फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Hanuman Janmotsav 2023 Hanuman Temple Simriya Dham in Lakhimpur Kheri

Hanuman Janmotsav 2023: हनुमान जी की आराधना का सिद्ध क्षेत्र है सिमरिया धाम, जन्मोत्सव पर लगा आस्था का मेला

Thu, 06 Apr 2023 07:33 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 06 Apr 2023 07:33 AM IST
सार

धौरहरा क्षेत्र के सिमरिया धाम में स्थापित हनुमान जी का प्रतिमा 200 साल से भी ज्यादा पुरानी है। प्राचीन हनुमत प्रतिमा को भक्त सिंदूर और चोला चढ़ाते हैं। हनुमान जन्मोत्सव पर यहां गुरुवार को आस्था का मेला लगा है। 

विज्ञापन
Hanuman Janmotsav 2023 Hanuman Temple Simriya Dham in Lakhimpur Kheri
सिमरिया धाम में स्थापित हनुमान की प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी के जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर और धौरहरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्राचीन सिमरिया हनुमत धाम हनुमत आराधना का सिद्ध क्षेत्र है। यहां पर दूर दराज व पड़ोसी जिले से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। 200 साल से भी ज्यादा प्राचीन हनुमत प्रतिमा को सिंदूर और चोला चढ़ाते हैं। हनुमान जन्मोत्सव को लेकर यहां गुरुवार को आस्था का मेला लगा है। 

विज्ञापन


धौरहरा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा चहलार के मजरा सिमरिया में पवन पुत्र की सैकड़ों साल पुरानी प्रतिमा स्थापित है। मंदिर का जीर्णोद्धार 1830 में मल्लापुर के राजा अमर सिंह ने करवाया था। मौजूदा दौर में मंदिर की देखरेख उनके पोते अविनाश प्रताप सिंह करते हैं, जबकि संचालन व्यवस्था पीढ़ी दर पीढ़ी से पंडित वेद प्रसाद अवस्थी कर रहे हैं। 
विज्ञापन


मंदिर के प्रमुख पुजारी वेद प्रसाद ने बताया कि हनुमान जी की प्रतिमा सैकड़ों वर्ष पूर्व मल्लापुर के राजा ने मंगाई थी। मल्लापुर के राजा अपने राज्य में मंदिर का निर्माण करना चाह रहे थे, लेकिन, मंदिर के पुजारी रामगुलाम अवस्थी के स्वप्न में एक दिन हनुमान जी ने दर्शन दिये कि यह प्रतिमा यहां स्थापित न की जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

1830 में हुई मंदिर का जीर्णोद्धार

बावजूद इसके राजा ने अपने राज्य में इस प्रतिमा को स्थापित करने का प्रयास किया। लेकिन, हनुमान जी की प्रतिमा को स्थापित नहीं किया जा सका। प्रतिमा इतनी भारी हो गई कि तमाम लोग उसे उठाने में असमर्थ रहे। इसके बाद राजा अमर सिंह ने पुजारी से कहा कि आप जहां चाहें राज्य में इसे स्थापित कर सकते हैं। इस पर पंडित राम गुलाम अवस्थी के कहने पर राजा ने इस मंदिर का निर्माण कराया, जिसका जीर्णोद्धार सन् 1830 में राजा अमर सिंह के द्वारा किया गया।

मंदिर के पुजारी ने बताया कि यहां 31 जनवरी से 7 फरवरी 2023 में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, भाजपा उपाध्यक्ष और धौरहरा सांसद रेखा वर्मा व विधायक विनोद अवस्थी भी शामिल हुए थे। 

पिछले साल उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के जीणोद्धार के लिये 50 लाख रुपये भी दिये थे। इसके तहत मिट्टी पटान, टायल सुंदरीकरण के रूप में खर्च किया गया। यहां दीपावली के एक दिन पहले कार्तिक में हनुमान जयंती के रूप में मनाई जाती है। हर मंगलवार को यहां मेला लगता है। मंगल और शनिवार को दूर दराज से काफी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed