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मौत की लकीर बनीं जंगल की सड़कें
लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 18 Jan 2015 11:44 PM IST
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जंगल के बीच से होकर गुजरने वाली सड़कें जंगली जानवरों के लिए मौत की लकीर साबित हो रही हैं। तेज रफ्तार वाहनों के नीचे अब तक दर्जनों वन्यजीव कुचल कर मर चुके हैं। केवल सड़कें ही नहीं जंगल के बीच से निकली रेलवे लाइन भी जंगली जानवरों के लिए काल साबित हो रही है। ट्रेन से कटकर मरने वाले जानवरों की संख्या भी सड़क हादसों से कम नहीं है।
नहीं पालन हो रहा गति सीमा का पालन
जंगल से होकर गुजरने वाली सड़कों पर तीस किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से वाहन चलाने पर रोक है। इस गति सीमा का पालन नहीं हो रहा है। स्पीड पर नियंत्रण के लिए जंगल में सड़क किनारे स्पीड चेक पोस्ट बनाए गए हैं। चेक पोस्ट तो बने हैं लेकिन शायद ही वहां कोई कर्मचारी मौजूद रहता हो।
उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क वीके सिंह ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति पार्क प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किशनपुर सेक्चुअरी के जंगल में करीब बारह-तेरह किलोमीटर रोड है। इस पर पहले से ही स्पीड चेक पोस्ट बैरियर हैं। अब यहां स्पीड चेक पोस्ट बैरियरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। वन्यजीव क्षेत्र में निर्धारित 30 किमी प्रति घंटा की गति से अधिक गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस क्षेत्र में रोड से गुजरने वाले वाहनों के नंबर रजिस्टर में दर्ज करने के काम में पहले से ज्यादा सख्ती की जाएगी।
हादसों पर एक नजर
. वर्ष 1997 में किशनपुर सेक्चुअरी में सड़क क्रास करते समय एक बाघ अज्ञात वाहन की चपेट में आकर मरा।
. अप्रैल 2006 में एक तेंदुआ तेज रफ्तार बस के नीचे आ गया। इससे उसकी मौत हो गई।
. वर्ष 2011 में पुवायां रेंज में सड़क हादसे में बाघ मरा।
. वर्ष 2011 में ही भीरा-पलिया रोड पर सड़क हादसे में एक बाघ की मौत हो गई। शव कई दिन बाद मिला।
. वर्ष 2012 में महुरेना जंगल में सड़क हादसे में एक बाघ की मौत हो गई। शव कई दिन बाद मिला।
दो माह में एक बाघ और दो तेंदुओं की मौत
. छह दिसंबर 2014 को शारदानगर रेंज के लौकिहा गांव स्थित एक गन्ने के खेत में तेंदुए का शव बरामद हुआ। उसका एक पैर कटा था।
. खीरी ब्रांच नहर में एक बाघ का शव उतराता पाया गया। इसे बक्खारी गांव के पास से बरामद किया गया।
. 17 दिसंबर की रात मैलानी रेंज में भीरा-पलिया रोड पर कुरियानी गांव के पास तेज रफ्तार वाहन से तेंदुए की मौके पर मौत।
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नहीं पालन हो रहा गति सीमा का पालन
जंगल से होकर गुजरने वाली सड़कों पर तीस किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से वाहन चलाने पर रोक है। इस गति सीमा का पालन नहीं हो रहा है। स्पीड पर नियंत्रण के लिए जंगल में सड़क किनारे स्पीड चेक पोस्ट बनाए गए हैं। चेक पोस्ट तो बने हैं लेकिन शायद ही वहां कोई कर्मचारी मौजूद रहता हो।
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उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क वीके सिंह ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति पार्क प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किशनपुर सेक्चुअरी के जंगल में करीब बारह-तेरह किलोमीटर रोड है। इस पर पहले से ही स्पीड चेक पोस्ट बैरियर हैं। अब यहां स्पीड चेक पोस्ट बैरियरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी। वन्यजीव क्षेत्र में निर्धारित 30 किमी प्रति घंटा की गति से अधिक गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस क्षेत्र में रोड से गुजरने वाले वाहनों के नंबर रजिस्टर में दर्ज करने के काम में पहले से ज्यादा सख्ती की जाएगी।
हादसों पर एक नजर
. वर्ष 1997 में किशनपुर सेक्चुअरी में सड़क क्रास करते समय एक बाघ अज्ञात वाहन की चपेट में आकर मरा।
. अप्रैल 2006 में एक तेंदुआ तेज रफ्तार बस के नीचे आ गया। इससे उसकी मौत हो गई।
. वर्ष 2011 में पुवायां रेंज में सड़क हादसे में बाघ मरा।
. वर्ष 2011 में ही भीरा-पलिया रोड पर सड़क हादसे में एक बाघ की मौत हो गई। शव कई दिन बाद मिला।
. वर्ष 2012 में महुरेना जंगल में सड़क हादसे में एक बाघ की मौत हो गई। शव कई दिन बाद मिला।
दो माह में एक बाघ और दो तेंदुओं की मौत
. छह दिसंबर 2014 को शारदानगर रेंज के लौकिहा गांव स्थित एक गन्ने के खेत में तेंदुए का शव बरामद हुआ। उसका एक पैर कटा था।
. खीरी ब्रांच नहर में एक बाघ का शव उतराता पाया गया। इसे बक्खारी गांव के पास से बरामद किया गया।
. 17 दिसंबर की रात मैलानी रेंज में भीरा-पलिया रोड पर कुरियानी गांव के पास तेज रफ्तार वाहन से तेंदुए की मौके पर मौत।