञापन
दूसरे के घर में मिला शव, ताले तोड़कर निकाला
पलियाकलां। मझगईं हादसे में इतना तेज धमाका हुआ कि महिला करीब 15 फिट उछलकर पड़ोसी के घर में जा गिरी। काफी तलाशने के बाद उसका शव वहीं से बरामद किया गया। इस घर में कोई था नहीं और ताले लगे हुए थे। ताले तोड़ कर शव को निकाला जा सका।
...पटाखे से तो नहीं लगी आग, कारणों पर अभी पड़ा है पर्दा
पलियाकलां। मझगईं कस्बे में आतिशबाज के घर आग के मामले में पर्दा पड़ा हुआ है। अभी यह पता नहीं चल पा रहा है लेकिन आशंका जताई जा रही है कि आग पटाखे से ही लगी है। लोगों का कहना है कि आग लगने से पटाखों में विस्फोट शुरू हुआ और तभी आग ने विकराल रूप धारण किया। सटीक बात कोई नहीं जान पा रहा है। इसका सही पता तो घरवालों को है लेकिन यासीन का बेटा और एक नौकर बुरी तरह झुलसे हुए हैं। सही वजह ये लोग ही बता पाएंगे।
तीन बार हो चुका है ऐसा हादसा, जा चुकी हैं कई जानें
मझगईं के इस परिवार के साथ कई बार ऐसे ही हादसे हो चुके हैं। तकरीबन 50 साल पहले इसी परिवार में आतिशबाजी से लगी आग में यासीन की मां और बहन की मौत हो गई थी। अभी करीब दस साल पहले यासीन के भाई सलीम के दो बेटों की मौत हो गई थी। यह तीसरा हादसा है और अभी तक इसमें तीन जानें जा चुकी हैं।
विधायक ने दी 50 हजार की सहायता
हादसे की खबर पाकर विधायक रोमी साहनी मझगईं पहुंचे और पीड़ित परिवार का हाल जान उनको 50 हजार रुपए की सहायता दी। विधायक ने आगे भी मदद का आश्वासन दिया और एसडीएम से वार्ता की।
बसपा प्रत्याशी ने सीएमओ से की वार्ता
बसपा प्रत्याशी और पूर्व डिप्टी सीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल मौके पर पहुंचे और झुलसे लोगों को अपनी सेवा दी। इसके साथ ही उन्होंने सीएमओ को फोन कर उनके इलाज के लिए वार्ता की और तत्काल एंबुलेंस भेजने को कहा।
प्रशासन से मदद करने को बोलीं सपा प्रत्याशी
सपा प्रत्याशी अनीता यादव ने मौके पर पहुंच कर झुलसे लोगों का हाल जाना और प्रशासन से हर संभव मदद करने को कहा। इसके अलावा पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता समेत तमाम राजनेता वहां पहुंचे।
डीएम ने दिए जांच के आदेश
डीएम आकाशदीप ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जहां घटना हुई है, वहां काम करने का लाइसेंस है। लेकिन वहां सुरक्षा मानक पूरे थे या नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी। इसके अलावा आतिशबाजी बनाने के अन्य स्थानों पर भी इन मानकों की पड़ताल होगी। सुरक्षा मानक पूरे न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मझगईं मामले में प्रथम दृष्टया दुर्घटना प्रतीत होती है। सुरक्षा मानकों के पूर्ण न किए जाने की भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही अन्य स्थानों को भी ऐहतिहातन चेक कराया जाएगा। -अखिलेश चौरसिया, एसपी।
विज्ञापन
कहा जाता है कि रब न चाहे तो किसी का बाल भी बांका नहीं हो सकता है यह बात कस्बा मझगईं में साबित भी होती है। यासीन के अन्य बच्चों की गैरमौजूदगी उनकी जिंदगानी को महफूज कर गई। वही बचा जो बाहर था और अंदर रहे बेटा और एक नौकर जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं तो वहीं यासीन उसकी पत्नी और एक नौकर दुनिया से रुखसत हो गए।
