{"_id":"6935be6b57575435ab085378","slug":"if-disease-and-pest-management-is-not-done-in-time-it-will-affect-the-yield-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-162917-2025-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: रोग, कीट का समय से प्रबंधन नहीं किया तो उपज पर पड़ेगा असर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: रोग, कीट का समय से प्रबंधन नहीं किया तो उपज पर पड़ेगा असर
Sun, 07 Dec 2025 11:20 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 07 Dec 2025 11:20 PM IST
विज्ञापन
किसानों के बीच पहुंचे जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह। स्रोत विभाग
लखीमपुर खीरी। रबी सीजन की फसलें गेहूं, सरसों, दलहनी में खरपतवार, रोग एवं कीट का प्रकोप बढ़ जाता है। प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी/जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि रबी सीजन की इन फसलों का समय पर नियंत्रण नहीं किया तो उपज में भारी कमी हो सकती है।
प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने खरपतवार के नियंत्रण के लिए बताया कि प्री-इमर्जेंस: पेंडिमेथालिन 30 ईसी 3.3 ली./हेक्टेयर, बुवाई के तीन दिन के भीतर करें। 20 से 30 दिन में पोस्ट-इमर्जेंस का छिड़काव करें। क्लोडिनाफॉप, मेटसल्फ्यूरॉन का भी छिड़काव कर सकते हैं। वहीं प्रमुख रोगों के लिए मैंकोजेब 2.5 ग्राम/लीटर पानी का छिड़काव करें। इसी तरह कीट नियंत्रण के लिए क्लोरपाइरीफॉस, साइहैलोथ्रिन दो मिली मीटर पानी का शाम के समय छिड़काव करें। बताया कि किसान भाई दवाओं का छिड़काव सुबह या शाम के समय ही करें, अधिक रसायन का प्रयोग न करें, छिड़काव के समय सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग जरूर करें। रोग एवं कीट की प्रारम्भिक अवस्था में ही नियंत्रण का प्रयास करें, ताकि वह ज्यादा न फैलें। रोग व कीट की अधिक जानकारी के लिए एनपीएसएस ऐप अपने मोबाइल पर अपलोड करें।
विज्ञापन
प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने खरपतवार के नियंत्रण के लिए बताया कि प्री-इमर्जेंस: पेंडिमेथालिन 30 ईसी 3.3 ली./हेक्टेयर, बुवाई के तीन दिन के भीतर करें। 20 से 30 दिन में पोस्ट-इमर्जेंस का छिड़काव करें। क्लोडिनाफॉप, मेटसल्फ्यूरॉन का भी छिड़काव कर सकते हैं। वहीं प्रमुख रोगों के लिए मैंकोजेब 2.5 ग्राम/लीटर पानी का छिड़काव करें। इसी तरह कीट नियंत्रण के लिए क्लोरपाइरीफॉस, साइहैलोथ्रिन दो मिली मीटर पानी का शाम के समय छिड़काव करें। बताया कि किसान भाई दवाओं का छिड़काव सुबह या शाम के समय ही करें, अधिक रसायन का प्रयोग न करें, छिड़काव के समय सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग जरूर करें। रोग एवं कीट की प्रारम्भिक अवस्था में ही नियंत्रण का प्रयास करें, ताकि वह ज्यादा न फैलें। रोग व कीट की अधिक जानकारी के लिए एनपीएसएस ऐप अपने मोबाइल पर अपलोड करें।
विज्ञापन