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जांच करने पहुंचे राजस्वकर्मी
निघासन
Updated Tue, 24 Mar 2015 11:22 PM IST
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ग्राम पंचायत छेदुई पतिया के मजरा टापरपुरवा में किसान के आत्महत्या करने के मामले में मंगलवार को नायब तहसीलदार और लेखपाल जांच करने गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार वालों को किसान दुर्घटना बीमा योजना से पैसा दिलाने का आश्वासन दिया।
मृतक लखई की पत्नी चंद्र्रवती और बड़े बेटे राजेश ने बताया कि छोटे बेटे रामरहीस की शादी के लिए फरवरी 2014 में लखई ने गांव के अलग-अलग तीन लोगों से 45 हजार रुपया कर्ज लिया था। चंद्र्रवती के अनुसार कर्ज देने वाले लोग अदायगी के लिए उसे परेशान नहीं कर रहे थे, लेकिन कर्ज अदा करने की चिंता उसे खाए जा रही थी। इससे वह कुछ दिनों से काफी परेशान था।
लखई की मौत के बाद नायब तहसीलदार रामनरायन और लेखपाल साहबलाल सोमवार की रात उस समय गांव पहुंचे जब परिवार के लोग लखई का शव पोस्टमार्टम के लिए लेकर जिला मुख्यालय गए थे। आरोप है कि जांच अधिकारी ने बिना कुछ जानकारी लिए ही किसान दुघर्टना बीमा और पारिवारिक लाभ के फार्म भरकर जल्दी ही सहायता देने का आश्वासन दिया और चले गए।
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नायब तहसीलदार रामनरायन के अनुसार जांच के दौरान गांव और परिवार के कुछ लोग मिले थे। उन्होंने बीमारी की बात बताई थी। यदि निजी तौर पर लखई ने कोई कर्ज लिया था तो तहसील प्रशासन कुछ नहीं कर सकता।
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मृतक लखई की पत्नी चंद्र्रवती और बड़े बेटे राजेश ने बताया कि छोटे बेटे रामरहीस की शादी के लिए फरवरी 2014 में लखई ने गांव के अलग-अलग तीन लोगों से 45 हजार रुपया कर्ज लिया था। चंद्र्रवती के अनुसार कर्ज देने वाले लोग अदायगी के लिए उसे परेशान नहीं कर रहे थे, लेकिन कर्ज अदा करने की चिंता उसे खाए जा रही थी। इससे वह कुछ दिनों से काफी परेशान था।
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लखई की मौत के बाद नायब तहसीलदार रामनरायन और लेखपाल साहबलाल सोमवार की रात उस समय गांव पहुंचे जब परिवार के लोग लखई का शव पोस्टमार्टम के लिए लेकर जिला मुख्यालय गए थे। आरोप है कि जांच अधिकारी ने बिना कुछ जानकारी लिए ही किसान दुघर्टना बीमा और पारिवारिक लाभ के फार्म भरकर जल्दी ही सहायता देने का आश्वासन दिया और चले गए।
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नायब तहसीलदार रामनरायन के अनुसार जांच के दौरान गांव और परिवार के कुछ लोग मिले थे। उन्होंने बीमारी की बात बताई थी। यदि निजी तौर पर लखई ने कोई कर्ज लिया था तो तहसील प्रशासन कुछ नहीं कर सकता।