यासीन के घर में दिन की शुरुआत रोजना की ही तरह हुुई। आठ साल की बेटी सानिया शनिवार को स्कूल चली गई तो वहीं सात वर्षीय बेटा छोटू और बड़ा बेटा नफीस घर पर ही थे। उससे छोटा नाजिम बस में कंडेक्टर है तो अपने काम पर रोजाना की ही तरह निकल गया। बताते हैं कि हादसे से कुछ पहले ही छोटू बाहर बच्चों को खेलता देख निकल आया और नफीस भी चारा लेने खेतों की ओर निकल गया। घर पर यासीन, उसकी पत्नी आशिमा, पुत्र दिलशाद और नौकर अजय व विजय ही रह गए। हादसा हुआ और ये सब उसका शिकार हुए। तीन को जिंदगी गंवानी पड़ी और दो जिंदगी की जंग लड़ने लगे। लेकिन वे सब महफूज रहे जो बाहर चले गए थे। इसमें स्कूल जाने वाली बच्ची और कंडेक्टर पुत्र का बाहर जाना दिनचर्या में आता और छोटू और नफीस का हादसे के कुछ पूर्व ही बाहर आ जाने को यही माना जा रहा है कि रब उनकी जिंदगानी महफूज रखना चाहता था और इसी वजह से वह अलग अलग कारणों से बाहर निकल आए।
विज्ञापन
आबादी से बाहर से हों लाइसेंसधारक, नहीं तो लाइसेंस रदद
एसएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी ने मौका मुआयना किया और पलिया पुलिस को निर्देश दिए कि छानबीन कर जितने भी पटाखा बनाने वाले लाइसेंसधारक हों उनको आबादी से बाहर कर दिया जाए। ऐसा नहीं किया जाए तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएं।
विज्ञापन
दूसरे के घर में मिला शव, ताले तोड़कर निकाला
पलियाकलां। मझगईं हादसे में इतना तेज धमाका हुआ कि महिला करीब 15 फिट उछलकर पड़ोसी के घर में जा गिरी। काफी तलाशने के बाद उसका शव वहीं से बरामद किया गया। इस घर में कोई था नहीं और ताले लगे हुए थे। ताले तोड़ कर शव को निकाला जा सका।
...पटाखे से तो नहीं लगी आग, कारणों पर अभी पड़ा है पर्दा
पलियाकलां। मझगईं कस्बे में आतिशबाज के घर आग के मामले में पर्दा पड़ा हुआ है। अभी यह पता नहीं चल पा रहा है लेकिन आशंका जताई जा रही है कि आग पटाखे से ही लगी है। लोगों का कहना है कि आग लगने से पटाखों में विस्फोट शुरू हुआ और तभी आग ने विकराल रूप धारण किया। सटीक बात कोई नहीं जान पा रहा है। इसका सही पता तो घरवालों को है लेकिन यासीन का बेटा और एक नौकर बुरी तरह झुलसे हुए हैं। सही वजह ये लोग ही बता पाएंगे।
तीन बार हो चुका है ऐसा हादसा, जा चुकी हैं कई जानें
मझगईं के इस परिवार के साथ कई बार ऐसे ही हादसे हो चुके हैं। तकरीबन 50 साल पहले इसी परिवार में आतिशबाजी से लगी आग में यासीन की मां और बहन की मौत हो गई थी। अभी करीब दस साल पहले यासीन के भाई सलीम के दो बेटों की मौत हो गई थी। यह तीसरा हादसा है और अभी तक इसमें तीन जानें जा चुकी हैं।
विधायक ने दी 50 हजार की सहायता
हादसे की खबर पाकर विधायक रोमी साहनी मझगईं पहुंचे और पीड़ित परिवार का हाल जान उनको 50 हजार रुपए की सहायता दी। विधायक ने आगे भी मदद का आश्वासन दिया और एसडीएम से वार्ता की।
बसपा प्रत्याशी ने सीएमओ से की वार्ता
बसपा प्रत्याशी और पूर्व डिप्टी सीएमओ डॉ. वीके अग्रवाल मौके पर पहुंचे और झुलसे लोगों को अपनी सेवा दी। इसके साथ ही उन्होंने सीएमओ को फोन कर उनके इलाज के लिए वार्ता की और तत्काल एंबुलेंस भेजने को कहा।
प्रशासन से मदद करने को बोलीं सपा प्रत्याशी
सपा प्रत्याशी अनीता यादव ने मौके पर पहुंच कर झुलसे लोगों का हाल जाना और प्रशासन से हर संभव मदद करने को कहा। इसके अलावा पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता समेत तमाम राजनेता वहां पहुंचे।
डीएम ने दिए जांच के आदेश
डीएम आकाशदीप ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जहां घटना हुई है, वहां काम करने का लाइसेंस है। लेकिन वहां सुरक्षा मानक पूरे थे या नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी। इसके अलावा आतिशबाजी बनाने के अन्य स्थानों पर भी इन मानकों की पड़ताल होगी। सुरक्षा मानक पूरे न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मझगईं मामले में प्रथम दृष्टया दुर्घटना प्रतीत होती है। सुरक्षा मानकों के पूर्ण न किए जाने की भी पड़ताल की जा रही है। साथ ही अन्य स्थानों को भी ऐहतिहातन चेक कराया जाएगा। -अखिलेश चौरसिया, एसपी।