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चार लोगों को पांच-पांच साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 07 Jan 2017 12:04 AM IST
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jail
फसल नष्ट करने से रोका तो किया था हमला
जुर्माने की रकम में आधी पीड़ित पक्ष को मिलेगी
फसल को नष्ट करने से मना करने पर दो ग्रामीणों को हमलाकर मरणासन्न कर देने के मामले में विशेष एडीजे बाबूराम ने चार हमलावरों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने चारों पर साढ़े दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी संजय सिंह ने बताया कि फूलबेहड थाना क्षेत्र के ग्राम गड़रियनपुरवा निवासी सुरेंद्र के खेत में घुइया की फसल लगी थी। 20 मई 2013 की सुबह सात बजे गांव का ही रामू अपने साथी रमेश, मुरली और प्रदीप के साथ पहुंचकर फसल को नष्ट करने लगा। आरोप है कि जब सुरेंद्र और उसके भाई संजय ने ऐसा करने से रोका तो रामू ने कुदाल से हमला बोल दिया जबकि उसके साथी रमेश मुरली और प्रदीप ने लाठी डंडों से पिटाई कर सुरेंद्र और उसके भाई संजय को पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। अदालत में अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता संजय सिंह ने सुरेंद्र, संजय, शंकरलाल, डॉ.पीके गंगवार, अल्ताफ हुसैन, एसआई चंडी प्रसाद बहुगुणा, फार्मासिस्ट राकेश गुप्ता की गवाही पेश की। अदालत ने सुनवाई के बाद सभी चारों हमलावरों को दोषी पाते हुए पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही विभिन्न धाराओं में सभी चारों पर साढे़ दस-दस हजार रुपये का जुर्माना डाला है। साथ ही कोर्ट ने अपने फैसले में यह व्यवस्था दी है कि वसूले गए जुर्माना में से आधी रकम पीड़ित पक्ष को बतौर मुआवजा अदा की जाए।
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जुर्माने की रकम में आधी पीड़ित पक्ष को मिलेगी
फसल को नष्ट करने से मना करने पर दो ग्रामीणों को हमलाकर मरणासन्न कर देने के मामले में विशेष एडीजे बाबूराम ने चार हमलावरों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने चारों पर साढ़े दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी संजय सिंह ने बताया कि फूलबेहड थाना क्षेत्र के ग्राम गड़रियनपुरवा निवासी सुरेंद्र के खेत में घुइया की फसल लगी थी। 20 मई 2013 की सुबह सात बजे गांव का ही रामू अपने साथी रमेश, मुरली और प्रदीप के साथ पहुंचकर फसल को नष्ट करने लगा। आरोप है कि जब सुरेंद्र और उसके भाई संजय ने ऐसा करने से रोका तो रामू ने कुदाल से हमला बोल दिया जबकि उसके साथी रमेश मुरली और प्रदीप ने लाठी डंडों से पिटाई कर सुरेंद्र और उसके भाई संजय को पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। अदालत में अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता संजय सिंह ने सुरेंद्र, संजय, शंकरलाल, डॉ.पीके गंगवार, अल्ताफ हुसैन, एसआई चंडी प्रसाद बहुगुणा, फार्मासिस्ट राकेश गुप्ता की गवाही पेश की। अदालत ने सुनवाई के बाद सभी चारों हमलावरों को दोषी पाते हुए पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही विभिन्न धाराओं में सभी चारों पर साढे़ दस-दस हजार रुपये का जुर्माना डाला है। साथ ही कोर्ट ने अपने फैसले में यह व्यवस्था दी है कि वसूले गए जुर्माना में से आधी रकम पीड़ित पक्ष को बतौर मुआवजा अदा की जाए।
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