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जिले भर में किसानों ने प्रदर्शन किया और रैलियां निकालीं
सार
संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले भारत बंद के आह्वान का जिले में मिला जुला असर दिखा
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लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर ज्ञापन देने जाते किसान।
विस्तार
राकिमसं और भाकियू अवध प्रदर्शन से रहे बाहर
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प्रदर्शन के दौरान पुलिस-प्रशासन रहा चौकन्ना
लखीमपुर खीरी। कृषि कानूनों का विरोध, गन्ना भुगतान समेत कई मांगों को लेकर सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया गया था। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान संगठनों ने जिले भर में प्रदर्शन किए, रैली निकाली और अपनी मांगों को मनमाने के लिए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। इस दौरान पुलिस-प्रशासन पूरी से चौकन्ना रहा, जिससे कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
लखीमपुर में क्षेत्रों से आकर विलोबी मैदान में जुटे भाकियू टिकैत गुट से जुड़े किसान जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कानून बनाने और डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस व बिजली की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने की मांग की गई।
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डीएम को सौंपे ज्ञापन में जिलाध्यक्ष अमनदीप संधू ने कहा कि तीनों कृषि कानून वापस लिए जाएं, क्योंकि इनके लागू होने पर समर्थन मूल्य प्रणाली, सरकारी खरीद और मंडी प्रभावित होगी। कालाबाजारी के कारण महंगाई बढ़ेगी। हालांकि, सोमवार का दिन होने के कारण साप्ताहिक बंदी थी, ऐसे में शहर में इस बंद के आह्वान का कोई खास असर नहीं दिखा।
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उचौलिया। भारत बंद का कस्बे की मुख्य बाजार में कोई असर नहीं पड़ा। रोज की तरह यहां पूरी मार्केट की दुकानें खुली रहीं और साप्ताहिक बाजार भी लगी। कस्बे की गुरुद्वारा मार्केट में बंदी समर्थक कुछ लोगों ने बंद का आह्वान किया था, जिस पर वहां की दुकानें बंद रहीं। इस दौरान वहां पर माहौल शांतिपूर्ण रहा। किसी तरह का धरना प्रदर्शन अथवा चक्का जाम की परिस्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
मोहम्मदी। सोमवार की सुबह सीओ राजेश कुमार सिंह ने पुलिस पीएसी बल के साथ गोमती मोड़ पर संदिग्ध वाहनों को रोककर किसान नेताओं के बारे में पूछताछ की। यहां भारत बंद का कोई असर नहीं दिखाई दिया। सोमवार को मार्केट की साप्ताहिक बंदी रहने से भी बंद बेअसर रहा।
मझगईं। कस्बा मझगईं व नौगवां में बंदी का असर नहीं दिखाई दिया। रोजाना की तरह सभी दुकानें खुलीं। चौकी इंचार्ज हनुमंत लाल तिवारी पूरे कस्बा में पैदल गश्त करते रहे।
संपूर्णानगर। संपूर्णानगर व खजुरिया बाजार में बंदी का मिला जुला असर दिखाई दिया। खजुरिया से महंगापुर तक पुलिस बल तैनात रहा। थाना प्रभारी अनिल कुमार सैनी के नेतृत्व में पुलिस बल तिराहे पर मुस्तैद दिखाई दिया। खजुरिया, बसही, संपूर्णानगर में मिला जुला बंदी का असर दिखा।
बिजुआ में सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
बिजुआ। किसान नेता दिलबाग सिंह सिद्धू की अगुवाई में सोमवार की दोपहर बस्तोला में प्रदर्शन करते हुए किसानों ने सड़क जाम कर दी। करीब 250 किसान दरी बिछाकर सड़क पर ही बैठ गए। किसान नेताओं से भीरा एसओ अजयराय ने रोड जाम न कर अपनी बात रखने को कहा तो किसान नेताओं ने किसी राजपत्रित अधिकारी को मौके पर बुलाने और उनको ज्ञापन देने की मांग की। एक घंटे से ज्यादा चले चक्काजाम में एंबुलेंस और अन्य आवश्यक वाहनों को ही आने जाने की छूट दी गई, जिससे सभी ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। एसडीएम गोला अखिलेश यादव के पहुंचने पर किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर धरना खत्म किया। संवाद
तिकुनियां में भारत बंद को लेकर किसानों ने निकाली रैली
तिकुनियां। सोमवार सुबह करीब 11:00 बजे क्षेत्र के किसानों ने कृषि उत्पादन मंडी समिति तिकुनिया में इकट्ठा होकर बाइक के जरिये बंद दुकानों के बीच नारे लगाये। बाद में निघासन में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। रैली में सुखचैन सिंह, गुरजिंदर सिंह विर्क, जयमल सिंह, राम सिंह, सतनाम सिंह, गुरबाज सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
रैली निकालकर जताया विरोध
