तिकुनिया कांड: अंकित दास समेत दो ने दाखिल की समर्पण की अर्जी, 14 अक्तूबर को होगी सुनवाई
अंकित दास ने एक अन्य आरोपी मोहम्मद लतीफ के साथ अदालत में बताया कि उन्हें तिकुनिया कांड में नामजद न होने के बावजूद तिकुनिया सहित पूरे जिले की पुलिस बेसब्री से तलाश कर रही है।
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तिकुनिया कांड में मंगलवार को पुलिस को चकमा देते हुए तिकुनिया कांड का प्रमुख आरोपी अंकित दास एक अन्य अभियुक्त के साथ सिविल कोर्ट पहुंचा, जहां उसने अपने वकील के साथ मिलकर आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल की। इस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम चिंता राम ने तिकुनिया पुलिस से आरोपियों के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। सीजेएम ने अगली सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तारीख नियत की है।
सीजेएम अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल करते हुए लखनऊ निवासी अंकित दास ने एक अन्य आरोपी मोहम्मद लतीफ के साथ अदालत में बताया कि उन्हें तिकुनिया कांड में नामजद न होने के बावजूद तिकुनिया सहित पूरे जिले की पुलिस बेसब्री से तलाश कर रही है। यदि पुलिस उन्हें पकड़ेगी तो अनावश्यक उत्पीड़न करेगी इसलिए वह स्वयं न्यायालय में आत्मसमर्पण कर रहे हैं। उन्हें हिरासत में लिया जाए और उनके संबंध में न्यायिक सुनवाई की जाए।
एसपीओ एसपी यादव ने आरोपियों की आत्मसमर्पण अर्जी पर संबंधित तिकुनिया पुलिस से आख्या मंगवाने का अनुरोध किया और बताया कि आरोपी एफआईआर में नामजद नहीं है इसलिए पुलिस से इस संबंध में रिपोर्ट मंगाया जाना आवश्यक है। अदालत में सुनवाई के बाद 14 अक्टूबर की तिथि मुकर्रर करते हुए तिकुनिया पुलिस से आख्या तलब की है। दोपहर बाद जब मीडियाकर्मियों के जरिए प्रशासन को आरोपियों के हाजिर होने और अर्जी दाखिल करने की जानकारी मिली तो विवेचक विद्याराम दिवाकर ने कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।
पुलिस को चकमा देकर सिविल कोर्ट तक पहुंचे थे दोनों आरोपी
पुलिस हेड क्वार्टर के डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल और आईजी लक्ष्मी सिंह सहित बड़े पुलिस अधिकारियों की टीम जहां एक ओर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश करने की बात कह रही है। वहीं लखनऊ निवासी राजनेता अखिलेश दास के रिश्तेदार अंकित दास और सह अभियुक्त लतीफ लखीमपुर कोर्ट परिसर तक पहुंच गए और इस मामले की भनक एलआईयू और इंटेलिजेंस एजेंसियों को भी भनक नहीं लग सकी।