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सीमा पर मिली किशोरी को एसएसबी ने नेपाल पुलिस को सौंपा
Updated Mon, 09 Apr 2018 08:35 PM IST
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एसएसबी ने किशोरी को नेपाल पुलिस को सौंपा
नेपाली युवक काम दिलाने की बात कहकर ले जा रहा था उत्तराखंड
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
एसएसबी जवानों ने रविवार शाम ककरौला पोस्ट पर एक नेपाली युवक के साथ भारत आ रही एक किशोरी को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान किशोरी को काम दिलाने के लिए उत्तराखंड ले जाने का मामला प्रकाश में आया। अधिकारियों ने युवक और किशोरी को नेपाली पुलिस के हवाले कर दिया।
नेपाल बार्डर स्थित तृतीय वाहिनी की ककरौला चौकी प्रभारी निरीक्षक उत्तम कौशिक ने बताया कि रविवार को गश्ती दल ने तिकुनिया मार्ग पर नेपाल से भारत आ रहे एक नेपाली युवक और किशोरी से जब पूछताछ की तो मामला संदिग्ध मिला। पूछताछ में युवक ने अपना नाम कमल और किशोरी ने पुष्पा पुत्री धनसिंह घारती निवासी गांव बबिनया जिला कैलाली नेपाल का होना बताया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों से अलग-अलग पूछताछ करने पर उनके बयान अलग मिले। किशोरी ने बताया कि कमल उसे भीमताल में काम दिलाने के लिए उत्तराखंड लेकर जा रहा था। जवानों ने युवक और किशोरी को नेपाली पुलिस की मौजूदगी में नेपाली एनजीओ के सुपुर्द कर दिया। इस मौके पर उपनिरीक्षक मनमोहन सिंह, अनिल सिंह, मुख्य आरक्षी अंशुल कुमार, प्रताप चौधरी, रामनिवास, प्रदीप कुमार मौजूद रहे।
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नेपाली युवक काम दिलाने की बात कहकर ले जा रहा था उत्तराखंड
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
एसएसबी जवानों ने रविवार शाम ककरौला पोस्ट पर एक नेपाली युवक के साथ भारत आ रही एक किशोरी को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान किशोरी को काम दिलाने के लिए उत्तराखंड ले जाने का मामला प्रकाश में आया। अधिकारियों ने युवक और किशोरी को नेपाली पुलिस के हवाले कर दिया।
नेपाल बार्डर स्थित तृतीय वाहिनी की ककरौला चौकी प्रभारी निरीक्षक उत्तम कौशिक ने बताया कि रविवार को गश्ती दल ने तिकुनिया मार्ग पर नेपाल से भारत आ रहे एक नेपाली युवक और किशोरी से जब पूछताछ की तो मामला संदिग्ध मिला। पूछताछ में युवक ने अपना नाम कमल और किशोरी ने पुष्पा पुत्री धनसिंह घारती निवासी गांव बबिनया जिला कैलाली नेपाल का होना बताया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों से अलग-अलग पूछताछ करने पर उनके बयान अलग मिले। किशोरी ने बताया कि कमल उसे भीमताल में काम दिलाने के लिए उत्तराखंड लेकर जा रहा था। जवानों ने युवक और किशोरी को नेपाली पुलिस की मौजूदगी में नेपाली एनजीओ के सुपुर्द कर दिया। इस मौके पर उपनिरीक्षक मनमोहन सिंह, अनिल सिंह, मुख्य आरक्षी अंशुल कुमार, प्रताप चौधरी, रामनिवास, प्रदीप कुमार मौजूद रहे।
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