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मारपीट में घायल हुए युवक की मौत

Sat, 06 Jul 2019 02:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jul 2019 02:56 AM IST
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boy deid after beaten by villegers
पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव उसिया में गुरुवार शाम मामूली कहासुनी में हुई मारपीट में घायल युवक की शुक्रवार को मौत हो गई। दो थानों की की कार्रवाई के बीच इलाज में लापरवाही न होती तो शायद उसकी जान बच सकती थी। चौकी इंचार्ज ने कहा सदर कोतवाली जाओ और अस्पताल में डॉक्टरों ने कहा पहले रिपोर्ट दर्ज कराओ, इसी बीच युवक की जान चली गई।
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गांव उसिया पुरवा निवासी राजकिशोर (24) पुत्र मैकू लाल बृहस्पतिवार शाम गांव में एक खोखे पर खड़ा था। वहां किसी बात को लेकर गांव के ही मुकुंद और अशोक पुत्र जगदीश से कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर दोनों में मारपीट हो गई। मारपीट में राजकिशोर को गंभीर चोटें आईं। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच बचाव कर दोनों पक्षों को शांत करा दिया। शुक्रवार सुबह राजकिशोर की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे अस्पताल लाया गया। यहां डाक्टरों ने पहले रिपोर्ट दर्ज कराने और उसके बाद इलाज करने की बात कही। इस पर वह लोग घायल राजकिशोर को लेकर पुलिस चौकी शारदा नगर दोपहर में पहुंचे। चौकी इंचार्ज शारदानगर महेश गंगवार ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने और घायल को ले जाकर अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए कहा। इस पर घर वाले उसे फिर लखीमपुर ला रहे थे। इसी बीच रास्ते में राजकिशोर की मौत हो गई। परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। उधर मौत की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक सदर फतेह सिंह और चौकी इंचार्ज गांव पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक फतेह सिंह ने बताया कि अभी घटना की तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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इलाज मिल जाता तो शायद बच जाती जान
गांव उसिया निवासी राजकिशोर की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। घर वालों का कहना है कि सुबह हालत बिगड़ने पर जब परिवार के लोग राजकिशोर को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टर ने बिना रिपोर्ट दर्ज हुए इलाज करने से मना कर दिया। उन्हें जानकारी नहीं थी कि रिपोर्ट सदर कोतवाली में दर्ज होगी। यदि यह पता होता तो वह राजकिशोर को पुलिस चौकी नहीं लाते और कोतवाली में ही तहरीर दे देते। मैकूलाल कहते हैं कि यदि उनके बेटे को सही समय से इलाज मिल जाता तो शायद जान बच जाती।
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मामले की जानकारी नहीं है। यदि कोई शिकायती मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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