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Lakhimpur Kheri News: बाघों की निगरानी के लिए कैमरे बढ़ाए, हाथियों से भी होगी गश्त
Sun, 25 Oct 2026 11:20 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 25 Oct 2026 11:20 PM IST
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मझगईं। कोलवा फार्म, गुनाखर टांडा और किशन टांडा क्षेत्र में बाघों की चहलकदमी से ग्रामीणों में एक माह से दहशत बनी हुई है। शनिवार शाम गुनाखर टांडा निवासी मुनेश की बछिया पर बाघ ने हमला कर उसे मार डाला।
क्षेत्र में लगातार मवेशियों पर हो रहे हमलों के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। बाघों की लोकेशन पता करने के लिए कैमरों की संख्या बढ़ाकर 16 कर दी गई है। साथ ही बाघों को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए दो हाथियों की मांग की गई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, क्षेत्र में चार बाघों की मौजूदगी से खतरा बढ़ गया है। बीते एक महीने में करीब चार किलोमीटर के दायरे में बाघ छह मवेशियों को मार चुके हैं। घने गन्ने के खेत और पास में जंगल होने के कारण बाघ हमले के बाद आसानी से छिप जाते हैं। इससे वन विभाग की टीम के सामने उनकी लगातार निगरानी करने की चुनौती बनी हुई है।
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मझगईं रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि बाघों की लोकेशन पता करने के लिए कैमरों की संख्या बढ़ाकर 16 कर दी गई है। कोलवा फार्म, गुनाखर टांडा और किशन टांडा के आसपास कैमरे लगाए गए हैं। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बाघों को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए दो हाथियों की मांग की गई है। रविवार शाम तक हाथियों के पहुंचने की उम्मीद है। उनके आने के बाद क्षेत्र में गश्त कर बाघों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
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क्षेत्र में लगातार मवेशियों पर हो रहे हमलों के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। बाघों की लोकेशन पता करने के लिए कैमरों की संख्या बढ़ाकर 16 कर दी गई है। साथ ही बाघों को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए दो हाथियों की मांग की गई है।
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ग्रामीणों के मुताबिक, क्षेत्र में चार बाघों की मौजूदगी से खतरा बढ़ गया है। बीते एक महीने में करीब चार किलोमीटर के दायरे में बाघ छह मवेशियों को मार चुके हैं। घने गन्ने के खेत और पास में जंगल होने के कारण बाघ हमले के बाद आसानी से छिप जाते हैं। इससे वन विभाग की टीम के सामने उनकी लगातार निगरानी करने की चुनौती बनी हुई है।
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मझगईं रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि बाघों की लोकेशन पता करने के लिए कैमरों की संख्या बढ़ाकर 16 कर दी गई है। कोलवा फार्म, गुनाखर टांडा और किशन टांडा के आसपास कैमरे लगाए गए हैं। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बाघों को जंगल की ओर खदेड़ने के लिए दो हाथियों की मांग की गई है। रविवार शाम तक हाथियों के पहुंचने की उम्मीद है। उनके आने के बाद क्षेत्र में गश्त कर बाघों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।