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तिकुनिया कांड मामले में नहीं दाखिल हुई सरकार की आपत्ति
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Government's objection not filed in Tikunia case
अब अगली सुनवाई 22 जून को होगी, जेल में बंद आशीष मिश्र मोनू, आशीष पांडे, लवकुश राणा, सुमित जायसवाल, धर्मेंद्र बंजारा की वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई पेशी
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में मंगलवार को भी आरोप पर सुनवाई नहीं हो सकी। जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर जवाब देने के लिए समय की मांग की गई, जिस पर अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 22 जून की तारीख तय की है।
तिकुनिया कांड मामले में डीजीसी अरविंद त्रिपाठी और वादी जगजीत सिंह की ओर से नियुक्त सीनियर वकील सुरेश कुमार सिंह ने स्थगन अर्जी देते हुए डिस्चार्ज प्रार्थना पत्रों पर सरकार पक्ष से आपत्ति तैयार न होने की बात कही और अदालत से समय मांगा। प्रभारी जिला जज रामेंद्र कुमार ने जिला अध्यक्ष मुकेश मिश्र के ग्रीष्मकालीन अवकाश पर होने का हवाला देते हुए अगली सुनवाई के लिए 22 जून की तारीख तय कर दी है। वहीं वीरेंद्र शुक्ल की ओर से उनके अधिवक्ता अनिल त्रिवेदी ने हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। बताया कि आवश्यक कार्य होने के कारण वह कोर्ट नहीं आए हैं।
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जेल में बंद बाकी अभियुक्त आशीष मिश्र मोनू, आशीष पांडे, लवकुश राणा, सुमित जायसवाल, धर्मेंद्र बंजारा वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेश हुए। विदित हो कि मामले में पांच अभियुक्त अंकित दास, लतीफ उर्फ काले सत्यम त्रिपाठी नंदन सिंह बिष्ट और शेखर भारती की ओर से दाखिल डिस्चार्ज प्रार्थना पत्रों पर अभी शासकीय पक्ष से आपत्ति नहीं दाखिल नहीं की जा सकी है। जबकि पिछली पेशी में अदालत ने शासन को आपत्ति दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया था।
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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में मंगलवार को भी आरोप पर सुनवाई नहीं हो सकी। जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से डिस्चार्ज एप्लीकेशन पर जवाब देने के लिए समय की मांग की गई, जिस पर अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 22 जून की तारीख तय की है।
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तिकुनिया कांड मामले में डीजीसी अरविंद त्रिपाठी और वादी जगजीत सिंह की ओर से नियुक्त सीनियर वकील सुरेश कुमार सिंह ने स्थगन अर्जी देते हुए डिस्चार्ज प्रार्थना पत्रों पर सरकार पक्ष से आपत्ति तैयार न होने की बात कही और अदालत से समय मांगा। प्रभारी जिला जज रामेंद्र कुमार ने जिला अध्यक्ष मुकेश मिश्र के ग्रीष्मकालीन अवकाश पर होने का हवाला देते हुए अगली सुनवाई के लिए 22 जून की तारीख तय कर दी है। वहीं वीरेंद्र शुक्ल की ओर से उनके अधिवक्ता अनिल त्रिवेदी ने हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। बताया कि आवश्यक कार्य होने के कारण वह कोर्ट नहीं आए हैं।
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जेल में बंद बाकी अभियुक्त आशीष मिश्र मोनू, आशीष पांडे, लवकुश राणा, सुमित जायसवाल, धर्मेंद्र बंजारा वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेश हुए। विदित हो कि मामले में पांच अभियुक्त अंकित दास, लतीफ उर्फ काले सत्यम त्रिपाठी नंदन सिंह बिष्ट और शेखर भारती की ओर से दाखिल डिस्चार्ज प्रार्थना पत्रों पर अभी शासकीय पक्ष से आपत्ति नहीं दाखिल नहीं की जा सकी है। जबकि पिछली पेशी में अदालत ने शासन को आपत्ति दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया था।