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Lakhimpur Kheri News: दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को पांच साल की कैद
Tue, 02 Jun 2026 11:34 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 02 Jun 2026 11:34 PM IST
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लखीमपुर खीरी। दुकान से घरेलू सामान लेकर लौट रही सात साल की मासूम से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले मनचले को एडीजे विष्णुदेव सिंह ने दोष सिद्ध पाते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि मोहम्मदी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली सात साल की मासूम नौ जून 2018 की शाम आठ बजे एक दुकान पर नमकीन लेने गई थी। लौटते समय पालिया मजरा शाहपुर के बड़े उर्फ रघुनंदन दीक्षित ने बुरी नियत से पीड़िता को दबोच कर खपरैला में खींच लिया और उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया, लेकिन दहशत के चलते वह बेहोश हो गई। पीड़िता को पास पड़ोसी खपरैल के नीचे से उठा लाए थे। इस मामले में बमुश्किल रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो आरोपी बड़े दीक्षित की संलिप्तता पाई गई। अदालत की सुनवाई में अभियोजन की तरफ से नौ दस्तावेजी साक्ष्य एवं आठ गवाहों को न्यायालय में पेश किया गया।
इसमें पीड़िता और उसके माता, पिता के साथ ही अशोक तिवारी, महिला सिपाही कामिनी, चिकित्सक डाॅ. अर्चना कुमारी, एसआई देशराज सिंह, एसआई अरुण कुमार तथा प्रधानाध्यापक सुखदेव मिश्र को पेश करते हुए बयान दर्ज कराए थे।
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बचाव पक्ष की तरफ से अदालत में कोई दलील नहीं लगने दी। मंगलवार को एडीजे विष्णु देव सिंह की अदालत ने दोषी रघुनंदन को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। संवाद
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अभियोजन पक्ष ने बताया कि मोहम्मदी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली सात साल की मासूम नौ जून 2018 की शाम आठ बजे एक दुकान पर नमकीन लेने गई थी। लौटते समय पालिया मजरा शाहपुर के बड़े उर्फ रघुनंदन दीक्षित ने बुरी नियत से पीड़िता को दबोच कर खपरैला में खींच लिया और उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया, लेकिन दहशत के चलते वह बेहोश हो गई। पीड़िता को पास पड़ोसी खपरैल के नीचे से उठा लाए थे। इस मामले में बमुश्किल रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो आरोपी बड़े दीक्षित की संलिप्तता पाई गई। अदालत की सुनवाई में अभियोजन की तरफ से नौ दस्तावेजी साक्ष्य एवं आठ गवाहों को न्यायालय में पेश किया गया।
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इसमें पीड़िता और उसके माता, पिता के साथ ही अशोक तिवारी, महिला सिपाही कामिनी, चिकित्सक डाॅ. अर्चना कुमारी, एसआई देशराज सिंह, एसआई अरुण कुमार तथा प्रधानाध्यापक सुखदेव मिश्र को पेश करते हुए बयान दर्ज कराए थे।
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बचाव पक्ष की तरफ से अदालत में कोई दलील नहीं लगने दी। मंगलवार को एडीजे विष्णु देव सिंह की अदालत ने दोषी रघुनंदन को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। संवाद