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सांस लेने में दिक्कत के मरीज बढे़
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जिला अस्पताल में पर्चा काउंटर पर लगी भीड़
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। पिछले एक माह में जिला अस्पताल में फिर से सांस लेने में दिक्कत के मरीज बढ़ने लगे हैं, चिल्ड्रन से लेकर मेडिकल महिला और पुरुष वार्ड में अब तक 119 ऐसे लोग भर्ती हुए, जिनको सांस लेने में दिक्कत थी। इनमें कई लोगों की स्थिति गंभीर होने पर ऑक्सीजन तक लगानी पड़ी।
कोरोना की दूसरी लहर ने जमकर तबाही मचाई। इसकी रफ्तार कम होने के बाद ही विशेषज्ञ तीसरी लहर के आने की आशंका जताने लगे। बावजूद इसके कोरोना का खौफ भूलकर लोग जमकर लापरवाही बरतने लगे। ऐसे में जिला अस्पताल में सांस लेने में दिक्कत के बढ़ रहे मरीजों ने ड्यूटी स्टाफ की धड़कने बढ़ा दी हैं। वार्ड स्टाफ का कहना है कि दूसरी लहर के पहले शुरुआत में इक्का दुक्का ही सांस लेने में दिक्कत वाले मरीज आते थे। अप्रैल माह की शुरुआत में कुछ संख्या बढ़ी, लेकिन अंत में तो इस तरह के मरीजों की संख्या ऐसी बढ़ी कि अस्पताल में ऑक्सीजन से लेकर बेड तक कम पड़ गए। हालात इतने बदतर हो गए कि एक सिलिंडर से कई कई मरीजों को ऑक्सीजन देनी पड़ी। ऐसे में फिर से सांस लेने में दिक्कत वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से स्टाफ सशंकित है।
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सांस लेने में दिक्कत के पीड़ित
चिल्ड्रन वार्ड-10
मेडिकल महिला- 44
मेडिकल पुरुष-65
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ऑक्सीजन बनी सहारा
मेडिकल पुरुष वार्ड में भर्ती गनेशपुर निवासी 52 वर्षीय रामगोपाल ने बताया कि अचानक तीन चार दिन पहले सांस लेने में दिक्कत होने लगी। गांव में दवा ली लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस पर घरवाले जिला अस्पताल ले आए। यहां ऑक्सीजन मिलने से आराम मिला है।
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सांस लेने में दिक्कत होने पर जो मरीज भर्ती हो रहे हैं। लक्षण के आधार पर सभी की कोरोना जांच कराई जाती है। अब तक जिन लोगों की जांच कराई गई है। उनकी रिपोर्ट निगेटिव रही है। अस्पताल स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया है। वहीं अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों से कहा जा रहा है कि वे कोविड प्रोटोकाल का हर हाल में पालन करें।
-डॉ. संतोष मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी, जिला अस्पताल
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कोरोना की दूसरी लहर ने जमकर तबाही मचाई। इसकी रफ्तार कम होने के बाद ही विशेषज्ञ तीसरी लहर के आने की आशंका जताने लगे। बावजूद इसके कोरोना का खौफ भूलकर लोग जमकर लापरवाही बरतने लगे। ऐसे में जिला अस्पताल में सांस लेने में दिक्कत के बढ़ रहे मरीजों ने ड्यूटी स्टाफ की धड़कने बढ़ा दी हैं। वार्ड स्टाफ का कहना है कि दूसरी लहर के पहले शुरुआत में इक्का दुक्का ही सांस लेने में दिक्कत वाले मरीज आते थे। अप्रैल माह की शुरुआत में कुछ संख्या बढ़ी, लेकिन अंत में तो इस तरह के मरीजों की संख्या ऐसी बढ़ी कि अस्पताल में ऑक्सीजन से लेकर बेड तक कम पड़ गए। हालात इतने बदतर हो गए कि एक सिलिंडर से कई कई मरीजों को ऑक्सीजन देनी पड़ी। ऐसे में फिर से सांस लेने में दिक्कत वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से स्टाफ सशंकित है।
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सांस लेने में दिक्कत के पीड़ित
चिल्ड्रन वार्ड-10
मेडिकल महिला- 44
मेडिकल पुरुष-65
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ऑक्सीजन बनी सहारा
मेडिकल पुरुष वार्ड में भर्ती गनेशपुर निवासी 52 वर्षीय रामगोपाल ने बताया कि अचानक तीन चार दिन पहले सांस लेने में दिक्कत होने लगी। गांव में दवा ली लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस पर घरवाले जिला अस्पताल ले आए। यहां ऑक्सीजन मिलने से आराम मिला है।
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सांस लेने में दिक्कत होने पर जो मरीज भर्ती हो रहे हैं। लक्षण के आधार पर सभी की कोरोना जांच कराई जाती है। अब तक जिन लोगों की जांच कराई गई है। उनकी रिपोर्ट निगेटिव रही है। अस्पताल स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया है। वहीं अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों से कहा जा रहा है कि वे कोविड प्रोटोकाल का हर हाल में पालन करें।
-डॉ. संतोष मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी, जिला अस्पताल

कोरोना टीकाकरण केंद्र पर सामाजिक दूरी होती तार तार। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR