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Lakhimpur Kheri News: स्कूल की किताबें कबाड़ी को बेचने के आरोप में प्रधानाध्यापक निलंबित
Sun, 25 Oct 2026 01:43 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 25 Oct 2026 01:43 AM IST
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लखीमपुर खीरी। उच्च प्राथमिक विद्यालय रंगीलानगर में अप्रयुक्त पुस्तकों को कबाड़ी को देने के मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने प्रधानाध्यापक बृजकिशोर गौतम को निलंबित कर दिया है।
सोशल मीडिया पर पुस्तकों को तौलकर कबाड़ी को दिए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने कार्रवाई की। निलंबन अवधि में प्रधानाध्यापक को उच्च प्राथमिक विद्यालय रंवही मुबारकपुर से संबद्ध किया गया है।
बीएसए के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो 17 अक्तूबर, 2026 का है। इसमें एक व्यक्ति पुस्तकों को तौलता दिख रहा है, जबकि विद्यालय की अनुचर शांति देवी मौके पर मौजूद हैं। जांच में सामने आया कि प्रधानाध्यापक के निर्देश पर शांति देवी पुस्तकों को तौलवा रही थीं। मामले की समीक्षा के बाद प्रधानाध्यापक को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित किया गया।
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विभागीय व्यवस्था के अनुसार, विद्यार्थियों के नामांकन के आधार पर विद्यालयों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। किसी अपरिहार्य कारण से पुस्तकें बचने पर वितरण के तत्काल बाद उन्हें ब्लॉक संसाधन केंद्र में सुरक्षित जमा कराना होता है। यदि पुस्तकें पाठ्यक्रम से इतर पुस्तकालय के उपयोग के लिए थीं, तब भी उन्हें कबाड़ी को देने का औचित्य नहीं है।
बीएसए ने आदेश में कहा कि पुस्तकों को कबाड़ी को बेचना या बेचने का प्रयास करना पद के दुरुपयोग और भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है। इन्हीं आरोपों के आधार पर प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में प्रधानाध्यापक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें प्रमाणपत्र देना होगा कि वह किसी अन्य नौकरी, व्यापार या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं।
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सोशल मीडिया पर पुस्तकों को तौलकर कबाड़ी को दिए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने कार्रवाई की। निलंबन अवधि में प्रधानाध्यापक को उच्च प्राथमिक विद्यालय रंवही मुबारकपुर से संबद्ध किया गया है।
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बीएसए के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो 17 अक्तूबर, 2026 का है। इसमें एक व्यक्ति पुस्तकों को तौलता दिख रहा है, जबकि विद्यालय की अनुचर शांति देवी मौके पर मौजूद हैं। जांच में सामने आया कि प्रधानाध्यापक के निर्देश पर शांति देवी पुस्तकों को तौलवा रही थीं। मामले की समीक्षा के बाद प्रधानाध्यापक को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित किया गया।
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विभागीय व्यवस्था के अनुसार, विद्यार्थियों के नामांकन के आधार पर विद्यालयों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। किसी अपरिहार्य कारण से पुस्तकें बचने पर वितरण के तत्काल बाद उन्हें ब्लॉक संसाधन केंद्र में सुरक्षित जमा कराना होता है। यदि पुस्तकें पाठ्यक्रम से इतर पुस्तकालय के उपयोग के लिए थीं, तब भी उन्हें कबाड़ी को देने का औचित्य नहीं है।
बीएसए ने आदेश में कहा कि पुस्तकों को कबाड़ी को बेचना या बेचने का प्रयास करना पद के दुरुपयोग और भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है। इन्हीं आरोपों के आधार पर प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में प्रधानाध्यापक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें प्रमाणपत्र देना होगा कि वह किसी अन्य नौकरी, व्यापार या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं।