{"_id":"6328c2a500e36a1757489ae4","slug":"floud-lakhimpur-news-bly4981210155","type":"story","status":"publish","title_hn":"साठ गांव बाढ़ की चपेट में, शारदा अब भी खतरे के निशान से ऊपर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साठ गांव बाढ़ की चपेट में, शारदा अब भी खतरे के निशान से ऊपर
सार
शारदा नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया है लेकिन मोहाना और सुहेली नदी के तेवर अभी नरम नहीं हुए हैँ।पलिया क्षेत्र में सुहेली तो तिकुनिया में घाघरा नदी अपने तेवर दिखा रही है।सोमवार सुबह तक इन सभी गांवों का दूसरी जगहों से संपर्क कट गया और यहां आने-जाने का जरिया केवल नाव या फिर ट्रैक्टर-ट्राली ही रह गई है।
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विस्तार
लखीमपुर खीरी। शारदा नदी का जलस्तर घटना शुरू हो गया है लेकिन मोहाना और सुहेली नदी के तेवर अभी नरम नहीं हुए हैँ। पलिया क्षेत्र में सुहेली तो तिकुनिया में घाघरा नदी अपने तेवर दिखा रही है। धौरहरा क्षेत्र में घाघरा तो बिजुआ और फूलबेहड़ इलाके में शारदा कहर ढा रही है। साठ से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। जिला प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।
रविवार दोपहर बाद से शारदा नदी के जलस्तर में गिरावट शुरू होने लगी है। सोमवार को भी पूरे दिन जलस्तर गिरावट का सिलसिला जारी रहा। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर 154.420 सेंटीमीटर पर बह रही है। जल आयोग की मानें तो नदी का जलस्तर गिर रहा है और बनबसा बैराज से पानी न छोड़े जाने के कारण शारदा नदी में पानी नहीं आ रहा है।
19एलकेएच405, 406, 407, 408, 409, 412, 413
एक दर्जन गांवों में घुसा सुहेली नदी की बाढ़ का पानी
हवाई पट्टी रोड पर चल रहा तीन फिट पानी, अधिकारियों ने लिया जायजा
पलियाकलां। नेपाली नदियों के उफान पर होने के कारण सुहेली नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। सुहेली नदी की बाढ़ से देवीपुर, गजरौरा, फुलवरिया, ऐंठपुर, बिलहिया फार्म, खुशीपुर, निषादनगर, पटिहन, घोला समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गांव में पानी तीन फिट से अधिक है।
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सोमवार सुबह तक इन सभी गांवों का दूसरी जगहों से संपर्क कट गया और यहां आने-जाने का जरिया केवल नाव या फिर ट्रैक्टर-ट्राली ही रह गई है। फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गईं हैं। मुंजहा हवाई पट्टी जाने वाले रास्ते पर पुल से आगे दो से तीन फिट रोड पर पानी चल रहा है। चंबरबोझ में भी ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है और यहां का रपटा पुल पूरी तरह से पानी में डूब गया है। चंबरबोझ के आसपास इलाके भी पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। फसलें पूरी डूबी हुईं हैं। बिलहिया फार्म से आने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को एसडीएम कार्तिकेय सिंह, तहसीलदार आशीष कुमार सिंह पूरे प्रशासनिक अमले के साथ मुंजहा पुल पर पहुंचे। इसके बाद नाव से देवीपुर, गजरौरा समेत अन्य गांवों का निरीक्षण किया। संवाद
19एलकेएच414, 415, 19एलकेएच410
विद्युत उपकेंद्र में भरा पानी 25 से अधिक गांवों की बिजली गुल
सुहेली नदी के पानी से सराबोर हुआ दुधवा नेशनल पार्क का जंगल
तिकुनिया/ पलियाकलां। विद्युत उपकेंद्र में भी बाढ़ का पानी भर गया है। इसके चलते इस विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 25 से अधिक गांवों में शनिवार शाम से अंधेरा पसरा है। विद्युत उपकेंद्र में में रविवार से करीब तीन फीट गहरा पानी भरा हुआ है। अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि पानी निकल कर सूख जाने पर ही बिजली आपूर्ति शुरू हो सकेगी।
