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मुलाकात पर्ची ऑनलाइन करने की कवायद
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 03 Apr 2015 06:47 PM IST
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बंदियों से मुलाकात के लिए उनके परिवारीजनों या संबंधियों को सुबह-सुबह कारागार पहुंचकर पर्ची कटवाने के झंझट से राहत मिलने वाली है। कारागार प्रशासन ने मुलाकात पर्ची को ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक बंदियों से मुलाकात पर्ची जल्द ही ऑनलाइन करने के लिए कंप्यूटर सिस्टम से लैस दो काउंटर बनाने और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिए गए हैं।
कारागार अधीक्षक एचआर दोहरे का कहना है कि पूरे प्रदेश की जेलों में मुलाकात और बंदियों के आपराधिक रिकार्ड की जानकारी को ऑनलाइन करने के लिए ई-प्रिजन के अंतर्गत कवायद तेज की गई है। यहां बता दें कि बंदियों से मुलाकात से पहले उनके घरवालों और संबंधियों की फोटो खींचकर पर्ची बनाने का सिस्टम लागू है। इससे कारागार प्रशासन अपनी सुरक्षा-व्यवस्था को सुदृढ़ कर पाता है, लेकिन अब बंदियों से मुलाकात के लिए आने वाले लोगों की सुविधा को देखते हुए मुलाकात पर्ची की ऑनलाइन बुकिंग का सिस्टम भी लागू किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे भाग-दौड़ की दिक्कत से बचा जा सकेगा। मुलाकात घर में दो काउंटर लगाने के अलावा वहां लोगों के बैठने के लिए बेंच भी बनाई जाएगी। साथ ही पड़ोस में पेयजल और शौचालय की भी व्यवस्था दुरुस्त कराने की कवायद शुरू की गई है।
डीआईजी ने किया कारागार का निरीक्षण
डीआईजी शरद कुलश्रेष्ठ ने गुरुवार की शाम यहां पहुंचकर कारागार और परिसर का निरीक्षण किया और मुलाकात सिस्टम को ऑनलाइन करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधाओं को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। ताकि दूर-दराज से आने वाले बंदी के किसी परिवारीजन को मुलाकात से वंचित न होना पड़े।
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मुलाकातियों के लिए बनेगा रैन बसेरा
बंदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों को अब खुले में जमीन पर नहीं बैठना पड़ेगा। इसके लिए कारागार परिसर में रैन बसेरा बनाया जा रहा है। जिसमें उनके बैठने और पेयजल की पूरी व्यवस्था की जाएगी। अधीक्षक एचआर दोहरे ने बताया कि रैन बसेरे का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। 03एलकेएचपी 13
मुलाकात पर्ची ऑनलाइन करने की कवायद
डीआईजी ने कंप्यूटरों से लैस दो काउंटर खोलने को कहा
लखीमपुर खीरी। बंदियों से मुलाकात के लिए उनके परिवारीजनों या संबंधियों को सुबह-सुबह कारागार पहुंचकर पर्ची कटवाने के झंझट से राहत मिलने वाली है। कारागार प्रशासन ने मुलाकात पर्ची को ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक बंदियों से मुलाकात पर्ची जल्द ही ऑनलाइन करने के लिए कंप्यूटर सिस्टम से लैस दो काउंटर बनाने और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिए गए हैं।
कारागार अधीक्षक एचआर दोहरे का कहना है कि पूरे प्रदेश की जेलों में मुलाकात और बंदियों के आपराधिक रिकार्ड की जानकारी को ऑनलाइन करने के लिए ई-प्रिजन के अंतर्गत कवायद तेज की गई है। यहां बता दें कि बंदियों से मुलाकात से पहले उनके घरवालों और संबंधियों की फोटो खींचकर पर्ची बनाने का सिस्टम लागू है। इससे कारागार प्रशासन अपनी सुरक्षा-व्यवस्था को सुदृढ़ कर पाता है, लेकिन अब बंदियों से मुलाकात के लिए आने वाले लोगों की सुविधा को देखते हुए मुलाकात पर्ची की ऑनलाइन बुकिंग का सिस्टम भी लागू किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे भाग-दौड़ की दिक्कत से बचा जा सकेगा। मुलाकात घर में दो काउंटर लगाने के अलावा वहां लोगों के बैठने के लिए बेंच भी बनाई जाएगी। साथ ही पड़ोस में पेयजल और शौचालय की भी व्यवस्था दुरुस्त कराने की कवायद शुरू की गई है।
डीआईजी ने किया कारागार का निरीक्षण
डीआईजी शरद कुलश्रेष्ठ ने गुरुवार की शाम यहां पहुंचकर कारागार और परिसर का निरीक्षण किया और मुलाकात सिस्टम को ऑनलाइन करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधाओं को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। ताकि दूर-दराज से आने वाले बंदी के किसी परिवारीजन को मुलाकात से वंचित न होना पड़े।
मुलाकातियों के लिए बनेगा रैन बसेरा
बंदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों को अब खुले में जमीन पर नहीं बैठना पड़ेगा। इसके लिए कारागार परिसर में रैन बसेरा बनाया जा रहा है। जिसमें उनके बैठने और पेयजल की पूरी व्यवस्था की जाएगी। अधीक्षक एचआर दोहरे ने बताया कि रैन बसेरे का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है।
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कारागार अधीक्षक एचआर दोहरे का कहना है कि पूरे प्रदेश की जेलों में मुलाकात और बंदियों के आपराधिक रिकार्ड की जानकारी को ऑनलाइन करने के लिए ई-प्रिजन के अंतर्गत कवायद तेज की गई है। यहां बता दें कि बंदियों से मुलाकात से पहले उनके घरवालों और संबंधियों की फोटो खींचकर पर्ची बनाने का सिस्टम लागू है। इससे कारागार प्रशासन अपनी सुरक्षा-व्यवस्था को सुदृढ़ कर पाता है, लेकिन अब बंदियों से मुलाकात के लिए आने वाले लोगों की सुविधा को देखते हुए मुलाकात पर्ची की ऑनलाइन बुकिंग का सिस्टम भी लागू किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे भाग-दौड़ की दिक्कत से बचा जा सकेगा। मुलाकात घर में दो काउंटर लगाने के अलावा वहां लोगों के बैठने के लिए बेंच भी बनाई जाएगी। साथ ही पड़ोस में पेयजल और शौचालय की भी व्यवस्था दुरुस्त कराने की कवायद शुरू की गई है।
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डीआईजी ने किया कारागार का निरीक्षण
डीआईजी शरद कुलश्रेष्ठ ने गुरुवार की शाम यहां पहुंचकर कारागार और परिसर का निरीक्षण किया और मुलाकात सिस्टम को ऑनलाइन करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधाओं को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। ताकि दूर-दराज से आने वाले बंदी के किसी परिवारीजन को मुलाकात से वंचित न होना पड़े।
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मुलाकातियों के लिए बनेगा रैन बसेरा
बंदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों को अब खुले में जमीन पर नहीं बैठना पड़ेगा। इसके लिए कारागार परिसर में रैन बसेरा बनाया जा रहा है। जिसमें उनके बैठने और पेयजल की पूरी व्यवस्था की जाएगी। अधीक्षक एचआर दोहरे ने बताया कि रैन बसेरे का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। 03एलकेएचपी 13
मुलाकात पर्ची ऑनलाइन करने की कवायद
डीआईजी ने कंप्यूटरों से लैस दो काउंटर खोलने को कहा
लखीमपुर खीरी। बंदियों से मुलाकात के लिए उनके परिवारीजनों या संबंधियों को सुबह-सुबह कारागार पहुंचकर पर्ची कटवाने के झंझट से राहत मिलने वाली है। कारागार प्रशासन ने मुलाकात पर्ची को ऑनलाइन करने की कवायद शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक बंदियों से मुलाकात पर्ची जल्द ही ऑनलाइन करने के लिए कंप्यूटर सिस्टम से लैस दो काउंटर बनाने और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिए गए हैं।
कारागार अधीक्षक एचआर दोहरे का कहना है कि पूरे प्रदेश की जेलों में मुलाकात और बंदियों के आपराधिक रिकार्ड की जानकारी को ऑनलाइन करने के लिए ई-प्रिजन के अंतर्गत कवायद तेज की गई है। यहां बता दें कि बंदियों से मुलाकात से पहले उनके घरवालों और संबंधियों की फोटो खींचकर पर्ची बनाने का सिस्टम लागू है। इससे कारागार प्रशासन अपनी सुरक्षा-व्यवस्था को सुदृढ़ कर पाता है, लेकिन अब बंदियों से मुलाकात के लिए आने वाले लोगों की सुविधा को देखते हुए मुलाकात पर्ची की ऑनलाइन बुकिंग का सिस्टम भी लागू किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे भाग-दौड़ की दिक्कत से बचा जा सकेगा। मुलाकात घर में दो काउंटर लगाने के अलावा वहां लोगों के बैठने के लिए बेंच भी बनाई जाएगी। साथ ही पड़ोस में पेयजल और शौचालय की भी व्यवस्था दुरुस्त कराने की कवायद शुरू की गई है।
डीआईजी ने किया कारागार का निरीक्षण
डीआईजी शरद कुलश्रेष्ठ ने गुरुवार की शाम यहां पहुंचकर कारागार और परिसर का निरीक्षण किया और मुलाकात सिस्टम को ऑनलाइन करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधाओं को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। ताकि दूर-दराज से आने वाले बंदी के किसी परिवारीजन को मुलाकात से वंचित न होना पड़े।
मुलाकातियों के लिए बनेगा रैन बसेरा
बंदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों को अब खुले में जमीन पर नहीं बैठना पड़ेगा। इसके लिए कारागार परिसर में रैन बसेरा बनाया जा रहा है। जिसमें उनके बैठने और पेयजल की पूरी व्यवस्था की जाएगी। अधीक्षक एचआर दोहरे ने बताया कि रैन बसेरे का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है।