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आज भी कुएं के पानी के सहारे हैं गदनापुर के लोग
अमर उजाला ब्यूरो पसगवां (खीरी)।
Updated Fri, 16 Jun 2017 11:39 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जलस्तर घटने से परेशान हैं गांववासी
बस्ती से दूर लगा है एक हैंडपंप
गांव-गांव तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के जहां इतने दावे किए जा रहे हैं, वहीं जिले के पसगवां ब्लॉक क्षेत्र के गदनापुर गांव के लोग आज भी कुएं के पानी के सहारे हैं। भीषण गर्मी में इस कुएं के पानी का जलस्तर घट रहा है। इसको लेकर गांव वाले चिंतित हैं। हालांकि सांसद रेखा वर्मा इसी गांव की ग्राम पंचायत मकसूदपुर की रहने वाली हैं। गांव वाले कहते हैं कि सांसद इस गांव की ओर ध्यान नहीं देतीं।
ग्राम पंचायत मकसूदपुर के मजरा गांव गदनापुर की आबादी वैसे तो करीब 12 सौ है, लेकिन करीब दो सौ लोगों की बस्ती में एक भी सरकारी हैंडपंप नहीं है, जिससे इस बस्ती के लोगों का एकमात्र सहारा दशकों पहले खुदाई कर बनाया गया कुआं ही है। बस्ती में मजदूर पेशा लोगों के कारण उनकी सामर्थ्य निजी हैंडपंप लगवाने की भी नहीं है। बस्ती निवासी शिवसागर बताते हैं कि उनकी बस्ती के दूसरी तरह एक हैंडपंप लगा है, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण उससे कोई पानी नहीं लेता। एक घर में प्रतिदिन 40 से 50 बाल्टी पानी की जरूरत होती है। अभी इस कुएं से काम चल रहा है, लेकिन इसका पानी लगातार घट रहा है, जिससे अब करीब करीब 35 फुट गहराई में पानी चला गया है, जबकि दो साल पहले तक 15 से 20 फुट नीचे ही पानी मिल जाता था। वह चिंता जताते हुए कहते हैं कि अगले साल तक यह निष्प्रयोज्य हो सकता है। ऐसी दशा में इसी बस्ती के लोगों को पानी कहां से मिलेगा।
सांसद के गांव का मजरा है गदनापुर
मैकूलाल, मेड़ई, श्रीराम, पिंकू आदि बताते हैं कि प्रधान उनके पक्ष के नहीं हैं, इसलिए वह ध्यान नहीं देते। वहीं रामचंद्र और रमाकांत का कहना है कि कहने को तो धौरहरा सांसद रेखा वर्मा उनकी ग्राम पंचायत मकसूदपुर की निवासी हैं, लेकिन वह अब लखनऊ और दिल्ली में ही रहती हैं। चुनाव जीतने केे बाद उनसे हैंडपंप लगवाने की गुहार की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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प्रधान को नहीं है जानकारी
ग्राम पंचायत मकसूदपुर के प्रधान सुरेंद्र कुमार को इस बस्ती में हैंडपंप न होने की जानकारी नहीं है। वह कहते हैं कि कुएं से ही लोग पानी लेना पसंद करते हैं। कभी किसी ने हैंडपंप के लिए कहा भी नहीं। उनका कहना है कि उन्हें कोई समस्या नहीं लगती।
गांव गदनापुर की एक बस्ती में पानी की समस्या की जानकारी नहीं थी। वह पता कराएंगी और जरूरत के हिसाब से यहां हैंडपंप लगवाए जाएंगे। उनसे कभी किसी ने इस समस्या की बाबत नहीं बताया, क्योंकि क्षेत्र में उन्होंने काफी संख्या में हैंडपंप लगवाए हैं।
रेखा वर्मा, सांसद-धौरहरा।
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बस्ती से दूर लगा है एक हैंडपंप
गांव-गांव तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के जहां इतने दावे किए जा रहे हैं, वहीं जिले के पसगवां ब्लॉक क्षेत्र के गदनापुर गांव के लोग आज भी कुएं के पानी के सहारे हैं। भीषण गर्मी में इस कुएं के पानी का जलस्तर घट रहा है। इसको लेकर गांव वाले चिंतित हैं। हालांकि सांसद रेखा वर्मा इसी गांव की ग्राम पंचायत मकसूदपुर की रहने वाली हैं। गांव वाले कहते हैं कि सांसद इस गांव की ओर ध्यान नहीं देतीं।
ग्राम पंचायत मकसूदपुर के मजरा गांव गदनापुर की आबादी वैसे तो करीब 12 सौ है, लेकिन करीब दो सौ लोगों की बस्ती में एक भी सरकारी हैंडपंप नहीं है, जिससे इस बस्ती के लोगों का एकमात्र सहारा दशकों पहले खुदाई कर बनाया गया कुआं ही है। बस्ती में मजदूर पेशा लोगों के कारण उनकी सामर्थ्य निजी हैंडपंप लगवाने की भी नहीं है। बस्ती निवासी शिवसागर बताते हैं कि उनकी बस्ती के दूसरी तरह एक हैंडपंप लगा है, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण उससे कोई पानी नहीं लेता। एक घर में प्रतिदिन 40 से 50 बाल्टी पानी की जरूरत होती है। अभी इस कुएं से काम चल रहा है, लेकिन इसका पानी लगातार घट रहा है, जिससे अब करीब करीब 35 फुट गहराई में पानी चला गया है, जबकि दो साल पहले तक 15 से 20 फुट नीचे ही पानी मिल जाता था। वह चिंता जताते हुए कहते हैं कि अगले साल तक यह निष्प्रयोज्य हो सकता है। ऐसी दशा में इसी बस्ती के लोगों को पानी कहां से मिलेगा।
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सांसद के गांव का मजरा है गदनापुर
मैकूलाल, मेड़ई, श्रीराम, पिंकू आदि बताते हैं कि प्रधान उनके पक्ष के नहीं हैं, इसलिए वह ध्यान नहीं देते। वहीं रामचंद्र और रमाकांत का कहना है कि कहने को तो धौरहरा सांसद रेखा वर्मा उनकी ग्राम पंचायत मकसूदपुर की निवासी हैं, लेकिन वह अब लखनऊ और दिल्ली में ही रहती हैं। चुनाव जीतने केे बाद उनसे हैंडपंप लगवाने की गुहार की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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प्रधान को नहीं है जानकारी
ग्राम पंचायत मकसूदपुर के प्रधान सुरेंद्र कुमार को इस बस्ती में हैंडपंप न होने की जानकारी नहीं है। वह कहते हैं कि कुएं से ही लोग पानी लेना पसंद करते हैं। कभी किसी ने हैंडपंप के लिए कहा भी नहीं। उनका कहना है कि उन्हें कोई समस्या नहीं लगती।
गांव गदनापुर की एक बस्ती में पानी की समस्या की जानकारी नहीं थी। वह पता कराएंगी और जरूरत के हिसाब से यहां हैंडपंप लगवाए जाएंगे। उनसे कभी किसी ने इस समस्या की बाबत नहीं बताया, क्योंकि क्षेत्र में उन्होंने काफी संख्या में हैंडपंप लगवाए हैं।
रेखा वर्मा, सांसद-धौरहरा।