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चार मिलों ने अब तक नहीं किया गन्ना मूल्य भुगतान
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 11 Jan 2016 07:23 PM IST
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जिले की नौ चीनी मिलों में से चार मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा और ऐरा मिल ने अब तक नए पेराई सत्र का एक पैसा गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया है। जबकि पेराई सत्र को डेढ़ माह से अधिक समय बीत चुका हैै। गन्ना मूल्य का भुगतान न मिलने से गन्ना किसान आर्थिक संकटों से जूझ रहे हैं। तो राज्य सरकार ने अब तक गन्ना समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया है। इसके अलावा बजाज ग्रुप की तीनों मिलों ने पिछले पेराई सत्र का बकाया भुगतान कर दिया है, लेकिन ऐरा मिल पर अब भी पिछले पेराई सत्र का 20 करोड़ 26 लाख 72 हजार रुपये बकाया है।
गन्ना विभाग के मुताबिक बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिल ने सोमवार को पिछले पेराई सत्र का बकाया गन्ना मूल्य पांच करोड़ छह लाख 87 हजार रुपये भुगतान कर दिया हैै। अभी इस ग्रुप ने नए पेराई सत्र का भुगतान शुरू नहीं किया है। इस तरह नौ चीनी मिलों में से आठ मिलों ने पिछले पेराई सत्र का पूर्ण भुगतान कर दिया है, लेकिन करोड़ों रुपये ब्याज की देनदारी अभी बकाया है। जबकि एकमात्र ऐरा मिल ही ऐसी है, जिस पर पिछले पेराई सत्र का 20 करोड़ 26 लाख 72 हजार रुपये बकाया है और नए पेराई सत्र का भुगतान शुरू नहीं किया है। नए पेराई सत्र में भुगतान करने वाली मिलों की फेहरिस्त में पांच मिलें अजबापुर, गुलरिया, कुंभी, बेलरायां और संपूर्णानगर हैं। इनमें से सोमवार को तीन मिलों ने 53 करोड़ 24 लाख 99 हजार रुपये भुगतान किया है, जिसमें अजबापुर ने 15 करोड़ 98 लाख 92 हजार, कुंभी ने 18 करोड़ 40 लाख 49 हजार और कुंभी ने 18 करोड़ 85 लाख 58 हजार रुपये भुगतान किया है। गन्ना समर्थन मूल्य घोषित न होने से अभी पिछले वर्ष की भांति 240 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पार्ट भुगतान किया जा रहा है।
घटतोली रोकने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई
लखीमपुर खीरी। खंभारखेड़ा चीनी मिल में शनिवार और रविवार को घटतोली को लेकर हुए किसानों के हंगामे के बाद जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, जो मिल गेट पर कांटे पर होने वाली गन्ने की तोल पर पूरी नजर रखेंगे। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान मिले अंतर की रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए सहायक चीनी आयुक्त सीतापुर को भेजी गई है। इसके साथ ही मिल गेट पर गन्ने की तोल पर 24 घंटे नजर रखने के लिए बारी-बारी से तीन कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें सीडीआई निर्भय कुमार सिंह, अरनीखाना के सचिव रामसिंह और सीडीआई राजेश कुमार शामिल हैैं।
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जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि बजाज ग्रुप की तीनों मिलों गोला, पलिया और खंभारखेड़ा ने इसी सप्ताह से नए सीजन का भुगतान करने का आश्वासन दिया है। सिर्फ ऐरा मिल पर पिछले पेराई सत्र का भुगतान बकाया रह गया है, जिसका जल्द भुगतान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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गन्ना विभाग के मुताबिक बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिल ने सोमवार को पिछले पेराई सत्र का बकाया गन्ना मूल्य पांच करोड़ छह लाख 87 हजार रुपये भुगतान कर दिया हैै। अभी इस ग्रुप ने नए पेराई सत्र का भुगतान शुरू नहीं किया है। इस तरह नौ चीनी मिलों में से आठ मिलों ने पिछले पेराई सत्र का पूर्ण भुगतान कर दिया है, लेकिन करोड़ों रुपये ब्याज की देनदारी अभी बकाया है। जबकि एकमात्र ऐरा मिल ही ऐसी है, जिस पर पिछले पेराई सत्र का 20 करोड़ 26 लाख 72 हजार रुपये बकाया है और नए पेराई सत्र का भुगतान शुरू नहीं किया है। नए पेराई सत्र में भुगतान करने वाली मिलों की फेहरिस्त में पांच मिलें अजबापुर, गुलरिया, कुंभी, बेलरायां और संपूर्णानगर हैं। इनमें से सोमवार को तीन मिलों ने 53 करोड़ 24 लाख 99 हजार रुपये भुगतान किया है, जिसमें अजबापुर ने 15 करोड़ 98 लाख 92 हजार, कुंभी ने 18 करोड़ 40 लाख 49 हजार और कुंभी ने 18 करोड़ 85 लाख 58 हजार रुपये भुगतान किया है। गन्ना समर्थन मूल्य घोषित न होने से अभी पिछले वर्ष की भांति 240 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पार्ट भुगतान किया जा रहा है।
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घटतोली रोकने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई
लखीमपुर खीरी। खंभारखेड़ा चीनी मिल में शनिवार और रविवार को घटतोली को लेकर हुए किसानों के हंगामे के बाद जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, जो मिल गेट पर कांटे पर होने वाली गन्ने की तोल पर पूरी नजर रखेंगे। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान मिले अंतर की रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए सहायक चीनी आयुक्त सीतापुर को भेजी गई है। इसके साथ ही मिल गेट पर गन्ने की तोल पर 24 घंटे नजर रखने के लिए बारी-बारी से तीन कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें सीडीआई निर्भय कुमार सिंह, अरनीखाना के सचिव रामसिंह और सीडीआई राजेश कुमार शामिल हैैं।
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जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि बजाज ग्रुप की तीनों मिलों गोला, पलिया और खंभारखेड़ा ने इसी सप्ताह से नए सीजन का भुगतान करने का आश्वासन दिया है। सिर्फ ऐरा मिल पर पिछले पेराई सत्र का भुगतान बकाया रह गया है, जिसका जल्द भुगतान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।