चपरतला। मैगलगंज कस्बा से लेकर आसपास के गांवों में किसान यूनियन के संयुक्त मोर्चे के द्वारा अलग-अलग संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन स्वराज के जिला अध्यक्ष अनूप सिसोदिया ने लखनऊ बरेली नेशनल हाईवे चपरतला को जाम करने के लिए कहा, जिस पर खीरी पुलिस ने पीएसी तैनात कर दी, जिससे किसान नेशनल हाईवे पर नहीं गए और अलियापुर जाने वाले मार्ग पर ज्ञापन दिया। कस्बा मैगलगंज में भारतीय किसान यूनियन दशहरी के जिला अध्यक्ष दर्शन सिंह के नेतृत्व में कस्बे के अंदर भारत बंद की रैली निकाली जा रही थी, इसमें सिख समुदाय के व्यापारी और मुस्लिम समुदाय के व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
निघासन मेें रही पूर्ण बंदी, सिंगाही, ढखेरवा, झंडी, दुबहा, रकेहटी में नहीं दिखा असर
निघासन। किसानों के आह्वान पर निघासन में पूर्ण बंदी रही। सिंगाही, ढखेरवा, झंडी, दुबहा, रकेहटी आदि स्थानों पर बंदी का असर नहीं दिखा। सिंगाही रोड पर प्रीतम पुरवा जाने वाली सड़क के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर साइकिल रैली को रोक दिया। उसके बाद नारेबाजी करते हुए किसान सदर चौराहे पर पहुंचे और वहां सभा की। बंदी को सफल बनाने के लिए, व्यापारियों, अधिवक्ताओं और सपाइयों ने समर्थन देकर कार्यक्रम में पहुंचकर बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। संवाद
गन्ना समिति से किसानों ने निकाला जुलूस, सौंपा ज्ञापन
पलियाकलां। अखिल भारतीय किसान महासभा, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के साथ ही अन्य दलों के नेताओं ने गन्ना समिति से जुलूस निकाला। नारेबाजी के साथ जुलूस तहसील गेट पर पहुंचा, यहां राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम डॉ. अमरेश कुमार को दिया। हालांकि, भारत बंद का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ा और बाजार पूरी तरह से खुला रहा। संवाद
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प्रदर्शन के दौरान पुलिस-प्रशासन रहा चौकन्ना लखीमपुर खीरी। कृषि कानूनों का विरोध, गन्ना भुगतान समेत कई मांगों को लेकर सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया गया था। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान संगठनों ने जिले भर में प्रदर्शन किए, रैली निकाली और अपनी मांगों को मनमाने के लिए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। इस दौरान पुलिस-प्रशासन पूरी से चौकन्ना रहा, जिससे कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
लखीमपुर में क्षेत्रों से आकर विलोबी मैदान में जुटे भाकियू टिकैत गुट से जुड़े किसान जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने, फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर कानून बनाने और डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस व बिजली की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने की मांग की गई।
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डीएम को सौंपे ज्ञापन में जिलाध्यक्ष अमनदीप संधू ने कहा कि तीनों कृषि कानून वापस लिए जाएं, क्योंकि इनके लागू होने पर समर्थन मूल्य प्रणाली, सरकारी खरीद और मंडी प्रभावित होगी। कालाबाजारी के कारण महंगाई बढ़ेगी। हालांकि, सोमवार का दिन होने के कारण साप्ताहिक बंदी थी, ऐसे में शहर में इस बंद के आह्वान का कोई खास असर नहीं दिखा।
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उचौलिया। भारत बंद का कस्बे की मुख्य बाजार में कोई असर नहीं पड़ा। रोज की तरह यहां पूरी मार्केट की दुकानें खुली रहीं और साप्ताहिक बाजार भी लगी। कस्बे की गुरुद्वारा मार्केट में बंदी समर्थक कुछ लोगों ने बंद का आह्वान किया था, जिस पर वहां की दुकानें बंद रहीं। इस दौरान वहां पर माहौल शांतिपूर्ण रहा। किसी तरह का धरना प्रदर्शन अथवा चक्का जाम की परिस्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
मोहम्मदी। सोमवार की सुबह सीओ राजेश कुमार सिंह ने पुलिस पीएसी बल के साथ गोमती मोड़ पर संदिग्ध वाहनों को रोककर किसान नेताओं के बारे में पूछताछ की। यहां भारत बंद का कोई असर नहीं दिखाई दिया। सोमवार को मार्केट की साप्ताहिक बंदी रहने से भी बंद बेअसर रहा।
मझगईं। कस्बा मझगईं व नौगवां में बंदी का असर नहीं दिखाई दिया। रोजाना की तरह सभी दुकानें खुलीं। चौकी इंचार्ज हनुमंत लाल तिवारी पूरे कस्बा में पैदल गश्त करते रहे।
संपूर्णानगर। संपूर्णानगर व खजुरिया बाजार में बंदी का मिला जुला असर दिखाई दिया। खजुरिया से महंगापुर तक पुलिस बल तैनात रहा। थाना प्रभारी अनिल कुमार सैनी के नेतृत्व में पुलिस बल तिराहे पर मुस्तैद दिखाई दिया। खजुरिया, बसही, संपूर्णानगर में मिला जुला बंदी का असर दिखा।