दुधवा नेशनल पार्क का जंगल सुहेली नदी की बाढ़ के पानी से सराबोर हो गया है। यहां जंगल में करीब चार से पांच फिट तक पानी भर गया है। सुहेली का जलस्तर बढ़ने से गांवों के साथ ही सठियाना रेंज के जंगल में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं देवीपुर, गजरौरा, फुलवरिया, ऐंठपुर, मुंजहा, बिलहिया, खुशीपुर समेत अन्य स्कूलों में पढ़ाने जाने वाले शिक्षक आधे रास्ते में ही फंसे खड़े दिखे। शिक्षक धर्मेंद्र शर्मा, कपिल मिश्रा, अवधेश कुमार, अनुज कुमार, धर्मेश यादव, सतीश यादव ने बताया कि सुबह से ही पानी आ जाने के कारण वह यहां फंसे हैं और पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। नाव आदि भी नहीं हैं।
19एलकेएच411
महिलाओं ने किया प्रदर्शन
पलियाकलां। रविवार देर रात से सुहेली का जलस्तर बढ़ा और सोमवार को रपटा पुल से पीछे रहने वाले ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया। प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर आकर जायजा न लेने से महिलाएं भड़क गईं और अधिकारियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही निरीक्षण कर सहायता दिलाए जाने की मांग की। इस दौरान फुलझड़ी, पिंकी, राधिका, निशा, लीलावती, नीलम, मालती, सावित्री, शिवरानी, सीता, सुभाषनी, रामदेवी, क्रांति, पवन देवी, रानी, प्रीति, प्रीतबाला, गीता, कलावती समेत भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
तिकुनिया के ये गांव प्रभावित
बनवीरपुर, रामनगर, गंगानगर, इंदर नगर, सूरत नगर, चौगुर्जी, जसनगर, केवटली, खैरटिया, सहनखेड़ा, बरसोलाकलां, टांडा रामनगर, मुजहा, सिसवारी, रायपुर,निबौरिया, उमरा गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए है। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। गुरु नानक इंटर कॉलेज में बाढ़ राहत कैंप बनाया गया है।
धौरहरा में पचास से अधिक गांव जलमग्न
बैलागढी, ओझा पुरवा, पोखरा, चकदहा, मांझी सुमाली, राम लोक, स्वर्ग लोक, परसा, बंसीबेली, बुद्धापुरवा, कैराती पुरवा, शेखपुर व गदियाना आदि गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। गांवों तक पहुंचाने वाले रास्तों पर भी बाढं का पानी भरा है।
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रविवार दोपहर बाद से शारदा नदी के जलस्तर में गिरावट शुरू होने लगी है। सोमवार को भी पूरे दिन जलस्तर गिरावट का सिलसिला जारी रहा। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर 154.420 सेंटीमीटर पर बह रही है। जल आयोग की मानें तो नदी का जलस्तर गिर रहा है और बनबसा बैराज से पानी न छोड़े जाने के कारण शारदा नदी में पानी नहीं आ रहा है।
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19एलकेएच405, 406, 407, 408, 409, 412, 413
एक दर्जन गांवों में घुसा सुहेली नदी की बाढ़ का पानी
हवाई पट्टी रोड पर चल रहा तीन फिट पानी, अधिकारियों ने लिया जायजा
पलियाकलां। नेपाली नदियों के उफान पर होने के कारण सुहेली नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। सुहेली नदी की बाढ़ से देवीपुर, गजरौरा, फुलवरिया, ऐंठपुर, बिलहिया फार्म, खुशीपुर, निषादनगर, पटिहन, घोला समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गांव में पानी तीन फिट से अधिक है।
