{"_id":"5fa59b718ebc3e9b96616e2e","slug":"health-lakhimpur-news-bly426071635","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजुआ सीएचसी में आठ माह बाद भी नहीं खुल सका एक्सरे रूम का ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजुआ सीएचसी में आठ माह बाद भी नहीं खुल सका एक्सरे रूम का ताला
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बिजुआ। बिजुआ सीएचसी में एक्स रे रूम का ताला आठ महीने बाद भी नहीं खुल सका है।
करीब आठ माह पहले सीएचसी को बलरामपुर फाउंडेशन से मिली डिजिटल एक्स-रे मशीन में मकड़ी का जाला लग चुका है, अब जंग लगने की बारी है। आठ माह पहले डीएम के हाथों इस एक्स-रे मशीन का उद्घाटन कराते समय सीएमओ ने विभाग की तरफ से यह भरोसा दिलाया था कि दो दिन में बिजुआ सीएचसी पर एक्स-रे होने लगेंगे, लेकिन आठ महीने बाद भी एक्स-रे रूम का ताला तक नही खुल सका है।
गुलरिया चीनी मिल ने बलरामपुर फाउंडेशन की तरफ से बिजुआ सीएचसी को मार्च में करीब चार लाख रुपये कीमत की एक डिजिटल एक्स-रे मशीन सौंपी थी। मशीन का उद्घाटन आठ मार्च को डीएम शैलेंद्र सिंह ने किया था। उद्घाटन के दिन से इस एक्स-रे रूम पर ताला पड़ा है। ऐसे में लोग निजी स्तकर पर एक्सरे करवाने को मजबूर हैं।
बलरामपुर फाउंडेशन की तरफ से सीएचसी को जो मशीन दी गई है, वह डिजिटल है, ऐसी मशीन जिले में दूसरी नहीं है।
डिजिटल प्लेट के लिए कई बार विभाग को लिखा जा चुका है लेकिन अब तक सीएचसी को जरूरी डिजिटल प्लेटें नही मिल सकी हैं। यही कारण है कि एक्सरे की सुविधा नहीं दी जा पा रही है।
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- डॉ. अमित सिंह, सीएचसी प्रभारी बिजुआ
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करीब आठ माह पहले सीएचसी को बलरामपुर फाउंडेशन से मिली डिजिटल एक्स-रे मशीन में मकड़ी का जाला लग चुका है, अब जंग लगने की बारी है। आठ माह पहले डीएम के हाथों इस एक्स-रे मशीन का उद्घाटन कराते समय सीएमओ ने विभाग की तरफ से यह भरोसा दिलाया था कि दो दिन में बिजुआ सीएचसी पर एक्स-रे होने लगेंगे, लेकिन आठ महीने बाद भी एक्स-रे रूम का ताला तक नही खुल सका है।
गुलरिया चीनी मिल ने बलरामपुर फाउंडेशन की तरफ से बिजुआ सीएचसी को मार्च में करीब चार लाख रुपये कीमत की एक डिजिटल एक्स-रे मशीन सौंपी थी। मशीन का उद्घाटन आठ मार्च को डीएम शैलेंद्र सिंह ने किया था। उद्घाटन के दिन से इस एक्स-रे रूम पर ताला पड़ा है। ऐसे में लोग निजी स्तकर पर एक्सरे करवाने को मजबूर हैं।
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बलरामपुर फाउंडेशन की तरफ से सीएचसी को जो मशीन दी गई है, वह डिजिटल है, ऐसी मशीन जिले में दूसरी नहीं है।
डिजिटल प्लेट के लिए कई बार विभाग को लिखा जा चुका है लेकिन अब तक सीएचसी को जरूरी डिजिटल प्लेटें नही मिल सकी हैं। यही कारण है कि एक्सरे की सुविधा नहीं दी जा पा रही है।
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- डॉ. अमित सिंह, सीएचसी प्रभारी बिजुआ