UP: पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा व उनके बेटे आशीष पर मुकदमा दर्ज, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई एफआईआर
आशीष मिश्रा उर्फ मोनू, उनके पिता पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी और निघासन ब्लॉक प्रमुख पति अमनदीप सिंह के खिलाफ पढुआ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। गवाह बलजिंदर सिंह का आरोप है कि 15 अगस्त 2023 को अमनदीप सिंह उसके घर पहुंचे और गवाही बदलने का दबाव बनाया था।
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लखीमपुर खीरी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तिकुनिया हिंसा कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा उर्फ मोनू, उनके पिता व पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी और निघासन ब्लॉक प्रमुख हरप्रीत कौर के पति अमनदीप सिंह के खिलाफ पढुआ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन सभी पर चश्मदीद गवाह बलजिंदर सिंह को धमकाने और गवाही प्रभावित करने का आरोप है।
गवाह का आरोप है कि 15 अगस्त, 2023 को अमनदीप सिंह उनके घर पहुंचे और गवाही बदलने का दबाव बनाया। मना करने पर धमकी दी और रुपयों का लालच भी दिया। यह पूरी घटना उन्होंने अपने फोन में रिकॉर्ड कर ली। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में वीडियो रिकॉर्डिंग पेश की गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने चार अक्तूबर को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ये है मामला
तीन अक्तूबर, 2021 को तिकुनिया में कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। चार किसानों, एक पत्रकार और तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी। इस मामले में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। पहला मुकदमा आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था। उन पर आरोप है कि ये लोग फायरिंग करते हुए थार गाड़ी से किसानों को रौंदते हुए निकल गए थे। दूसरा मुकदमा भाजपा कार्यकर्ता सुमित जायसवाल की ओर से किसानों के खिलाफ दर्ज कराया गया था।
धमकी मिलने पर छोड़ना पड़ा था घर
तिकुनिया हिंसा कांड के गवाह पढुआ थाना क्षेत्र के भैरमपुर निवासी बलजिंदर सिंह ने बताया कि मुकदमे में गवाही बदलने की धमकी मिलने के बाद उन्हें अपना घर तक छोड़ना पड़ा था। वह काफी दिन तक इधर-इधर रहे। फिर ससुराल में जाकर बसे। उनका कहना है कि न्याय व्यवस्था पर उन्हें भरोसा था।
बलजिंदर ने बताया कि 3 अक्तूबर, 2021 को हुए तिकुनिया हिंसा मामले में उनकी अक्तूबर 2023 में गवाही होनी थी। इससे पहले 15 अगस्त 2023 को निघासन ब्लॉक प्रमुख हरप्रीत कौर के पति अमनदीप सिंह ने उन्हें उनके घर आकर गवाही बदलने का दबाव डाला। न सिर्फ रुपये लेने का लालच दिया, बल्कि धमकाया भी।
बलजिंदर इतना डर गए कि वह अपनी ससुराल पतरासी थाना शारदा नगर में जाकर रहने लगे। इसके बाद भी अमनदीप में उनकी ससुराल जाकर उन्हें धमकाया और एक लाख रुपये लेने का लालच दिया, तब बलजिंदर सिंह अपनी खेती-बाड़ी की जमीन ठेके पर देखकर पंजाब चले गए थे।
पुलिस ने दर्ज नहीं की थी रिपोर्ट
तिकुनिया हिंसा कांड मामले में गवाह बलजिंदर सिंह ने अगस्त 2023 में ही घटना की जानकारी पढ़ुवा थाने में दी थी, लेकिन गांव बैरिया में थाना निघासन की पुलिस ने धमकियां देने वाले की खोजबीन करने के बजाय उसे ही धमकाना और परेशान करना शुरू कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि धमकाने की वीडियो क्लिप देने के बावजूद उसकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई थी मामले में पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत दी गई थी।
आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने उल्टे उस पर दबाव बनाया तो वह पंजाब चला गया था, लेकिन पुलिस बार बार उसे लखीमपुर बुला रही थी, सुप्रीम कोर्ट में शिकायत पेश होने के बाद सीओ निघासन पंजाब गए थे वहां से गवाह बलजिंदर सिंह से मोबाइल सेट और पेन ड्राइव में वीडियो क्लिप भी लाए थे।