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युवती से हड़पे छह लाख
अमर उजाला ब्यूरो गोला गोकर्णनाथ।
Updated Tue, 03 Jan 2017 11:16 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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माता- पिता की मौत के बाद बेरोजगार बेटी ने लिया था ऋण
डीएम के आदेश पर जांच के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
तीन माह के बाद भी अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं
माता-पिता की मौत के बाद बेरोजगार बेटी का प्रधानमंत्री रोजगार योजना में जिला उद्योग केंद्र से स्वीकृति छह लाख रुपये के बैंक ड्राफ्ट का धन उद्योग केंद्र और दलाल ने हड़प लिया। डीएम के आदेश पर हुई जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। तीन माह निकल गए, लेकिन पुलिस अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
जिले के संपूर्णानगर निवासी कुमारी नीता ने लघु उद्योग लगाने का इश्तहार पढ़कर लखीमपुर में राजलक्ष्मण कॉलोनी के निकट मंगला इंडस्ट्रीज में मनोज से संपर्क किया। मनोज ने नीता को जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के प्रधान सहायक बेगू सिंह उर्फ बेगराज से मिलवाया। बेगराज ने तीन प्रतिशत कमीशन मांगा, जो उन्हें नीता ने दे दिया। मनोज ने मैसर्स जेएमडी मशीनरी स्टोर लखीमपुर का कोटेशन बनवाकर बैंक में दाखिल करवा दिया। ऋण स्वीकृत कर फाइल संपूर्णानगर स्थित इलाहाबाद बैंक भेज दी गई। इसके बाद बैंक ने नीता को छह लाख रुपये का बैंक ड्राफ्ट मेसर्स जेएमडी मशीनरी स्टोर लखीमपुर का दिया, जो मनोज ने नीता से ले लिया लेकिन उसे नई मशीनों के बजाय दो पुरानी मशीनें दे दीं, जबकि जनरेटर और तीन मशीनों सहित कोई प्रपत्र उसे नहीं दिए। शिकायत करने पर उद्योग केंद्र के कर्मी बेगराज ने नीता को धमकियां दीं।
इस पर पीड़िता ने डीएम आकाशदीप को प्रार्थनापत्र दिया तो उन्होंने जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त को जांच के आदेश दिए। जांच सहायक आयुक्त उद्योग शकील अहमद ने की। जिसमें उन्होंने मेसर्स जेएमडी मशीनरी स्टोर फर्म को पूर्णत: फर्जी करार देकर केंद्र के प्रधान सहायक बेगू सिंह और मनोज कुमार पर संदेह प्रकट किया।
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पुलिस पर लगाया आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप
डीएम आकाशदीप के आदेश पर संपूर्णानगर थाने में आठ अक्तूबर को धारा 420, 406, 504 के तहत बेगराज और मनोज कुमार के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। दर्ज मुकदमे की तहरीर में तीन प्रतिशत कमीशन लेना लिखा होने के बावजूद भ्रष्टाचार की धारा 162,163 और फर्ज फर्म के नाम से कोटेशन बनाने की धारा 464 नहीं लगाई गई। नीता ने एसपी को दिए गए प्रार्थनापत्र में लिखा है कि आरोपी मनोज ने दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की थी जो पांच दिसंबर को खारिज हो चुकी है। आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी करने की जगह उन्हें संरक्षण दे रही है।
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डीएम के आदेश पर जांच के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
तीन माह के बाद भी अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं
माता-पिता की मौत के बाद बेरोजगार बेटी का प्रधानमंत्री रोजगार योजना में जिला उद्योग केंद्र से स्वीकृति छह लाख रुपये के बैंक ड्राफ्ट का धन उद्योग केंद्र और दलाल ने हड़प लिया। डीएम के आदेश पर हुई जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। तीन माह निकल गए, लेकिन पुलिस अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
जिले के संपूर्णानगर निवासी कुमारी नीता ने लघु उद्योग लगाने का इश्तहार पढ़कर लखीमपुर में राजलक्ष्मण कॉलोनी के निकट मंगला इंडस्ट्रीज में मनोज से संपर्क किया। मनोज ने नीता को जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के प्रधान सहायक बेगू सिंह उर्फ बेगराज से मिलवाया। बेगराज ने तीन प्रतिशत कमीशन मांगा, जो उन्हें नीता ने दे दिया। मनोज ने मैसर्स जेएमडी मशीनरी स्टोर लखीमपुर का कोटेशन बनवाकर बैंक में दाखिल करवा दिया। ऋण स्वीकृत कर फाइल संपूर्णानगर स्थित इलाहाबाद बैंक भेज दी गई। इसके बाद बैंक ने नीता को छह लाख रुपये का बैंक ड्राफ्ट मेसर्स जेएमडी मशीनरी स्टोर लखीमपुर का दिया, जो मनोज ने नीता से ले लिया लेकिन उसे नई मशीनों के बजाय दो पुरानी मशीनें दे दीं, जबकि जनरेटर और तीन मशीनों सहित कोई प्रपत्र उसे नहीं दिए। शिकायत करने पर उद्योग केंद्र के कर्मी बेगराज ने नीता को धमकियां दीं।
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इस पर पीड़िता ने डीएम आकाशदीप को प्रार्थनापत्र दिया तो उन्होंने जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त को जांच के आदेश दिए। जांच सहायक आयुक्त उद्योग शकील अहमद ने की। जिसमें उन्होंने मेसर्स जेएमडी मशीनरी स्टोर फर्म को पूर्णत: फर्जी करार देकर केंद्र के प्रधान सहायक बेगू सिंह और मनोज कुमार पर संदेह प्रकट किया।
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पुलिस पर लगाया आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप
डीएम आकाशदीप के आदेश पर संपूर्णानगर थाने में आठ अक्तूबर को धारा 420, 406, 504 के तहत बेगराज और मनोज कुमार के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। दर्ज मुकदमे की तहरीर में तीन प्रतिशत कमीशन लेना लिखा होने के बावजूद भ्रष्टाचार की धारा 162,163 और फर्ज फर्म के नाम से कोटेशन बनाने की धारा 464 नहीं लगाई गई। नीता ने एसपी को दिए गए प्रार्थनापत्र में लिखा है कि आरोपी मनोज ने दर्ज एफआईआर रद्द करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की थी जो पांच दिसंबर को खारिज हो चुकी है। आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी करने की जगह उन्हें संरक्षण दे रही है।