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UP: यहां दिवाली पर उल्लुओं की निगरानी में लगाई गईं वन कर्मियों की टीमें, शिकारियों पर पैनी नजर
Sat, 11 Nov 2023 04:32 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 11 Nov 2023 04:32 PM IST
सार
दिवाली पर महालक्ष्मी की पूजा की जाती है। उल्लू को महालक्ष्मी का वाहन माना जाता है। अंधविश्वास में लोग धन पाने की चाहत में दिवाली पर उल्लू की बलि चढ़ाते हैं। इसके चलते दुधवा में अलर्ट जारी किया गया है।
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उल्लू
- फोटो : Social media
विस्तार
लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों में दिवाली पर उल्लुओं के शिकार की आशंका के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है। एफडी ललित वर्मा ने वनाधिकारियों और वन कर्मियों से उल्लुओं का शिकार करने वाले लोगों खासकर बहेलियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
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दिवाली पर महालक्ष्मी की पूजा की जाती है। उल्लू को महालक्ष्मी का वाहन माना जाता है। अंधविश्वास में लोग धन पाने की चाहत में दिवाली पर उल्लू की बलि चढ़ाते हैं। इसी अंधविश्वास में लोग दिवाली से पहले उल्लू का शिकार करते हैं। इसको देखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
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निगरानी के लिए लगीं कई टीमें
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित वर्मा ने बताया कि दिवाली के अवसर पर उल्लुओं का शिकार रोकने के लिए पूरे टाइगर रिजर्व में निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीमें लगा दी गईं हैं। इन टीमों में शामिल फील्ड कर्मी को जंगल से सटी आबादी वाले क्षेत्र में चौबीस घंटे बारी-बारी से निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। खासकर बहेलियों और शिकारियों को चिह्नित कर कड़ी निगरानी करने को कहा गया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित वर्मा ने बताया कि दिवाली के अवसर पर उल्लुओं का शिकार रोकने के लिए पूरे टाइगर रिजर्व में निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीमें लगा दी गईं हैं। इन टीमों में शामिल फील्ड कर्मी को जंगल से सटी आबादी वाले क्षेत्र में चौबीस घंटे बारी-बारी से निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। खासकर बहेलियों और शिकारियों को चिह्नित कर कड़ी निगरानी करने को कहा गया है।
एफडी ने बताया कि कुछ लोग तंत्र-मंत्र के लिए उल्लुओं का शिकार करने की फिराक में रहते हैं। इसको लेकर डीटीआर प्रशासन सतर्क है। जंगल से सटी आबादी के रास्तों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। उल्लू का शिकार करने वाले लोगों के पकड़े जाने पर उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।