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Lakhimpur Kheri News: वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल, कटान के दोषी अब भी आजाद
Wed, 01 Oct 2025 12:08 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 01 Oct 2025 12:08 AM IST
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जंगल से कटी खैर के पेड़ों की जड़ें। स्रोत : ग्रामीण
निघासन। दुधवा से जुड़े सुहेली जंगल में खैर की अवैध कटाई और तस्करी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बीते दिनों दक्षिण निघासन रेंज लुधौरी की टीम ने एक ट्रक पकड़ा था। इसमें खैर की करीब 160 बोटे लकड़ी लदी हई थीं। मौके से ट्रक चालक और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
मामले में स्थानीय ठेकेदारों और बड़े माफियाओं के संलिप्त होने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग ने महज औपचारिकता निभाई और असल दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। यही वजह है कि बेशकीमती खैर की लकड़ी के अवैध कटान में शामिल ठेकेदार और माफिया अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
ग्रामीणों ने जंगल से काटी गई खैर की जड़ों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। हालांकि मझगई रेंजर अंकित सिंह का कहना है, कि विभागीय स्तर पर जांच जारी है। लोगों का सवाल है, कि जब ट्रक और आरोपी मौके पर पकड़े जा चुके हैं तो फिर इस तस्करी के पीछे के बड़े चेहरों को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है। वन विभाग की इस ढुलमुल कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में नाराज़गी साफ झलक रही है। इस मामले में एसडीओ मनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच कर रिपोर्ट डीएफओ को भेज दी गई है, कार्यवाही उन्हीं के स्तर से की जाएगी।
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मामले में स्थानीय ठेकेदारों और बड़े माफियाओं के संलिप्त होने की चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग ने महज औपचारिकता निभाई और असल दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। यही वजह है कि बेशकीमती खैर की लकड़ी के अवैध कटान में शामिल ठेकेदार और माफिया अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
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ग्रामीणों ने जंगल से काटी गई खैर की जड़ों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। हालांकि मझगई रेंजर अंकित सिंह का कहना है, कि विभागीय स्तर पर जांच जारी है। लोगों का सवाल है, कि जब ट्रक और आरोपी मौके पर पकड़े जा चुके हैं तो फिर इस तस्करी के पीछे के बड़े चेहरों को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है। वन विभाग की इस ढुलमुल कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में नाराज़गी साफ झलक रही है। इस मामले में एसडीओ मनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच कर रिपोर्ट डीएफओ को भेज दी गई है, कार्यवाही उन्हीं के स्तर से की जाएगी।
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