फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   In the census after 2018 three more tigers were found in the park

2018 के बाद हुई गणना में पार्क में तीन बाघ अधिक मिले

Sat, 11 Sep 2021 12:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 12:48 AM IST
विज्ञापन
In the census after 2018 three more tigers were found in the park
demo photo - फोटो : demo photo

शुक्ला फांटा पार्क में बाघों की संख्या बढ़कर 19 हुई

विज्ञापन
धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल की सीमा से लगे कंचनपुर जिले के शुक्ला फांटा निकुंज पार्क में हुई गणना में बाघों की संख्या में इजाफा पाया गया है। 2018 की हुई गणना के मामले में इस बार की गणना में तीन बाघ अधिक मिले हैं।
कंचनपुर जिले में स्थित शुक्ला फांटा निकुंज पार्क के प्रमुख संरक्षण अधिकृत दिल बहादुर पुन ने बताया कि पार्क में पिछली गणना से अब हुई गणना में बाघ की संख्या में वृद्धि हुई है।
विज्ञापन

306 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले पार्क में बाघ गणना के लिए 89 कैमरे लगाए गए थे, जिसमें छह नर, 11 मादा व दो व्यस्क बाघ ऐसे हैं जिनके लिंग की पहचान नहीं हो पाई है। कुल मिलाकर पार्क क्षेत्र में 19 बाघ मिले हैं। जबकि बीते वर्ष 2018 में हुई गणना में यहां बाघों की संख्या 16 मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

राष्ट्रीय वन्यजंतु संरक्षण विभाग के प्रवक्ता विष्णु प्रसाद श्रेष्ठ ने बताया कि नेपाल में सबसे पहले 1995 में हुई बाघ गणना में कुल 98 बाघ पाए गए थे। 2009 में इनकी संख्या 121 पहुंच गई और 2022 में दोगुने लक्ष्य को लेकर 2018 में हुई बाघों की गणना में 235 बाघ पाए गए थे। अब 2022 की गणना के बाद बाघों की सही गिनती का पता चल सकेगा।

रमियाबेहड़ में शावकों संग दिखी बाघिन

धौरहरा। वन रेंज धौरहरा के रमियाबेहड़ क्षेत्र के खेशवाही गांव के पास बृहस्पतिवार रात खेत पर फसल की रखवाली कर रहे ग्रामीण ने दो शावकों संग बाघिन को देखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने जांच पड़ताल की, लेकिन टीम ने बाघिन होने की पुष्टि नहीं की। वन कर्मियों के मुताबिक पगचिह्न अन्य किसी हिंसक जानवर के हैं। हालांकि ग्रामीणों से सावधानी बरतने को कहा गया है। रेंजर धौरहरा अनिल शाह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीम को मौके पर भेजा गया था। मगर पगचिह्न बाघिन के न होकर किसी अन्य जंगली जानवर के हैं। संवाद

बाघ और तेंदुए किसानों के सच्चे दोस्त

ममरी। मोहम्मदी रेंज जंगल के आसपास खेती करने वाले किसानों ने माना कि खेतों में विचरण कर रहे बाघ हमारे शत्रु नहीं, बल्कि फसलों के रखवाले मित्र साबित हो रहे हैं। इनसे हमारी फसलों की रखवाली हो रही है। बिहारीपुर फार्म के इंद्रजीत सिंह, अरविंद सिंह, अमरजीत सिंह, जसवीर सिंह, इकबाल सिंह, घमहाघाट के लाल सिंह, बलिहार सिंह, अंग्रेज सिंह, मक्खन सिंह, सुंदरपुर के रामकुमार वर्मा, रमेश गुप्ता, सत्यपाल बर्मा, अयोध्या पुर के अनिल कुमार, सिंगहा के श्याम बिहारी आदि किसानों का कहना है कि अब तक उन्हें खेतों में मचान बनाकर आवारा पशुओं और नीलगायों से फसलों की रखवाली करनी पड़ती थी, लेकिन अब उनकी फसलों की रखवाली खेतों में विचरण कर रहे बाघ-तेंदुए कर रहे हैं। उधर, रेंजर मोबीन आरिफ का कहना है कि बाघ-तेंदुए मानव पर हमला तभी करते हैं जब वह खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं ऐसी दशा में सावधानी बरतते हुए वन्यजीवों को संरक्षण देने, उनकी सुरक्षा करने की जरूरत है। तभी बाघ तेंदुआ हमारे मित्र साबित हो सकते हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed