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Lakhimpur Kheri News: गोशालाओं में पशुओं की बेकद्री
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लखीमपुर खीरी। जिले में चल रही गोशालाओं में किस तरह से गोवंश पशुओं की देखभाल की जा रही है, इसकी बानगी भानपुर की गोशाला का वायरल वीडियो बयां कर रही है। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि जिंदा पशुओं पर तिरपाल डालकर उन्हें मरने के छोड़ दिया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने एकाध कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया लेकिन संचालित हो रहे ज्यादातर गोशालाओं में अब भी खाने पीने की व्यवस्था नहीं है।
शहर में संचालित हो रही गौशाला का जिम्मा नगर पालिका का होता है जबकि ग्रामीण स्तर पर गौशालाओं की जिम्मेदारी बीडीओ की होती है। गोशालाओं में पशुओं के रहने, खाने-पीने और अन्य तमाम तरह की सुविधाओं के लिए लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं लेकिन गोवंशों को न पर्याप्त चारा मिल रहा है और न पानी। इसी के चलते तमाम गोवंशीय पशुओं की मौत भी हो जाती है। इससे पहले अधिकारी मामले का संज्ञान लें, कर्मचारी पशुओं को दफन देते हैं।
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इससे पहले भी सामने आ चुकी है बदइंतजामी
लोगों का कहना है कि यदि खबरों और वायरल वीडियो का ही प्रशासन संज्ञान ले लेता तो शायद आज भानपुर में 14 गोवंशीय पशुओं की मौत जैसी घटना नहीं होती। फिलहाल मौजूदा समय में जिले में संचालित हो रही 101 गोशालाओं में 27229 पशुओं को संरक्षित किया गया है। ज्यादातर गोशालाओं में क्षमता से अधिक पशुओं को संरक्षित किया जा रहा है।
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प्रशासनिक अधिकारियों ने एकाध कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया लेकिन संचालित हो रहे ज्यादातर गोशालाओं में अब भी खाने पीने की व्यवस्था नहीं है।
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शहर में संचालित हो रही गौशाला का जिम्मा नगर पालिका का होता है जबकि ग्रामीण स्तर पर गौशालाओं की जिम्मेदारी बीडीओ की होती है। गोशालाओं में पशुओं के रहने, खाने-पीने और अन्य तमाम तरह की सुविधाओं के लिए लाखों रुपये खर्च किये जा रहे हैं लेकिन गोवंशों को न पर्याप्त चारा मिल रहा है और न पानी। इसी के चलते तमाम गोवंशीय पशुओं की मौत भी हो जाती है। इससे पहले अधिकारी मामले का संज्ञान लें, कर्मचारी पशुओं को दफन देते हैं।
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इससे पहले भी सामने आ चुकी है बदइंतजामी
लोगों का कहना है कि यदि खबरों और वायरल वीडियो का ही प्रशासन संज्ञान ले लेता तो शायद आज भानपुर में 14 गोवंशीय पशुओं की मौत जैसी घटना नहीं होती। फिलहाल मौजूदा समय में जिले में संचालित हो रही 101 गोशालाओं में 27229 पशुओं को संरक्षित किया गया है। ज्यादातर गोशालाओं में क्षमता से अधिक पशुओं को संरक्षित किया जा रहा है।