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नकली नोट बरामदगी के मामले में तीन को सजा
लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 10 Feb 2016 11:17 PM IST
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नकली नोट बरामदगी के मामले में विशेष एडीजे हाजी अशरफ अंसारी ने तीन आरोपियों को दोषी पाया है। दोषी तीनों आरोपियों को अदालत ने चार-चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रामस्वरूप वर्मा ने बताया दस दिसंबर 2005 को खीरी थाने की पुलिस ने ओयल कस्बे में गश्त के दौरान तीन संदिग्ध आरोपियों को नकली नोट के साथ पकड़ा था। आरोप है कि कस्बे के गांव मोतीपुर निवासी नीरप्रकाश अवस्थी और हरगंाव थाना क्षेत्र के भीखमपुर निवासी विनोद कुमार को 100-100 के तीन नकली नोट बरामद हुए थे। जबकि तीसरे साथी कृष्ण कुमार उर्फ बब्लू निवासी ललवापुर थाना खीरी के पास 100 के चार नकली नोट मिले थे। अदालत में अभियोजन केस साबित करने के लिए तत्कालीन एसओ बडेलाल यादव, एसआई धर्मराज उपाध्याय, राजप्रताप सिंह, मुकेश पांडेय, सुनील कुमार की गवाही दर्ज कराई गई। सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध पाते हुए चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रामस्वरूप वर्मा ने बताया दस दिसंबर 2005 को खीरी थाने की पुलिस ने ओयल कस्बे में गश्त के दौरान तीन संदिग्ध आरोपियों को नकली नोट के साथ पकड़ा था। आरोप है कि कस्बे के गांव मोतीपुर निवासी नीरप्रकाश अवस्थी और हरगंाव थाना क्षेत्र के भीखमपुर निवासी विनोद कुमार को 100-100 के तीन नकली नोट बरामद हुए थे। जबकि तीसरे साथी कृष्ण कुमार उर्फ बब्लू निवासी ललवापुर थाना खीरी के पास 100 के चार नकली नोट मिले थे। अदालत में अभियोजन केस साबित करने के लिए तत्कालीन एसओ बडेलाल यादव, एसआई धर्मराज उपाध्याय, राजप्रताप सिंह, मुकेश पांडेय, सुनील कुमार की गवाही दर्ज कराई गई। सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध पाते हुए चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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