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सोमवार सुबह तक इन सभी गांवों का दूसरी जगहों से संपर्क कट गया और यहां आने-जाने का जरिया केवल नाव या फिर ट्रैक्टर-ट्राली ही रह गई है। फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गईं हैं। मुंजहा हवाई पट्टी जाने वाले रास्ते पर पुल से आगे दो से तीन फिट रोड पर पानी चल रहा है। चंबरबोझ में भी ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है और यहां का रपटा पुल पूरी तरह से पानी में डूब गया है। चंबरबोझ के आसपास इलाके भी पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं। फसलें पूरी डूबी हुईं हैं। बिलहिया फार्म से आने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को एसडीएम कार्तिकेय सिंह, तहसीलदार आशीष कुमार सिंह पूरे प्रशासनिक अमले के साथ मुंजहा पुल पर पहुंचे। इसके बाद नाव से देवीपुर, गजरौरा समेत अन्य गांवों का निरीक्षण किया। संवाद
19एलकेएच414, 415, 19एलकेएच410
विद्युत उपकेंद्र में भरा पानी 25 से अधिक गांवों की बिजली गुल
सुहेली नदी के पानी से सराबोर हुआ दुधवा नेशनल पार्क का जंगल
तिकुनिया/ पलियाकलां। विद्युत उपकेंद्र में भी बाढ़ का पानी भर गया है। इसके चलते इस विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 25 से अधिक गांवों में शनिवार शाम से अंधेरा पसरा है। विद्युत उपकेंद्र में में रविवार से करीब तीन फीट गहरा पानी भरा हुआ है। अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि पानी निकल कर सूख जाने पर ही बिजली आपूर्ति शुरू हो सकेगी।
दुधवा नेशनल पार्क का जंगल सुहेली नदी की बाढ़ के पानी से सराबोर हो गया है। यहां जंगल में करीब चार से पांच फिट तक पानी भर गया है। सुहेली का जलस्तर बढ़ने से गांवों के साथ ही सठियाना रेंज के जंगल में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं देवीपुर, गजरौरा, फुलवरिया, ऐंठपुर, मुंजहा, बिलहिया, खुशीपुर समेत अन्य स्कूलों में पढ़ाने जाने वाले शिक्षक आधे रास्ते में ही फंसे खड़े दिखे। शिक्षक धर्मेंद्र शर्मा, कपिल मिश्रा, अवधेश कुमार, अनुज कुमार, धर्मेश यादव, सतीश यादव ने बताया कि सुबह से ही पानी आ जाने के कारण वह यहां फंसे हैं और पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। नाव आदि भी नहीं हैं।
19एलकेएच411
महिलाओं ने किया प्रदर्शन
पलियाकलां। रविवार देर रात से सुहेली का जलस्तर बढ़ा और सोमवार को रपटा पुल से पीछे रहने वाले ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया। प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर आकर जायजा न लेने से महिलाएं भड़क गईं और अधिकारियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही निरीक्षण कर सहायता दिलाए जाने की मांग की। इस दौरान फुलझड़ी, पिंकी, राधिका, निशा, लीलावती, नीलम, मालती, सावित्री, शिवरानी, सीता, सुभाषनी, रामदेवी, क्रांति, पवन देवी, रानी, प्रीति, प्रीतबाला, गीता, कलावती समेत भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
तिकुनिया के ये गांव प्रभावित
बनवीरपुर, रामनगर, गंगानगर, इंदर नगर, सूरत नगर, चौगुर्जी, जसनगर, केवटली, खैरटिया, सहनखेड़ा, बरसोलाकलां, टांडा रामनगर, मुजहा, सिसवारी, रायपुर,निबौरिया, उमरा गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए है। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। गुरु नानक इंटर कॉलेज में बाढ़ राहत कैंप बनाया गया है।
धौरहरा में पचास से अधिक गांव जलमग्न
बैलागढी, ओझा पुरवा, पोखरा, चकदहा, मांझी सुमाली, राम लोक, स्वर्ग लोक, परसा, बंसीबेली, बुद्धापुरवा, कैराती पुरवा, शेखपुर व गदियाना आदि गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। गांवों तक पहुंचाने वाले रास्तों पर भी बाढं का पानी भरा है।