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हाथियों ने नगरिया झील की फेंसिंग तोड़ी, किसानों की फसलें उजाड़ीं

Fri, 23 Jul 2021 12:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 12:18 AM IST
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Elephants broke the fencing of Nagria lake, destroyed farmers' crops
हाथियों के चिंघाड़ने से ग्रामीणों ने रात जागकर काटी
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बांकेगंज। नेपाल से एक सप्ताह पहले पीलीभीत टाइगर रिजर्व होते हुए किशनपुर सेंक्चुरी के फूटा कुंआ पहुंचे जंगली हाथियों ने इन दिनों दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की जटपुरा बीट के जंगल में डेरा डाला हुआ है। इन जंगली हाथियों ने बुधवार की रात नगरिया झील के चारों ओर लगी फेंसिंग तोड़ दी। पौधों को भी रौंद दिया। किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के चिंघाड़ने से ग्रामीणों ने रात जागकर काटी।
बुधवार को इन जंगली हाथियों ने दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की जटपुरा बीट के जंगल को अपना ठिकाना बनाया था। जहां से शाम करीब पांच बजे हाथियों का यह दल बड़ी नहर और रेल ट्रैक पार कर महुरेना बीट के जंगल में जा पहुंचा। यहां शाम ढलते ही नगरिया झील के आसपास जमकर उत्पात मचाया। इन्होंने झील के चारों ओर लगी फेंसिंग तोड़ दी। पौधे भी उखाड़ फेंके। इसके बाद जंगल से सटे महुरेना पंचायत के पोलगंज में खेतों पर धावा बोल दिया। जहां किसान राम नरेश, खूबलाल, तिलकराम, प्रभात, जगदीश, विजय चौहान, मदन लाल, श्रीराम,राम राम सनेही, बालक राम वर्मा आदि के खेतों में धान और गन्ने की फसल को रौंद कर चौपट कर दिया। हाथियों के चिंघाड़ने की आवाज सुनकर ग्रामीणों को उनकी मौजूदगी का अहसास हुआ। हाथियों के पैरों तले कुचली जाने वाली फसलों की चिंता को लेकर किसानों की आंखों की नींद उड़ गई है। इसके बाद हाथी वहां से चलकर बृहस्पतिवार सवेरे फिर अपने पुराने ठिकाने जटपुरा जंगल पहुंच गए।
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हाथियों के जटपुरा से महुरेना जंगल के बीच सक्रिय होने से रेलवे ट्रैक और नगरिया झील के आसपास खतरा बढ़ गया है। वन कर्मी लगातार हाथियों की निगरानी करने के साथ-साथ ग्रामीणों को जागरूक भी कर रहे हैं। उधर, फसलें रौंदे जाने से परेशान किसानों ने बताया कि जंगल से सटी जमीनों पर खेती-बाड़ी करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। आए दिन नीलगाय समेत अन्य शाकाहारी वन्यजीव जंगल से निकलकर खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाते रहते हैं। अब हाथियों के पैरों तले कुचली जा रहीं उनकी खुशियां और उम्मीदें।
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नेपाल से आए जंगली हाथियों का दल जटपुरा बीट जंगल में डेरा डाले हुए है। रात में हाथियों ने नगरिया झील के आसपास लगी तारों की फेंसिंग,पिलर तोड़ दिए हैं। किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग हाथियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। - डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
नेपाली हाथियों को लेकर वनकर्मियों ने जारी किया अलर्ट
ममरी। नेपाली हाथियों के झुंड के मोहम्मदी रेंज की सीमा के समीप पहुंचते ही वनकर्मियों ने अलर्ट जारी कर मशक्कत करनी शुरु कर दी है।
रेंजर मोबिन आरिफ व फॉरेस्टर जगदीश वर्मा ने बताया कि हाथियों का झुंड अब किसानों की फसलें तहस-नहस करते हुए खुटार रोड से सटे महूरैना नगरिया गांव के पास मोहम्मदी की रेंज की सीमा के समीप पहुंच चुका है, जिससे जंगल से सटे गांव के ग्रामीण दहशत में हैं।

महेशपुर रेंज के वन कर्मी व एसटीपीएफ के जवान ग्रामीणों के साथ खुटार रोड पर हाथियों को वापस लौटाने की मशक्कत में लगे हैं। कोई पीपा और ड्रम पीट रहा है तो कोई पटाखे दगा रहा है। किसानों का कहना है कि हाथियों का झुंड रोड पार कर यदि सहजनिया जंगल में प्रवेश कर गया तो उनके खेतों में खड़ी गन्ना, धान, मक्का आदि की फसलें बर्बाद कर डालेंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से ठोस कदम उठाने की मांग की है। हाथियों के आगे जालीदार ट्रैक्टर भी नाकाम साबित हो रहे हैं। संवाद
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