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Lakhimpur Kheri News: घाघरा नदी में चार और आशियाने समाए, गांव पर भी संकट

Sun, 25 Oct 2026 11:19 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Sun, 25 Oct 2026 11:19 PM IST
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Four more homes submerged in the Ghaghra River, and the village is also in danger
 तेलियनपुरवा गांव में कटान करती घाघरा नदी - संवाद
धौरहरा। तेलियनपुरवा मजरा चकदहा में घाघरा नदी का कटान तेज होने से गांव पर संकट मंडराने लगा है। शनिवार को नदी में बांकेलाल, रत्ती राम, इस्राइल और मुकीम के घर समा गए।
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ग्रामीणों के मुताबिक, एक सप्ताह में छह घर कट चुके हैं और कई अन्य कटान की जद में हैं। करीब सौ एकड़ कृषि भूमि पहले ही नदी में समा चुकी है। अब आबादी तक कटान पहुंचने से ग्रामीण दहशत में हैं। कई परिवार अपने आशियाने खुद तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले कल्लू और शकील के घर भी नदी में कट चुके हैं। कल्लू, शमसुद्दीन, समीउद्दीन, सुशील, जलालुद्दीन, रामप्रकाश, सकीला, मोहम्मद अनीस और रामू ने कहा कि क्षेत्र में हर साल कटान होता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।
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उनका कहना है कि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो तेलियनपुरवा का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा। ग्रामीणों ने जल्द कटानरोधी कार्य कराने की मांग की है।
कटान की समस्या को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद बाढ़ खंड के अधिकारियों ने शुक्रवार को कटान स्थल पर मिट्टी भरी बोरियां लगवाई थीं। ग्रामीणों के मुताबिक, तेज बहाव में बोरियां बह गईं। कल्लू और शकील ने आरोप लगाया कि कटान रोकने के नाम पर खानापूरी की जा रही है।

-----------बचाव कार्य शुरू कराया गया है। तेज बहाव में कुछ बोरियां नदी में समाने की सूचना मिली है। एसडीओ की देखरेख में काम दोबारा शुरू कराया गया है।

-अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड शारदा नगर
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तीन माह से खेतों में कैद बाढ़ का पानी, संकट में फसलें

बिजुआ। शारदा नदी की बाढ़ का पानी तीन महीने बाद भी खेतों से नहीं निकल सका है। जगदेवपुर में कुंडा फार्म के पास कई एकड़ कृषि भूमि जलमग्न है।
धान की फसल पानी में डूबी हुई है, जबकि गन्ने की फसल भी प्रभावित हो रही है। जलनिकासी का रास्ता बंद होने से खेतों में पानी ठहरा है। इससे फसलों पर संकट बढ़ने के साथ किसानों का आवागमन भी बाधित है।
किसानों का कहना है कि लंबे समय से जलभराव के कारण धान और गन्ने की फसल खराब हो रही है। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से नुकसान बढ़ता जा रहा है। किसानों ने जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और बंद रास्ता खुलवाने की मांग की है।
प्रभावित किसानों में सत्यपाल शर्मा, वीरू शर्मा, पोले शर्मा, केवल, बजे, गुल्लू और जगदीश सहित अन्य लोग शामिल हैं। संवाद
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